UP: विश्वास हुआ तार-तार, शरीर पर किये 14 वार; अस्पताल से कराया डिस्चार्ज फिर जंगल में खेला हैवानियत का खेल
Hardoi News: शहर कोतवाली क्षेत्र के लालपालपुर में पति की पिटाई से घायल हुई महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि देर रात पति बेहतर इलाज कराने का भरोसा देकर पत्नी को अस्पताल से अपने साथ ले गया और मंगोलापुर के जंगल में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
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हरदोई जिले में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली और रूह कंपा देने वाली हैवानियत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस पति के साथ महिला ने सात फेरे लेकर जिंदगी भर साथ निभाने के वचन लिए थे, उसी पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पहले तो मामूली कहासुनी में पत्नी को बुरी तरह पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और जब राहगीरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, तो आरोपी 'बेहतर इलाज' का झांसा देकर अस्पताल से पत्नी को डिस्चार्ज कराकर सीधे बबूल के जंगलों में ले गया। वहां उसने पत्नी के शरीर पर 14 तीखे वार किए और अंत में बेरहमी से गला दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
इस दिल दहला देने वाली वारदात के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी पति और उसके सगे भाई (देवर) को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर चोट के 14 गंभीर निशान और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
17 साल पुराना रिश्ता और दूसरी औरत का साया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पड़ोसी राज्य बिहार और राजधानी लखनऊ के नाका कोतवाली क्षेत्र (बिरहाना) की रहने वाली 36 वर्षीया कोमल का विवाह करीब 17 वर्ष पूर्व हरदोई जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित कनेहटा गांव निवासी सत्यपाल यादव से हुआ था। सत्यपाल गांव और आसपास के इलाकों में मिठाई बेचने का काम करता है। शादी के बाद दोनों के चार बच्चे हुए और परिवार हंसी-खुशी जीवन यापन कर रहा था।
हालांकि, बीते कुछ वर्षों से सत्यपाल की नियत में खोट आ गया था। पुलिस और परिजनों के मुताबिक, सत्यपाल का अपने सगे बड़े भाई की साली शशी के साथ अवैध संबंध बन गया था। वह अपनी पत्नी की मर्जी के खिलाफ शशी को अपने ही घर में लाकर रखने लगा। इस बात को लेकर आए दिन पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट होने लगी।
पति के रोज-रोज के अत्याचार और सौतन के साथ रहने से आहत होकर कोमल अपने सबसे छोटे बच्चे को लेकर संडीला चली गई और वहां किराए पर कमरा लेकर एक प्लाईवुड फैक्टरी में काम करके अपना गुजारा करने लगी। वह समय-समय पर अपने अन्य तीन बच्चों से मिलने कनेहटा आती-जाती रहती थी।
चौराहे पर ही हैवान बन गया पति
घटनाक्रम की शुरुआत बृहस्पतिवार शाम से हुई। कोमल का बड़ा बेटा, जो अपने पिता सत्यपाल के पास गांव में रहता था, उसने अपनी मां को फोन करके कपड़े खरीदवाने के लिए बुलाया। ममता के हाथों मजबूर होकर कोमल तुरंत शहर के लालपालपुर चौराहे पर पहुँची। वहां जैसे ही सत्यपाल को खबर मिली कि कोमल आई हुई है, वह आगबबूला होकर चौराहे पर पहुँच गया।
भरी सभा और बाजार के बीच सत्यपाल ने अपनी पत्नी कोमल को गंदी-गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब कोमल ने विरोध किया, तो उसने सड़क पर ही उसे गिरा-गिराकर पीटना शुरू कर दिया। आरोपी ने लात-घूंसों से पीट-पीटकर अपनी पत्नी को लहूलुहान और बेदम कर दिया। चौराहे पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो उन्होंने किसी तरह बीच-बचाव करके सत्यपाल को वहां से खदेड़ा और गंभीर रूप से घायल कोमल को एंबुलेंस से सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया।
बेहतर इलाज' का झांसा और खौफनाक षड्यंत्र
अस्पताल में कोमल का प्राथमिक उपचार चल रहा था और वह धीरे-धीरे संभल रही थी। इसी बीच शुक्रवार की देर रात सत्यपाल अपने छोटे भाई सत्यप्रकाश को साथ लेकर अस्पताल के वार्ड में पहुँचा। वहां उसने बेहद हमदर्दी जताते हुए नाटक किया और कहा कि 'यहां सरकारी अस्पताल में सही इलाज नहीं हो रहा है, मैं तुम्हें किसी बड़े प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर अच्छा इलाज कराऊंगा।
बेचारी कोमल अपने ही पति के इस मीठे जाल और झूठे भरोसे में आ गई। उसने सोचा कि शायद उसका पति सुधर गया है और उसे अपनी गलती का अहसास हो गया है। सत्यपाल और उसका भाई सत्यप्रकाश अस्पताल के कागजात बनवाकर कोमल को वहां से अपने साथ ले गए। लेकिन, दोनों की नीयत में 'बेहतर इलाज' नहीं, बल्कि कोमल की जिंदगी का हमेशा-हमेशा के लिए अंत करने का खौफनाक षड्यंत्र छिपा था।
मंगोलापुर का जंगल और भरोसे का कत्ल
अस्पताल से बाहर निकलते ही दोनों भाई कोमल को किसी डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय सीधे मंगोलापुर के घने बबूल के जंगलों की तरफ ले गए। आधी रात के अंधेरे और सन्नाटे में जब कोमल को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, तो उसने शोर मचाने की कोशिश की। लेकिन हैवान बन चुके पति ने अपने भाई के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया।
आरोपियों ने किसी धारदार व भारी वस्तु से कोमल पर ताबड़तोड़ हमले किए। चीखती-चिल्लाती कोमल अपनी जान की भीख मांगती रही, लेकिन कातिल पति का दिल नहीं पसीजा। उसने कोमल के शरीर पर एक-एक करके 14 वार किए, जिससे वह पूरी तरह लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
इसके बाद भी जब सत्यपाल का मन नहीं भरा, तो उसने अपनी ही शर्ट/अंगोछे से पत्नी का गला कसकर तब तक दबाए रखा, जब तक कि उसकी सांसें पूरी तरह थम नहीं गईं। कत्ल को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।
फॉरेंसिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा
शनिवार की सुबह जब गांव का चौकीदार मंगोलापुर के बबूल के जंगलों की तरफ से गुजर रहा था, तो उसने झाड़ियों में एक महिला का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। चौकीदार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर अजीत चौहान, देहात कोतवाल समर बहादुर पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने जब मृतका के कपड़ों और हुलिए के आधार पर छानबीन शुरू की, तो कुछ ही घंटों में उसकी पहचान कोमल के रूप में हो गई। इसके बाद जब सौ शैय्या अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले गए, तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस की जांच टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पति सत्यपाल और उसके भाई सत्यप्रकाश को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी पति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि दूसरी महिला के साथ रहने के रास्ते में कोमल रोड़ा बन रही थी और बार-बार पैसों व बच्चों की मांग करती थी, इसलिए उसने साजिश रचकर उसका काम तमाम कर दिया।
उधर, डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह बात साफ हुई है कि महिला की हत्या गला दबाकरbकी गई है। इसके अलावा मृतका के चेहरे, सिर, छाती और हाथों पर चोट के 14 गंभीर निशान पाए गए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि कत्ल से पहले उसके साथ कितनी दरिंदगी की गई थी।
इस मामले में मृतका की बहन की लिखित शिकायत के आधार पर देहात कोतवाली में आरोपी पति सत्यपाल और देवर सत्यप्रकाश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पुख्ता साक्ष्य अदालत में पेश किए जाएंगे।