Hamirpur: मरीज की मौत पर नर्स का ECG तार से घोंटा गला, डॉक्टर को पीटकर चेन-अंगूठी लूटी, कोतवाली पहुंचे डॉक्टर
Hamirpur News: हमीरपुर जिला अस्पताल में सल्फास खाने वाले युवक की मौत के बाद तीमारदारों ने ईएमओ और स्टाफ नर्स विपिन पर जानलेवा हमला कर लूटपाट की। इसके विरोध में डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर दी है। वहीं, चिकित्सक कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली पहुंचे हैं।
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हमीरपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार तड़के मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि तीमारदारों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट की। स्टाफ नर्स का ईसीजी मशीन के तार से गला दबाने की कोशिश की गई। इमरजेंसी में तोड़फोड़ भी की गई। घटना के बाद डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी सदर कोतवाली पहुंच गए। विरोध में जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
थाना बिवार क्षेत्र के अटरार गांव निवासी जितेंद्र सिंह (18) को परिजन मंगलवार तड़के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. महेंद्र कुमार सिंह के अनुसार युवक ने सेल्फॉस (सल्फास) का सेवन किया था और उसकी हालत गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज कानपुर रेफर किया गया था। इसी दौरान एंबुलेंस स्टाफ को युवक की हालत पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे दोबारा इमरजेंसी में लाया गया।
10 से 15 लोगों ने मारपीट की
जांच और ईसीजी के दौरान युवक की मौत की पुष्टि हो गई। आरोप है कि मौत की जानकारी मिलते ही तीमारदार उग्र हो गए। उन्होंने इमरजेंसी में हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. महेंद्र कुमार सिंह की ओर से सदर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि करीब 10 से 15 लोगों ने उनके साथ मारपीट की। सोने की चेन, अंगूठी और घड़ी लूट ली गई। इमरजेंसी में तोड़फोड़ की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर के अनुसार स्टाफ नर्स विपिन का ईसीजी मशीन के तार से गला दबाने का प्रयास किया गया।
इमरजेंसी वार्ड में मच गई अफरा-तफरी
बचाने पहुंचे गार्ड और अन्य स्टाफ के साथ भी मारपीट की गई। घटना से इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और भर्ती मरीज व तीमारदार दहशत में आ गए। घटना के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी सदर कोतवाली पहुंच गए। चिकित्सकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग उठाई। काफी देर तक पुलिस अधिकारियों और चिकित्सकों के बीच वार्ता चलती रही।
डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा
विरोध के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे, जिससे इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवा संचालित होती रही। अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि मंगलवार तड़के जिला अस्पताल में एक मरीज लाया गया था। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धक्का-मुक्की की। मामले में तहरीर प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।