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UP: साइबर ठगों के जाल में फंसे सिपाही, कारोबारी और किसान; रिश्तेदारों के नाम पर खोले म्यूल खाते
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 09 Apr 2026 04:00 PM IST
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सार
कानपुर पुलिस ने साइबर ठग गिरोह का राजफाश किया है। साइबर ठगों के जाल में सिपाही, कारोबारी और किसान फंसे थे। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 16 शिकायतें दर्ज की गई है। कुछ की जांच जारी
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कानपुर में साइबर अपराधियों के जाल में महिलाएं, किसान, छात्र ही नहीं उन्नाव का एक सिपाही भी फंस गया। सभी से आरोपियों ने ठगी कर रुपये वसूले हैं। उनको किसी से भी शिकायत न करने की धमकी दी गई थी।
पुलिस को 16 शिकायतों के बारे में पता चला है। यह हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की गई थीं जिसकी प्राथमिकी उनके जिले में दर्ज हुई हैं। नेशनल साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने रेउना क्षेत्र में सक्रिय 289 संदिग्ध मोबाइल नंबरों के बारे में सूचना दी। साइबर क्राइम ब्रांच ने इन नंबरों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि साइबर अपराधियों ने कानपुर ही नहीं राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक समेत अन्य राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया। उन्हें किसी न किसी तरीके से डराया, धमकाया और रुपये वसूले गए। रुपये निकलने के बाद पीड़िताें ने 1930 पर कॉल की थी। इसकी रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने भेजी है।
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पुलिस को 16 शिकायतों के बारे में पता चला है। यह हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की गई थीं जिसकी प्राथमिकी उनके जिले में दर्ज हुई हैं। नेशनल साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने रेउना क्षेत्र में सक्रिय 289 संदिग्ध मोबाइल नंबरों के बारे में सूचना दी। साइबर क्राइम ब्रांच ने इन नंबरों की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि साइबर अपराधियों ने कानपुर ही नहीं राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक समेत अन्य राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया। उन्हें किसी न किसी तरीके से डराया, धमकाया और रुपये वसूले गए। रुपये निकलने के बाद पीड़िताें ने 1930 पर कॉल की थी। इसकी रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने भेजी है।
राजस्थान के सीकर जिले के चिराग दीवान से अश्लील वीडियो देखने के नाम पर सात लाख 15 हजार ठगे गए। उन्नाव पुलिस लाइन के सिपाही विशाल यादव को ऑनलाइन गेम खेलने की धमकी देकर दो लाख रुपये वसूले। झांसी के गगन से 99 हजार, दुर्ग के कमलेश्वर से 31 हजार, गाजीपुर की पूनम से 12.5 हजार, बांदा की नम्रता से छह हजार रुपये वसूले गए।
रिश्तेदारों के नाम पर खोले म्यूल खाते
अपर पुलिस उपायुक्त विशेष अभियान समूह सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि साइबर अपराधियों ने रिश्तेदारों के नाम पर म्यूल खाते खोले थे। उनकी पासबुक, चेकबुक उन्हें दे दिए लेकिन एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड स्वयं रखा। उनके खाते में रुपये मंगवाकर कमीशन के नाम पर रुपये डाल देते थे। कई मोबाइल नंबर भी मिले हैं जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया है।
अपर पुलिस उपायुक्त विशेष अभियान समूह सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि साइबर अपराधियों ने रिश्तेदारों के नाम पर म्यूल खाते खोले थे। उनकी पासबुक, चेकबुक उन्हें दे दिए लेकिन एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड स्वयं रखा। उनके खाते में रुपये मंगवाकर कमीशन के नाम पर रुपये डाल देते थे। कई मोबाइल नंबर भी मिले हैं जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया है।
इन गांवों में सक्रिय हैं साइबर अपराधी
पुलिस आयुक्त के मुताबिक रेउना और क्षेत्र के गांवों में साइबर अपराधियों के सक्रिय होने की सूचना मिली है। इसमें लक्ष्मणपुर, रठगांव, मखौली, समाजनगर, पुलंदर, लीलादास का पुरवा, गिरसी, कंधईपुरवा आदि शामिल हैं। दो गांव कानपुर देहात के हैं।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक रेउना और क्षेत्र के गांवों में साइबर अपराधियों के सक्रिय होने की सूचना मिली है। इसमें लक्ष्मणपुर, रठगांव, मखौली, समाजनगर, पुलंदर, लीलादास का पुरवा, गिरसी, कंधईपुरवा आदि शामिल हैं। दो गांव कानपुर देहात के हैं।