Kanpur: पैरा खिलाड़ी शिवम पाल फिनलैंड में गोल्ड पर लगाएंगे निशाना, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी तेज
Kanpur News: आयकर विभाग में अधीक्षक और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शिवम पाल अगस्त में फिनलैंड में होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे हैं। खेल प्रेमियों को उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
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हौसलों में उड़ान हो और इरादे फौलादी हों, तो शारीरिक अक्षमता भी कभी आपके कदमों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। इस कहावत को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के गुजैनी निवासी पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शिवम पाल ने पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है।
वर्तमान में आयकर विभाग में अधीक्षक के पद पर कार्यरत और देश के शीर्ष पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शिवम पाल आगामी अगस्त महीने में फिनलैंड में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भारत की ओर से सोने पर निशाना लगाने के लिए जी-जान से तैयारी कर रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनके शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए खेल प्रेमियों के साथ-साथ पूरे देशवासियों को उनसे एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं।
ऑस्ट्रेलिया में तिरंगा लहराकर बढ़ा चुके हैं देश का मान
शिवम पाल की अंतरराष्ट्रीय खेल यात्रा बेहद शानदार रही है। वह हाल ही में १६ से १८ फरवरी २०२६ तक ऑस्ट्रेलिया में आयोजित प्रतिष्ठित आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर कप-२०२६ में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करते हुए देश का मान बढ़ा चुके हैं। इस विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में शिवम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए दो रजत और एक कांस्य पदक समेत कुल तीन पदक अपने नाम किए थे।
वर्तमान में शिवम पैरा टेबल टेनिस की क्लास-7 स्टैंडिंग श्रेणी में देश के अग्रणी खिलाड़ी हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस टूर्नामेंट में उन्होंने एकल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक, पुरुष युगल में जुझारू खेल दिखाते हुए कांस्य पदक और मिश्रित युगल में बेहतरीन तालमेल की बदौलत रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर कानपुर और भारत का नाम रोशन किया था।
2017 से टेबल टेनिस को बनाया लक्ष्य
गुजैनी क्षेत्र के रहने वाले शिवम पाल के जीवन का संघर्ष और सफलता की कहानी हर युवा के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जब वह मात्र एक वर्ष के थे, तभी पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के कारण वह 60 प्रतिशत शारीरिक दिव्यांगता के शिकार हो गए थे। लेकिन शिवम ने जीवन की इन कठिन और विपरीत परिस्थितियों के आगे कभी घुटने नहीं टेके, बल्कि अपनी इस कमी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।
बचपन के दिनों में क्रिकेट के प्रति बेहद गहरी रुचि रखने वाले शिवम ने समय के साथ अपनी दिशा बदली और वर्ष २०१७ से टेबल टेनिस रैकेट थामकर इसे अपने जीवन का मुख्य लक्ष्य बना लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी लगातार कड़े अभ्यास व कड़ी मेहनत के दम पर पहले राज्य, फिर राष्ट्रीय और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान कायम कर ली है। वह अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और अपने कोच के कुशल मार्गदर्शन को देते हैं।
नेशनल चैंपियनशिप से खेलो इंडिया तक बिखेरा है जलवा
शिवम पाल का अंतिम लक्ष्य पैरा ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराना है, जिसके लिए वे लगातार पसीना बहा रहे हैं। अगर उनकी प्रमुख खेल उपलब्धियों के सफर पर नजर डालें, तो उन्होंने वर्ष 2022 में इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता था।
इसके बाद वर्ष 2023 में नई दिल्ली में हुए खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भी उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसी वर्ष में कानपुर में आयोजित प्रथम स्टेट रैंकिंग टूर्नामेंट में उन्होंने विरोधी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। वर्ष 2024 में यूटीटी पैरा राष्ट्रीय रैंकिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद, उन्होंने वर्ष 2024 में इंदौर में आयोजित यूटीटी पैरा राष्ट्रीय रैंकिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। वर्ष २०२६ की शुरुआत में ही आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर कप में दो रजत और एक कांस्य जीतकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगस्त में होने वाले फिनलैंड दौरे पर भी देश की झोली में मेडल पक्का आने वाला है।