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जिलाधिकारी के निरीक्षण में खुली पोल: मंडी में फैला मिला धान, प्रभारी के निलंबन की संस्तुति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:33 PM IST
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धान क्रय केंद्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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किसानों को धान बेचने के लिए परेशान करने और खरीद प्रक्रिया में घोर लापरवाही की शिकायतों पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को नवीन मंडी स्थल उत्तरीपुरा पहुंचकर व्यवस्थाओं की हकीकत जांची। इस दौरान कई दिनों से मंडी में धान लेकर खड़े किसानों के अनाज की खरीद न होने की शिकायतें सही पाई गईं। चारों ओर अव्यवस्था का आलम था और तौल किया गया अनाज खुले मैदान में फैला पड़ा था। यह सब देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने केंद्र प्रभारी नीरज शर्मा को जमकर फटकार लगाई, निलंबन की संस्तुति की और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।
उत्तरीपुरा मंडी से लगातार किसानों द्वारा लापरवाही की शिकायतें जिलाधिकारी तक पहुंच रही थीं। अचानक डीएम के मौके पर पहुंचने पर अनाज का चारों ओर फैला होना और परिसर में गंदगी देखकर व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। मंडी सचिव प्रभारी से पूछताछ करने पर उन्होंने केंद्र प्रभारी अनिल पांडेय पर आरोप मढ़ दिए। कई किसान तौल के लिए इंतजार करते मिले। एक कर्मचारी ने बताया कि बोरों की अनुपलब्धता के कारण खरीद नहीं हो पा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद जिलाधिकारी ने खाद्य विभाग द्वारा संचालित उत्तरीपुरा मंडी प्रथम, द्वितीय व तृतीय केंद्र तथा यूपीएसएस के एक केंद्र पर खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। ग्राम मदाराराय गुमानपुर के श्याम बाबू, सुजावलपुर के सरोज नारायण त्रिपाठी और एइमा के रामपाल ने सीधे जिलाधिकारी से शिकायत की कि कई दिनों के प्रयास के बावजूद उनका धान नहीं खरीदा जा रहा है।
इस गंभीर शिकायत पर डीएम ने उत्तरीपुरा मंडी तृतीय क्रय केंद्र प्रभारी नीरज मिश्रा और मंडी क्रय केंद्र प्रभारी अमित द्विवेदी से जवाब मांगा, लेकिन वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। किसान श्याम बाबू ने बताया कि वह दिसंबर से धान बेचने का प्रयास कर रहे हैं, फिर भी खरीद नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विपणन निरीक्षक नीरज शर्मा के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। जांच में यह भी सामने आया कि यूपीएसएस केंद्र पर 12 फरवरी के बाद धान खरीद बंद थी, जबकि किसान मौजूद थे। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि 14 नवंबर के बाद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया था। इसे घोर लापरवाही मानते हुए डीएम ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम बिल्हौर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें एआरओ सप्लाई और मंडी सचिव को सदस्य बनाया गया है।
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उत्तरीपुरा मंडी से लगातार किसानों द्वारा लापरवाही की शिकायतें जिलाधिकारी तक पहुंच रही थीं। अचानक डीएम के मौके पर पहुंचने पर अनाज का चारों ओर फैला होना और परिसर में गंदगी देखकर व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। मंडी सचिव प्रभारी से पूछताछ करने पर उन्होंने केंद्र प्रभारी अनिल पांडेय पर आरोप मढ़ दिए। कई किसान तौल के लिए इंतजार करते मिले। एक कर्मचारी ने बताया कि बोरों की अनुपलब्धता के कारण खरीद नहीं हो पा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद जिलाधिकारी ने खाद्य विभाग द्वारा संचालित उत्तरीपुरा मंडी प्रथम, द्वितीय व तृतीय केंद्र तथा यूपीएसएस के एक केंद्र पर खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। ग्राम मदाराराय गुमानपुर के श्याम बाबू, सुजावलपुर के सरोज नारायण त्रिपाठी और एइमा के रामपाल ने सीधे जिलाधिकारी से शिकायत की कि कई दिनों के प्रयास के बावजूद उनका धान नहीं खरीदा जा रहा है।
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इस गंभीर शिकायत पर डीएम ने उत्तरीपुरा मंडी तृतीय क्रय केंद्र प्रभारी नीरज मिश्रा और मंडी क्रय केंद्र प्रभारी अमित द्विवेदी से जवाब मांगा, लेकिन वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। किसान श्याम बाबू ने बताया कि वह दिसंबर से धान बेचने का प्रयास कर रहे हैं, फिर भी खरीद नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विपणन निरीक्षक नीरज शर्मा के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। जांच में यह भी सामने आया कि यूपीएसएस केंद्र पर 12 फरवरी के बाद धान खरीद बंद थी, जबकि किसान मौजूद थे। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि 14 नवंबर के बाद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया था। इसे घोर लापरवाही मानते हुए डीएम ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम बिल्हौर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें एआरओ सप्लाई और मंडी सचिव को सदस्य बनाया गया है।