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Farrukhabad: 15 हजार रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो सहित दो को दबोचा, मांगे थे 40 हजार रुपये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 30 Apr 2026 10:01 PM IST
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सार
Farrukhabad News: एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो सहित दो को रिश्वत लेते दबोचा। अपने निजी सहयोगी के माध्यम से 40 हजार रुपये मांगे थे।
रुपये लेते कायमगंज के कानूनगो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तहसील सदर क्षेत्र के शमसाबाद के पूर्वी के राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) व उसके सहयोगी को एंटीकरप्शन टीम ने बृहस्पतिवार शाम को शहर के मोहल्ला बजरिया स्थित किराए के मकान से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसने गांव वीरपुर नादी के किसान से सात बीघा खेत की पैमाइश कराने के नाम पर 40 हजार रुपये मांगे थे। एंटी करप्शन टीम दोनों फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची। वहां देर रात तक टीम ने कागजी कार्रवाई करने में जुटी रही।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव वीरपुर नादी निवासी किसान सर्वेश शाक्य का गांव में ही सात बीघा खेत है। मौके पर खेत कुछ कम है। इसके चलते वह खेत की पैमाइश कराना चाह रहा था। वह कई माह से पैमाइश के लिए फतेहपुर के लखनऊ चौराहा निवासी सदर तहसील में तैनात कानूनगो विमल श्रीवास्तव के चक्कर लगा रहा था। कानूनगो के साथ ही शहर के कादरीगेट निवासी सेवानिवृत्त लेखपाल अश्वनी सक्सेना का बेटा पवन सक्सेना निजी सहयोगी के रूप में रहता है। उसी के माध्यम से कानूनगो ने सर्वेश से खेत की पैमाइश करने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।
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उसने इतने रुपये न होने की दुहाई दी। इसके बाद भी कानूनगो अपनी जिद पर अड़ा रहा। इससे परेशान होकर उसने कानपुर की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। इसके बाद टीम ने कानूनगो को पकड़ने का जाल बिछाया। बृहस्पतिवार दोपहर को टीम शहर में आ गई। इसके बाद बजरिया फील्ड में पहुंचकर अपनी कार खड़ी कर दी। वहां से वह एक दुकान पर पहुंची। वहां काफी देर तक टीम के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर खड़े रहे। शाम को करीब 5.40 बजे सर्वेश पवन सक्सेना के साथ कानूनगो विमल श्रीवास्तव को उसके बजरिया स्थित किराए मकान रह रहे उसे 15 हजार रुपये रिश्वत देने पहुंचा। वहां उसने जैसे कानूनगो को 15 हजार रुपये दिए वैसे ही टीम ने उन्हें व पवन सक्सेना को दबोच लिया। दोनों को एंटी करप्शन टीम फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची। इसकी जानकारी होते ही लेखपाल एकत्र होकर फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे। एंटी करप्शन टीम से वह नहीं मिल सके। पुलिस ने उन्हें समझाकर वहां से वापस भेज दिया।
