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Farrukhabad: भाजपा नेताओं ने कायमगंज तहसीलदार पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 21 Mar 2026 06:19 PM IST
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तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील कायमगंज में तैनात तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के विभिन्न मंडल अध्यक्षों ने जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को पत्र देकर तहसीलदार को तत्काल हटाने और उनके कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
भाजपा के अचरा मंडल अध्यक्ष कुनेंद्र गंगवार, कायमगंज नगर मंडल अध्यक्ष देवेंद्र दुबे व क्षेत्र के सभी मंडल अध्यक्ष द्वारा दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार द्वारा दलालों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया गया है, जिसके माध्यम से आम जनता का शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि फर्जी शिकायतें और मुकदमे दर्ज कराकर बाद में उन्हीं मामलों में समझौते के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की जाती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कई मामलों को जानबूझकर सरकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाता, जिससे उच्चाधिकारियों और राजस्व परिषद को इसकी जानकारी नहीं हो पाती। ऐसे मामलों को केवल धन उगाही के उद्देश्य से निपटाया जाता है।
भाजपा नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि तहसील बार एसोसिएशन द्वारा इस मुद्दे को लेकर कई बार हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है, इसके बावजूद तहसीलदार की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। भाजपा नेताओं ने प्रभारी मंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को देखते हुए तहसीलदार को तत्काल जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाए और उनके पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें जिले की किसी भी तहसील का प्रभार न दिए जाने के निर्देश जारी किए जाएं। पत्र पर कायमगंज नगर, ग्रामीण, अचरा, कंपिल और शमसाबाद के भाजपा मंडल अध्यक्षों के अलावा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कठेरिया, रश्मी दुबे व जिला महामंत्री के भी हस्ताक्षर हैं।
तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने बताया कि कुनेंद्र गंगवार चाराहगाह की भूमि पर काबिज हैं। उसके संदर्भ में मुकदमा चला रहा है। उस भूमि पर किसी सरकारी योजना का लाभ लेना चाह रहे थे। इस संदर्भ में उनके पास फाइल आने पर अपत्ति लगा दी गई थी। इससे उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सक। इसके चलते ही वह भाजपा नेताओं उनके खिलाफ भड़काकर गलत आरोप लगाकर शिकायत कर रहे हैं।
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भाजपा के अचरा मंडल अध्यक्ष कुनेंद्र गंगवार, कायमगंज नगर मंडल अध्यक्ष देवेंद्र दुबे व क्षेत्र के सभी मंडल अध्यक्ष द्वारा दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार द्वारा दलालों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया गया है, जिसके माध्यम से आम जनता का शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि फर्जी शिकायतें और मुकदमे दर्ज कराकर बाद में उन्हीं मामलों में समझौते के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की जाती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कई मामलों को जानबूझकर सरकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाता, जिससे उच्चाधिकारियों और राजस्व परिषद को इसकी जानकारी नहीं हो पाती। ऐसे मामलों को केवल धन उगाही के उद्देश्य से निपटाया जाता है।
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भाजपा नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि तहसील बार एसोसिएशन द्वारा इस मुद्दे को लेकर कई बार हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है, इसके बावजूद तहसीलदार की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। भाजपा नेताओं ने प्रभारी मंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को देखते हुए तहसीलदार को तत्काल जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाए और उनके पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें जिले की किसी भी तहसील का प्रभार न दिए जाने के निर्देश जारी किए जाएं। पत्र पर कायमगंज नगर, ग्रामीण, अचरा, कंपिल और शमसाबाद के भाजपा मंडल अध्यक्षों के अलावा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कठेरिया, रश्मी दुबे व जिला महामंत्री के भी हस्ताक्षर हैं।
तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने बताया कि कुनेंद्र गंगवार चाराहगाह की भूमि पर काबिज हैं। उसके संदर्भ में मुकदमा चला रहा है। उस भूमि पर किसी सरकारी योजना का लाभ लेना चाह रहे थे। इस संदर्भ में उनके पास फाइल आने पर अपत्ति लगा दी गई थी। इससे उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सक। इसके चलते ही वह भाजपा नेताओं उनके खिलाफ भड़काकर गलत आरोप लगाकर शिकायत कर रहे हैं।