Fatehpur: जंतर-मंतर जाने वाले छात्र से पूछताछ, बाहरी कनेक्शन तलाश रही पुलिस; मास्टरमाइंड की तलाश में जांच तेज
Fatehpur News: किशनपुर कस्बे के सर्वोदय इंटर कॉलेज में जेन-अल्फा छात्रों के प्रदर्शन के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्रशासन अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि प्रदर्शन पूरी तरह छात्रों की नाराजगी का परिणाम था या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति अथवा संगठन की भूमिका रही है। आंदोलन में सक्रिय रहे कक्षा 12 के छात्र अंकुर से पूछताछ की गई है।
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विस्तार
कस्बे के सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार को 'जेन-अल्फा' (स्कूली छात्रों) द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस और जिला प्रशासन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि यह महज कुछ छात्रों का स्वाभाविक गुस्सा था।
अब इस पहलू की गहराई से जांच की जा रही है कि कहीं इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई मास्टरमाइंड, बाहरी व्यक्ति या संगठन तो सक्रिय नहीं था। जांच एजेंसियों के राडार पर फिलहाल कक्षा 12 का छात्र अंकुर है, जो हाल ही में जंतर-मंतर गया था और इस आंदोलन में उसकी सक्रिय भूमिका रही है।
सोशल मीडिया और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल
प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने कई स्तरों पर जांच तेज कर दी है। पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीमें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री को खंगाल रही हैं।
आंदोलन में सक्रिय रहे अंकुर और उसके साथियों के इंस्टाग्राम व फेसबुक अकाउंट भी जांच के दायरे में हैं। वहीं, एलआईयू की टीम स्कूल से लेकर छात्र के घर तक गोपनीय जानकारी जुटा रही है कि यह छात्र किन बाहरी लोगों के संपर्क में था।
सादी वर्दी में घर पहुंची पुलिस, अंकुर ने दी यह सफाई
बुधवार को सादी वर्दी में पुलिसकर्मी अंकुर के घर पहुंचे और उससे लंबी पूछताछ की। पूछताछ में अंकुर ने बताया कि विद्यालय में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों में सामूहिक रूप से भारी नाराजगी थी। उसने स्पष्ट किया कि वह रक्षाबंधन पर राखी की दुकान लगाने के लिए माल खरीदने दिल्ली गया था, और उसी दौरान वह जंतर-मंतर भी घूमने चला गया था।
अंकुर के अनुसार, छात्र पहले से ही विरोध जताने के लिए तैयार थे। जब उसने देखा कि छात्र एकजुट हैं, तो वह भी उनके साथ शामिल हो गया। उसने दावा किया कि यह प्रदर्शन किसी के उकसावे या पहले से बनाई गई योजना के तहत नहीं हुआ है। उसने कैमरे के सामने सिर्फ अपनी बात मुखरता से रखी थी और प्रदर्शन के लिए व्हाट्सएप पर कोई ग्रुप बनाने की बात से भी साफ इन्कार किया।
बैनर-पोस्टर की छपाई पर पुलिस के सवाल
इस पूरे प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए प्रिंटेड पोस्टर और पंफ्लेट ने भी पुलिस का ध्यान खींचा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रदर्शन के दौरान मौजूद बाहरी लोग कौन थे। खुफिया टीमें इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि इतने कम समय में बैनर-पोस्टर कहां से छपे, इनकी छपाई का खर्च किसने उठाया और छात्रों तक इन्हें किसने पहुंचाया।
प्रधानाचार्य बोले- अगस्त में लगने थे पंखे
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक और पुलिस ने सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लाल बहादुर सिंह से भी पूछताछ की। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय की कक्षाओं में पंखों की व्यवस्था इसी अगस्त महीने में कराई जानी थी।
इस बयान से यह साफ होता है कि छात्र लंबे समय से विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग कर रहे थे। समय पर इंतजाम न होने के कारण उनके भीतर नाराजगी पनपी, जो इस उग्र प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ी।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने भी अध्यापकों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की थी। ऐसे में शुरुआती जांच में यह भी माना जा रहा है कि छात्रों का प्रदर्शन काफी हद तक सुविधाओं के अभाव से उपजा हुआ और स्वाभाविक था, हालांकि पुलिस बाहरी हस्तक्षेप के एंगल से भी जांच जारी रखे हुए है।