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खुली उपस्थिति की पोल: डीएम के औचक निरीक्षण में 106 बच्चों में तीन मिले, पांच में चार शिक्षक गायब
Mon, 17 Aug 2026 07:07 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 17 Aug 2026 07:07 PM IST
सार
डीएम के औचक निरीक्षण में उपस्थिति की पोल खुली। 106 बच्चों में तीन ही मिले। खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोका गया।
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डीएम ने किया औचक निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती के बावजूद लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के औचक निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय लोधवा खेड़ा में शिक्षिकों की उपस्थिति की पोल खुल गई। विद्यालय में तैनात पांच शिक्षकों में चार अनुपस्थित मिले, जबकि 106 नामांकित बच्चों में महज तीन विद्यार्थी स्कूल पहुंचे थे। पढ़ाई व्यवस्था की इस बदहाल स्थिति पर डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह का वेतन रोकने और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
वहीं छात्रों के पंजीकरण पर सवाल खड़े कर जांच के निर्देश दिए। जिलाधिकारी सोमवार को बिल्हौर तहसील दिवस में पहुंचने से पहले स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गए। जिलाधिकारी को देख शिक्षक हैरान हो गए। उन्होने सबसे पहले शिक्षकों की उपस्थिति देखी तो केवल शिक्षामित्र महेश प्रसाद मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक रंजना गुप्ता और शिक्षिका क्षमा श्रीवास्तव आकस्मिक अवकाश पर थीं। शिक्षिका साफिया खातून अंसारी बीआरसी में आयोजित प्रशिक्षण में गई थीं, जबकि सबीहा हसन जैदी चिकित्सकीय अवकाश पर थीं।
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वहीं छात्रों के पंजीकरण पर सवाल खड़े कर जांच के निर्देश दिए। जिलाधिकारी सोमवार को बिल्हौर तहसील दिवस में पहुंचने से पहले स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गए। जिलाधिकारी को देख शिक्षक हैरान हो गए। उन्होने सबसे पहले शिक्षकों की उपस्थिति देखी तो केवल शिक्षामित्र महेश प्रसाद मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक रंजना गुप्ता और शिक्षिका क्षमा श्रीवास्तव आकस्मिक अवकाश पर थीं। शिक्षिका साफिया खातून अंसारी बीआरसी में आयोजित प्रशिक्षण में गई थीं, जबकि सबीहा हसन जैदी चिकित्सकीय अवकाश पर थीं।
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डीएम ने किया औचक निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
एक ही दिन पांच में से चार शिक्षकों के विद्यालय में मौजूद न होने और 106 में से केवल तीन बच्चों की उपस्थिति पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तुंरत इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारी से बात की तो वो कोई जवाब नहीं दे सके। इसपर उन्होनें बीएसए से भी नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता और बच्चों की नियमित उपस्थिति की निगरानी सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। डीएम लापरवाही पर खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही बीएसए से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
कक्षा में मिले सिर्फ तीन बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
106 में तीन बच्चे, उपस्थिति पर भी सख्ती
विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति का आंकड़ा भी बेहद चौंकाने वाला रहा। 106 नामांकित विद्यार्थियों में सिर्फ तीन बच्चे उपस्थित मिले। इसपर डीएम ने सवाल उठाते हुए बच्चों की उपस्थिति की जांच कर रिपोर्ट मांगी। जिससे हकीकत सामने आ सके। साथ ही उन्होनें उपस्थिति दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद उन्होनें विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी देखी। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों के लिए रोटी और सब्जी तैयार की जा रही थी।
विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति का आंकड़ा भी बेहद चौंकाने वाला रहा। 106 नामांकित विद्यार्थियों में सिर्फ तीन बच्चे उपस्थित मिले। इसपर डीएम ने सवाल उठाते हुए बच्चों की उपस्थिति की जांच कर रिपोर्ट मांगी। जिससे हकीकत सामने आ सके। साथ ही उन्होनें उपस्थिति दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद उन्होनें विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी देखी। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों के लिए रोटी और सब्जी तैयार की जा रही थी।