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Kanpur: शहर की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डीसीपी साउथ और सेंट्रल को मिलेगा राष्ट्रपति पदक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:41 PM IST
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सार
गणतंत्र दिवस पर पांच पुलिसकर्मियों को महाकुंभ सेवा मेडल व प्रशस्ति पत्र मिलेगा। कानपुर कमिश्नरी के 19 अन्य पुलिसकर्मियों को गोल्ड व सिल्वर प्रशंसा चिह्न मिलेगा।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी व आईपीएस अतुल श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इस बार डीसीपी साउथ और सेंट्रल को राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया जाएगा। इन्हें गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा कमिश्नरी के पांच पुलिसकर्मियों को महाकुंभ सेवा मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं, 19 अन्य पुलिस कर्मियों को गोल्ड व सिल्वर प्रशंसा चिह्न दिए जाएंगे।
भूमाफिया और अपराधियों पर कसा शिकंजा, भेजा जेल
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने अपने कार्यकाल में एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई कार्रवाई की हैं। उन्होंने अधिवक्ता अखिलेश दुबे के साम्राज्य को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। अखिलेश को जेल भेजने के साथ ही दुष्कर्म के झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने का श्रेय भी इन्हीं को है। इसके बाद ऑपरेशन महाकाल में माफिया दीनू उपाध्याय के गुर्गों नारायण भदौरिया, अरिमदन सिंह, दीपक जादौन आदि को जेल भी भिजवाया। शहर की कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान भी उनका साउथ जोन अन्य जोनों की अपेक्षा अव्वल रहता है। मूलरूप से गोरखपुर के रहने वाले आईपीएस अतुल श्रीवास्तव हाल में ही डीसीपी सेंट्रल बनाए गए हैं। सितंबर में रामपुर से शहर तबादला होने के बाद से वह डीसीपी क्राइम का पदभार संभाल रहे थे। अपने कार्यकाल में उन्हाेंने शहर के नामी ज्वैलर्स से जुड़ी फर्म और सिंहानिया समूह के एक कर्मचारी के साथ हुई धोखाधड़ी के आरोपियों की गिरफ्तारी कराई थी। इसके अलावा महाठग रविंद्र नाथ सोनी और कंबोडिया में बैठकर वसूली करने वाले साइबर ठगों के गिरोह के कई सदस्यों को भी गिरफ्तार कराकर सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
इन्हें भी मिला पदक
सेवाभिलेखों के आधार पर आरक्षी चालक और ऑपरेशल कार्यों के लिए दरोगा पवन प्रताप को सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। इंस्पेक्टर लिपिक दिनेश वर्मा और दरोगा प्रमोद कुमार को प्रशंसा चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, सिपाही जितेंद्र कुमार को गोल्ड और 16 लोगों को सिल्वर पदक दिया जाएगा। इनमें इंस्पेक्टर ललित कुमार, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार शर्मा, इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह को दरोगा गौरव, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, अमित फौजदार, बृजेंद्र सिंह, अजय कुमार, दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र तिवारी व सिपाही हंस बालियान, अतुल कुमार एवं गौरव शामिल हैं।
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डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने अपने कार्यकाल में एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई कार्रवाई की हैं। उन्होंने अधिवक्ता अखिलेश दुबे के साम्राज्य को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। अखिलेश को जेल भेजने के साथ ही दुष्कर्म के झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने का श्रेय भी इन्हीं को है। इसके बाद ऑपरेशन महाकाल में माफिया दीनू उपाध्याय के गुर्गों नारायण भदौरिया, अरिमदन सिंह, दीपक जादौन आदि को जेल भी भिजवाया। शहर की कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान भी उनका साउथ जोन अन्य जोनों की अपेक्षा अव्वल रहता है। मूलरूप से गोरखपुर के रहने वाले आईपीएस अतुल श्रीवास्तव हाल में ही डीसीपी सेंट्रल बनाए गए हैं। सितंबर में रामपुर से शहर तबादला होने के बाद से वह डीसीपी क्राइम का पदभार संभाल रहे थे। अपने कार्यकाल में उन्हाेंने शहर के नामी ज्वैलर्स से जुड़ी फर्म और सिंहानिया समूह के एक कर्मचारी के साथ हुई धोखाधड़ी के आरोपियों की गिरफ्तारी कराई थी। इसके अलावा महाठग रविंद्र नाथ सोनी और कंबोडिया में बैठकर वसूली करने वाले साइबर ठगों के गिरोह के कई सदस्यों को भी गिरफ्तार कराकर सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
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सेवाभिलेखों के आधार पर आरक्षी चालक और ऑपरेशल कार्यों के लिए दरोगा पवन प्रताप को सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। इंस्पेक्टर लिपिक दिनेश वर्मा और दरोगा प्रमोद कुमार को प्रशंसा चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, सिपाही जितेंद्र कुमार को गोल्ड और 16 लोगों को सिल्वर पदक दिया जाएगा। इनमें इंस्पेक्टर ललित कुमार, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार शर्मा, इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह को दरोगा गौरव, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, अमित फौजदार, बृजेंद्र सिंह, अजय कुमार, दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र तिवारी व सिपाही हंस बालियान, अतुल कुमार एवं गौरव शामिल हैं।
