फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: Unique Kherapati Baba Temple Adorned with Snakes on Nag Panchami

नाग पंचमी विशेष: कानपुर का अनोखा खेरेपति बाबा मंदिर, जहां जीवित नागों से होता है भगवान भोलेनाथ का श्रंगार

Mon, 17 Aug 2026 10:10 AM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Mon, 17 Aug 2026 10:10 AM IST
सार

Kanpur News: नाग पंचमी के अवसर पर माल रोड स्थित खेरेपति बाबा मंदिर में भगवान भोलेनाथ का अनोखा श्रृंगार किया गया। मंदिर में नागों के जरिए बाबा के श्रृंगार की परंपरा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। नाग पंचमी पर विशेष पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही भक्त मंदिर पहुंचते रहे।

विज्ञापन
Kanpur: Unique Kherapati Baba Temple Adorned with Snakes on Nag Panchami
नागों से सजते हैं भोलेनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

सनातन संस्कृति में नाग पंचमी का पर्व प्रकृति, जीव-जंतुओं और भगवान शिव की आराधना का एक बेहद अनूठा और पवित्र पर्व माना जाता है। देश भर में इस दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर की माटी में एक ऐसा अद्भुत और रहस्यमयी शिव मंदिर स्थित है, जिसके बारे में जानकर अच्छे-अच्छे लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

विज्ञापन

शहर के व्यस्त और प्रतिष्ठित माल रोड स्थित ऐतिहासिक 'खेरेपति बाबा मंदिर' में नाग पंचमी के पावन अवसर पर जो नजारा देखने को मिलता है, वैसा शायद ही देश के किसी अन्य कोने में देखने को मिले। यह कानपुर का अनोखा नाग मंदिर है, जहां नाग पंचमी के खास अवसर पर भगवान भोलेनाथ का शृंगार किसी फूल, बेलपत्र या आभूषण से नहीं, बल्कि जीवित और खतरनाक नागों के फन से किया जाता है। सावन मास और नाग पंचमी के इस पावन संयोग पर इस मंदिर में जो आस्था और रोमांच का संगम दिखता है, वह दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को हैरान कर देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है खेरेपति बाबा मंदिर का इतिहास और अनोखी परंपरा?

माल रोड पर स्थित खेरेपति बाबा मंदिर कानपुर के सबसे प्राचीन और सिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। स्थानीय बुजुर्गों और पुजारियों के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना सदियों पुरानी है और यहां के पीठाधीश्वर व बाबा खेरेपति की महिमा शहरभर में प्रसिद्ध है। यूं तो यहां सालभर शिव भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन जैसे ही सावन मास और विशेष तौर पर 'नाग पंचमी' का पर्व आता है, इस मंदिर की रौनक और मान्यता पूरी तरह से बदल जाती है।

विज्ञापन

सामान्य दिनों में मंदिरों में नाग देवता की मूर्तियां या तस्वीरें होती हैं, जिनकी पूजा लोग करते हैं। लेकिन खेरेपति बाबा मंदिर की परंपरा सदियों से चली आ रही है कि नाग पंचमी के दिन यहां सपेरे या विशेष वन्यजीव रक्षक जीवित सांपों को लेकर पहुंचते हैं।

इन सांपों में साधारण सांपों के अलावा कोबरा और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के जहरीले नाग भी शामिल होते हैं। मंदिर के मुख्य शिवलिंग के चारों ओर इन जीवित नागों को सुरक्षित तरीके से छोड़ा जाता है, जो भगवान शिव के गले और विग्रह से लिपटकर अद्भुत मुद्रा बनाते हैं।

जीवित नागों से होता है बाबा भोलेनाथ का दिव्य शृंगार

नाग पंचमी के दिन सुबह से ही मंदिर के कपाट खुलते ही एक अलग ही धार्मिक और रोमांचक माहौल बन जाता है। पंडित और सपेरे पूरी श्रद्धा और सावधानी के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते हैं। इसके बाद भगवान शिव के स्वरूप शिवलिंग का दूध, जल, पंचामृत और बेलपत्र से अभिषेक किया जाता है।

अभिषेक के पश्चात शुरू होता है वह अलौकिक दृश्य, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में भक्त उमड़ पड़ते हैं। शिवलिंग के चारों ओर और ऊपर जीवित नागों को इस प्रकार स्थापित किया जाता है कि उनके फन शिवलिंग के ठीक ऊपर छत्र की भांति तन जाते हैं।

नागों के फन और उनके प्राकृतिक रूप से शिवलिंग से लिपटने की इस कला को देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे स्वयं नागराज अपनी मर्जी से देवाधिदेव महादेव की सेवा में हाजिर हुए हों। इस जीवंत और दुर्लभ शृंगार को देखने के बाद भक्तों के मुंह से अनायास ही 'हर हर महादेव' और 'नाग देवता की जय' के नारे गूंज उठते हैं।

नाग पंचमी पर उमड़ता है जनसैलाब, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

खेरेपति बाबा मंदिर में नाग पंचमी के इस अनोखे आयोजन की खबर जैसे ही पूरे शहर में फैलती है, माल रोड और आसपास के इलाकों से भक्तों का रेला उमड़ना शुरू हो जाता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में पैर रखने की जगह नहीं बचती। कानपुर के विभिन्न इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों और पड़ोसी जिलों से भी लोग इस दुर्लभ शृंगार के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

विशेष तौर पर महिलाओं और युवाओं में इस मंदिर को लेकर भारी उत्साह देखा जाता है। जिन लोगों को सांपों से डर लगता है, वे भी इस दिन नागों की इस शांत मुद्रा और भोलेनाथ के प्रति उनकी आस्था को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन जो भी भक्त खेरेपति बाबा मंदिर में सच्चे मन से दर्शन करता है और जीवित नागों के फन से सजे भोलेनाथ के दर्शन लाभ प्राप्त करता है, उसके जीवन से कालसर्प दोष, राहु-केतु के बुरे प्रभाव और सांप के भय से मुक्ति मिल जाती है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

चूंकि मंदिर के गर्भगृह में जीवित और जहरीले सांपों के साथ शृंगार किया जाता है, इसलिए सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति बेहद सतर्क रहती है। किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए मंदिर परिसर में विशेष रूप से सपेरों, वन्यजीव विशेषज्ञों और अनुभवी पुजारियों की देखरेख में ही सारी रस्में पूरी की जाती हैं।

इसके अलावा, माल रोड पर लगने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहता है। मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग की जाती है ताकि कतारबद्ध तरीके से श्रद्धालु अपनी बारी आने पर बाबा के दर्शन कर सकें। पुलिस बल की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहती है।

आस्था, रहस्य और प्रकृति के मिलन का प्रतीक

आधुनिकता की अंधी दौड़ में जहां कई प्राचीन परंपराएं लुप्त होती जा रही हैं, वहीं कानपुर के माल रोड स्थित खेरेपति बाबा मंदिर की यह अनूठी परंपरा आज भी पूरी जीवित्ता के साथ अपनी संस्कृति को सहेजे हुए है। यह मंदिर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि हमारी सनातन संस्कृति में प्रकृति, जीव-जंतुओं और भगवान के बीच कितना गहरा और अटूट रिश्ता है।

सांप जैसे खतरनाक जीव को भी भगवान शिव के गले का हार बनते देखना और नाग पंचमी पर इस दुर्लभ शृंगार के दर्शन करना हर सनातनी के लिए एक परम सौभाग्य और अलोकौकिक अनुभव माना जाता है। सावन के इस पावन महीने में खेरेपति बाबा का यह दरबार हर भक्त की झोली खुशियों से भर देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed