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मौत के मुंह से आया वापस: जहरीले सांप ने युवक को डसा, दो घंटे में 150 थप्पड़ और 15 एंटी वेनम ने बचाई जान
Mon, 17 Aug 2026 12:15 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:15 AM IST
सार
Hardoi News: घास की बोरी के नीचे छिपा जहरीला सांप था। बोरी उठाते ही डस लिया था। भाई ने कभी पानी से मुंह धुला तो कभी थप्पड़ मारे। नर्वस सिस्टम को सक्रिय रखने के लिए जतन किए।
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अरुण को थप्पड़ मारकर जगाते रहने का प्रयास करता भाई आकाश व एंटी वेनम इंजेक्शन देतीं नर्स
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
युवक को जहरीले सांप ने डस लिया। समय पर मिली मदद, चिकित्सकों की सूझबूझ और बड़े भाई के प्रयासों से जान बचाई जा सकी। 21 वर्षीय युवक को होश में रखने के लिए बड़े भाई ने करीब दो घंटे में 150 बार थप्पड़ मारे तो मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए। इससे युवक को नया जीवन मिल गया। घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ज्योतिनगर निवासी आकाश डेयरी चलाते हैं। शनिवार दोपहर उनके छोटे भाई अरुण (21) खेत में उनके लिए पानी लेकर आए थे। बताया कि दोपहर करीब दो बजे जब अरुण ने घास की बोरी उठाई तो बोरी के नीचे छिपे एक सांप ने उन्हें डस लिया। अरुण के चीखने पर आकाश तुरंत उन्हें सड़क की ओर लेकर भागे और एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। अरुण की हालत तेजी से बिगड़ रही थी। इस दौरान प्रगतिनगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजर रहे थे।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ज्योतिनगर निवासी आकाश डेयरी चलाते हैं। शनिवार दोपहर उनके छोटे भाई अरुण (21) खेत में उनके लिए पानी लेकर आए थे। बताया कि दोपहर करीब दो बजे जब अरुण ने घास की बोरी उठाई तो बोरी के नीचे छिपे एक सांप ने उन्हें डस लिया। अरुण के चीखने पर आकाश तुरंत उन्हें सड़क की ओर लेकर भागे और एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। अरुण की हालत तेजी से बिगड़ रही थी। इस दौरान प्रगतिनगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजर रहे थे।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिवम ने दोनों भाइयों को अपनी बाइक पर बैठाया और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने उपचार शुरू किया। चिकित्सक ने परिजन को हिदायत दी कि मरीज को किसी भी कीमत पर सोने न दिया जाए। चिकित्सक के निर्देश का पालन करते हुए बड़े भाई आकाश ने अरुण को होश में रखने के लिए कभी पानी से मुंह धुलाया तो कभी थप्पड़ मारता रहा ताकि अरुण जागता रहे और उसकी हालत पर नजर रखी जा सके।
ईएमओ डॉ. शेर सिंह के मुताबिक सामान्यता सांप के काटने पर पांच इंजेक्शन दिए जाते हैं लेकिन अरुण के शरीर में जहर के गंभीर प्रभाव को देखते हुए दो घंटे के अंदर कुल 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए गए। बताया कि सांप के काटने के बाद मरीज का सो जाना जानलेवा हो सकता है क्योंकि इससे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) अवरुद्ध होने की आशंका रहती है। वहीं सांस की नली में उल्टी में आने वाला पदार्थ फंसने का खतरा रहता है।