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UP: सिस्टम फेल और सड़क बेदम, घुटने भर कीचड़ में चारपाई बनी 'एंबुलेंस'; तड़पते बुजुर्ग को कंधे पर ढोए ग्रामीण

Sun, 19 Jul 2026 10:29 AM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Sun, 19 Jul 2026 10:29 AM IST
सार

Jalaun News: कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा कुइयाझोर में शनिवार शाम जहरीले कीड़े के काटने से 58 वर्षीय शर्मन अचेत हो गए। गांव तक पक्की सड़क न होने और बारिश के कारण कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील होने से परिजनों को उन्हें चारपाई पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा।

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Elderly man carried on cot after venomous insect bite as muddy road blocks ambulance access
चारपाई बनी 'एंबुलेंस' - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में 'विकास' के दावों की पोल खोलती एक बेहद झकझोर देने वाली और व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा कुइयाझोर में शनिवार शाम एक बुजुर्ग को जहरीले कीड़े ने काट लिया, जिससे वह अचेत हो गए। लेकिन सिस्टम की लाचारी देखिए कि आजादी के आठ दशक बाद भी गांव तक पक्की सड़क न होने और बारिश के कारण रास्ता दलदल बनने की वजह से परिजनों को तड़पते हुए बुजुर्ग को चारपाई पर लादकर पैदल ही मुख्य मार्ग तक दौड़ना पड़ा। रास्ते में स्थित एक निजी पावर प्लांट प्रबंधन की संवेदनशीलता के कारण समय पर वाहन मिल गया, जिससे बुजुर्ग की जान बच सकी। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

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कुइयाझोर गांव के रहने वाले 58 वर्षीय शर्मन शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे अपने घर के छप्पर की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान छप्पर में छिपे किसी बेहद जहरीले कीड़े ने उनके हाथ में बुरी तरह काट लिया। जहर शरीर में फैलते ही शर्मन की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और वह देखते ही देखते अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े।

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Elderly man carried on cot after venomous insect bite as muddy road blocks ambulance access
चारपाई बनी 'एंबुलेंस' - फोटो : amar ujala

परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए गांव के एक ट्रैक्टर की व्यवस्था की। परिजन अचेत बुजुर्ग को ट्रैक्टर पर लादकर निकले, लेकिन गांव से बाहर निकलते ही विकास की हकीकत सामने आ गई।

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लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चा रास्ता पूरी तरह से गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका था। रही-सही कसर रास्ते में स्थित एक टूटी हुई पुलिया ने पूरी कर दी, जिसके चलते ट्रैक्टर के पहिए वहीं थम गए और वह आगे नहीं बढ़ सका।

Elderly man carried on cot after venomous insect bite as muddy road blocks ambulance access
चारपाई बनी 'एंबुलेंस' - फोटो : amar ujala

बुजुर्ग की थमती सांसों और ट्रैक्टर के फंसने के बाद ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत एक लकड़ी की चारपाई का इंतजाम किया और अचेत शर्मन को उस पर लिटाकर चार ग्रामीणों ने उसे अपने कंधों पर उठा लिया। कीचड़ और पानी से सराबोर दलदली रास्ते पर पैदल चलते हुए ग्रामीण करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग की तरफ भागे।

रास्ते में परासन स्थित 65 मेगावाट क्षमता का बुंदेलखंड सौर ऊर्जा प्लांट पड़ता है। बुजुर्ग की नाजुक हालत को देखते हुए हांफते हुए ग्रामीण सीधे प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंचे और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों व प्रबंधन से रोते हुए मदद की गुहार लगाई।

Elderly man carried on cot after venomous insect bite as muddy road blocks ambulance access
चारपाई बनी 'एंबुलेंस' - फोटो : amar ujala

ग्रामीणों की बेबसी और बुजुर्ग की हालत देखकर बुंदेलखंड प्लांट प्रबंधन ने तुरंत मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने तत्काल प्लांट का गेट खुलवाया और बिना एक पल गंवाए अपने परिसर से एक चारपहिया वाहन की व्यवस्था करा दी। इसी वाहन से बुजुर्ग शर्मन को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मुस्तैदी से उनका इलाज शुरू किया।

परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि समय पर इलाज मिलने के कारण शर्मन को होश आ गया है और अब उनकी हालत में काफी सुधार है, लेकिन इस घटना ने पूरे सरकारी सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Elderly man carried on cot after venomous insect bite as muddy road blocks ambulance access
चारपाई बनी 'एंबुलेंस' - फोटो : amar ujala

ग्रामीणों का कहना है कि देश डिजिटल हो रहा है, लेकिन कुइयाझोर गांव के लोग आज भी आदिम युग जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बरसात के तीन-चार महीनों में यह रास्ता पूरी तरह से दलदल बन जाता है, जिससे गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क कट जाता है।

कोई गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति होने पर सरकारी 102 या 108 एंबुलेंस भी गांव के अंदर नहीं आ पाती। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही पक्की सड़क और टूटी पुलिया का निर्माण नहीं कराया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

इस पूरे मामले को लेकर जब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुइयाझोर सड़क की बदहाली का मामला हमारे संज्ञान में है। इस मार्ग के निर्माण कार्य को विभाग की आगामी कार्ययोजना में प्राथमिकता के आधार पर शामिल कर लिया गया है।

शासन को इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है, वहां से वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही बिना किसी देरी के पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा ताकि ग्रामीणों को इस नरक से मुक्ति मिल सके।

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