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Kanpur News: जियो टैगिंग 11 घंटे ठप... ओटीपी न आने से मंडियों में फंसे रहे वाहन

Tue, 18 Aug 2026 01:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:54 AM IST
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Geo-tagging stalled for 11 hours... vehicles stranded at mandis due to non-receipt of OTPs.
कानपुर। कृषि उत्पादों से लदे वाहनों की जियो टैगिंग व्यवस्था सोमवार को करीब 11 घंटे ठप रही। सुबह करीब चार बजे से दोपहर तीन बजे तक व्यापारियों के मोबाइल पर आवश्यक ओटीपी नहीं पहुंचा। इससे वाहनों की जियो टैगिंग और गेटपास जारी नहीं हो सके। सबसे ज्यादा असर हरी सब्जियों के कारोबार पर पड़ा। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार सुबह 4:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक ओटीपी नहीं आने से वाहन टैगिंग पूरी तरह बाधित रही। इससे मंडियों में वाहन फंसे रहे।
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ओटीपी न मिलने और गेट पास न बनने की वजह से चकरपुर मंडी में ही करीब 10 लाख रुपये की सब्जी की आवाजाही प्रभावित हुई। इसी तरह प्रदेश की अन्य मंडियों में नुकसान हुआ जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की गल्ला मंडियों में तमाम किसानों को गल्ला नहीं बिक पाया, उन्हें निराश लौटना पड़ा। व्यापारियों ने हेल्प डेस्क के साथ ही अधिकारियों से शिकायत की। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कृषि उत्पादों के व्यापार में एक जुलाई से लागू जियो एप आधारित वाहन टैगिंग व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की है। 3:00 बजे कॉमन ओटीपी जारी होने के बाद व्यवस्था शुरू हो सकी। बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद से ही प्रदेश की 251 मंडियों में तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं। खासकर ग्रामीण मंडियों में वाहनों की टैगिंग में कई-कई घंटे लगने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
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इससे पहले गेटपास नहीं बनने से कई मंडियों में सब्जियों समेत अन्य कृषि उत्पाद लेकर पहुंचे वाहन आगे नहीं जा सके। व्यापारियों का कहना है कि कई ग्रामीण मंडियों में टैगिंग और गेटपास जारी न होने से किसानों से उनकी उपज की खरीद तक नहीं हो सकी। इससे किसानों को अपनी उपज लेकर लौटना पड़ा। शीघ्र खराब होने वाली सब्जियों के मामले में स्थिति और चिंताजनक रही।
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गल्ला, दलहन, दाल, तिलहन और किराना कारोबार भी ओटीपी की समस्या से प्रभावित रहा। व्यापारियों के अनुसार, इससे प्रदेशभर में करोड़ों रुपये का कारोबार बाधित हुआ। कृषि उत्पादों का कारोबार समयबद्ध और संवेदनशील है। ऐसी तकनीकी व्यवस्था, जो बार-बार बाधित हो रही हो, किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकती है।

गेटपास की समय-सीमा पर भी सवाल
व्यापारियों ने अलीगढ़ मंडी समेत कई मंडियों में गेटपास की समय-सीमा को लेकर वाहनों को रोके जाने की शिकायत भी की है। उनका आरोप है कि सभी जरूरी प्रपत्र पूरे होने और वाहन की टैगिंग हो जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा समाप्त होने का हवाला देकर वाहनों को रोका जा रहा है। इससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एक जुलाई से लागू जियो एप आधारित वाहन जियो टैगिंग व्यवस्था तत्काल वापस ली जाए। साथ ही गेटपास की समय-सीमा पूरी तरह समाप्त की जाए, ताकि तकनीकी खामी के कारण व्यापारियों को नुकसान न उठाना पड़े। इसके अलावा 17 अगस्त को व्यवस्था ठप रहने से व्यापारियों और किसानों को हुई आर्थिक क्षति और समस्याओं का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।


कोट---

सर्वर में सुबह तकनीकी दिक्कत आई थी। इससे सुबह 6:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक व्यापारियों को परेशानी हुई। शाम 3:00 बजे उनकी समस्या का समाधान करते हुए कॉमन ओटीपी दे दिया गया, जिससे गेट पास बनने शुरू हो गए।
- विजयन बालियान, सचिव, मंडी समिति
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