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Kanpur News: विकास की गति पर ग्रहण, 610 ग्राम पंचायतों में 4835 काम अधूरे
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 04 May 2026 12:33 AM IST
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कानपुर देहात। जिले के 10 ब्लॉक की 610 ग्राम पंचायतों में 4, 835 कार्य अधूरे हैं। अधूरे कार्यों की लंबी सूची में सबसे अधिक संख्या में पौधरोपण, ग्रामीण आवास और पोखरों की सफाई नहीं होना है। कई जगहों पर गांवों में सड़कों का मरम्मत कार्य भी अटका है। साथ ही अन्य निर्माण कार्य भी अधूरे हैं। इससे ये कहा जा सकता है की जनपद में ग्रामीण विकास की गति पर ग्रहण लगा है।
ग्रामीण विकास की दिशा में परिवर्तन करते हुए सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (वीवीजी रामजी) योजना को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। हालांकि नई योजना के सफल क्रियान्वयन के मार्ग में पुरानी योजना के तहत लंबित पड़े अधूरे कार्य एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। शासन की ओर से इस संबंध में अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक मनरेगा काल के पुराने बैकलॉग को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता तब तक नई योजनाओं की गति को वांछित विस्तार नहीं मिल पाएगा। शासन के इन कड़े निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
विभाग ने पिछले एक सप्ताह में रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए जनपद में लंबित पड़े कार्यों को आनन-फानन में पूर्ण करने का काम शुरू किया है। साथ ही इनकी शुचिता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए भौतिक सत्यापन करने में लगा है। उपायुक्त मनरेगा के नेतृत्व में ग्राम विकास विभाग की गठित विशेष टीमें सीधे गांवों में जाकर इन कार्यों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं।
यह कवायद इसलिए की जा रही है, ताकि कागजों पर पूर्ण दिखाए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके और वित्तीय अनियमितताओं की किसी भी गुंजाइश को खत्म किया जा सके। नए मिशन के तहत श्रमिकों के लिए न केवल गारंटीकृत रोजगार की अवधि को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके माध्यम से गांवों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का खाका भी तैयार किया गया है।
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चार ब्लॉक में 1500 से ज्यादा कार्य अधूरे
ग्राम विकास विभाग के पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों को देखा जाए तो जिले के 10 ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में चलाई गई मनरेगा योजना में सबसे ज्यादा मलासा ब्लॉक में कार्य अधूरे हैं। यहां वर्ष 2025-26 में 924 कार्य किए जाने थे। इनमें 180 कार्य ही पूरे किए जा सके हैं जो 19.48 फीसदी है। इसके अलावा सरवनखेड़ा ब्लॉक में 23.11 फीसदी कार्य, अमरौधा में 23.84 व चौथे स्थान पर झींझक में 26.64 फीसदी कार्य किए हो सके हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन ब्लॉकों में अधूरे पड़े 1985 कार्यों को पूरा किया जाना बाकी है।
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बयान
मनरेगा के अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। तेजी से कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। इसके लिए सभी ब्लॉक के कर्मचारियों को लगाते हुए एक महीने में कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इन कार्यों की गुणवत्ता व शुचिता का ध्यान रखने के लिए गठित टीम भौतिक सत्यापन कर रही है। - अशोक कुमार, उपायुक्त, मनरेगा
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ब्लॉक वार मनरेगा के अधूरे कार्य
ब्लॉक - कुल कार्य- पूर्ण कार्य- अधूरे कार्य
अकबरपुर- 474 -165 -306
अमरौधा -709 -169 -540
डेरापुर -660 -251 -409
झींझक -443 -118 -325
मैथा -841 -301 -540
मलासा -924 -180 -744
राजपुर -583 -171 -412
रसूलाबाद -1012 -411 -601
संदलपुर -1089 -507 -582
सरवनखेडा-489 -113 -376
कुल - 7224 - 2389 - 4835
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ग्रामीण विकास की दिशा में परिवर्तन करते हुए सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (वीवीजी रामजी) योजना को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। हालांकि नई योजना के सफल क्रियान्वयन के मार्ग में पुरानी योजना के तहत लंबित पड़े अधूरे कार्य एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। शासन की ओर से इस संबंध में अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक मनरेगा काल के पुराने बैकलॉग को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता तब तक नई योजनाओं की गति को वांछित विस्तार नहीं मिल पाएगा। शासन के इन कड़े निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
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विभाग ने पिछले एक सप्ताह में रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए जनपद में लंबित पड़े कार्यों को आनन-फानन में पूर्ण करने का काम शुरू किया है। साथ ही इनकी शुचिता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए भौतिक सत्यापन करने में लगा है। उपायुक्त मनरेगा के नेतृत्व में ग्राम विकास विभाग की गठित विशेष टीमें सीधे गांवों में जाकर इन कार्यों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं।
यह कवायद इसलिए की जा रही है, ताकि कागजों पर पूर्ण दिखाए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके और वित्तीय अनियमितताओं की किसी भी गुंजाइश को खत्म किया जा सके। नए मिशन के तहत श्रमिकों के लिए न केवल गारंटीकृत रोजगार की अवधि को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके माध्यम से गांवों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का खाका भी तैयार किया गया है।
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चार ब्लॉक में 1500 से ज्यादा कार्य अधूरे
ग्राम विकास विभाग के पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों को देखा जाए तो जिले के 10 ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में चलाई गई मनरेगा योजना में सबसे ज्यादा मलासा ब्लॉक में कार्य अधूरे हैं। यहां वर्ष 2025-26 में 924 कार्य किए जाने थे। इनमें 180 कार्य ही पूरे किए जा सके हैं जो 19.48 फीसदी है। इसके अलावा सरवनखेड़ा ब्लॉक में 23.11 फीसदी कार्य, अमरौधा में 23.84 व चौथे स्थान पर झींझक में 26.64 फीसदी कार्य किए हो सके हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन ब्लॉकों में अधूरे पड़े 1985 कार्यों को पूरा किया जाना बाकी है।
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बयान
मनरेगा के अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। तेजी से कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। इसके लिए सभी ब्लॉक के कर्मचारियों को लगाते हुए एक महीने में कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इन कार्यों की गुणवत्ता व शुचिता का ध्यान रखने के लिए गठित टीम भौतिक सत्यापन कर रही है। - अशोक कुमार, उपायुक्त, मनरेगा
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ब्लॉक वार मनरेगा के अधूरे कार्य
ब्लॉक - कुल कार्य- पूर्ण कार्य- अधूरे कार्य
अकबरपुर- 474 -165 -306
अमरौधा -709 -169 -540
डेरापुर -660 -251 -409
झींझक -443 -118 -325
मैथा -841 -301 -540
मलासा -924 -180 -744
राजपुर -583 -171 -412
रसूलाबाद -1012 -411 -601
संदलपुर -1089 -507 -582
सरवनखेडा-489 -113 -376
कुल - 7224 - 2389 - 4835
