UP: कानपुर में मिड-डे मील में दूध का बड़ा खेल, स्कूलों में बच्चों के हक पर डाका, निरीक्षण में सामने आई खामियां
Kanpur Mid-Day Meal Scam: कानपुर के परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील के तहत मिलने वाले दूध के वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। प्राइमरी के छात्र को 150 मिली और जूनियर के छात्र को 200 मिली दूध देने का मानक है, लेकिन जांच के दौरान कई स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं मिला या मानक से बहुत कम दूध परोसा गया।
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कानपुर में परिषदीय स्कूलाें के मिड-डे मील में बच्चों के दूध का घोटाला किया जा रहा है। प्राइमरी के एक छात्र को 150 मिली व जूनियर के एक छात्र को 200 मिली दूध देने का मानक है। बुधवार को पड़ताल में कई स्कूलों में बच्चों को बहुत कम दूध दिया गया। शिवराजपुर ब्लॉक के घिमऊ कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाचार्य रूपांजलि ने बताया कि प्रधान की ओर से समय पर दूध उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे 140 बच्चों को दूध नहीं मिल सका।
एक लीटर से भी कम दूध गैस पर गर्म होता मिला
चौबेपुर के प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर में 12 बच्चे उपस्थित मिले पर रसोई में एक लीटर से भी कम दूध गैस पर गर्म होता मिला। मंधना स्थित कंपोजिट विद्यालय द्वितीय में 91 बच्चों के लिए कम से कम 15 लीटर होना चाहिए पर सिर्फ 10 लीटर ही दूध उपलब्ध मिला। इंचार्ज प्रधानाचार्य कमर जहां ने बताया कि सभी बच्चों को दूध दे दिया गया। प्राथमिक विद्यालय बगदौधी कछार में 17 बच्चे उपस्थिति मिले।
प्रत्येक कक्ष में लगा मिला ताला
अध्यापिका रजनी अग्रवाल ओर रेनू तोमर ने बताया कि ढाई लीटर दूध मंगवाकर सभी को बच्चों को वितरित किया गया। औरंगपुर शांति विद्यालय में खिचड़ी तो बनी लेकिन 75 बच्चों को दूध नहीं दिया जा सका। सुबह 11 बजे प्राथमिक विद्यालय रमेशपुर पहुंचने पर विद्यालय के प्रत्येक कक्ष में ताला लगा मिला। प्रधानाध्यापक स्वाति सोलंकी कार्यालय में मौजूद मिलीं। उनका कहना था कि धान की रोपाई के कारण बच्चे नहीं आए।
सभी को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह मानक के मुताबिक मिड-डे मील का वितरण कराए। मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई भी की जाएगी। -हरिओम सिंह, बीएसए