तालाब बना काल: मौत भी जुदा न कर सकी, साथ पढ़ते-खेलते और अब अंतिम यात्रा भी साथ, ऐसे तीन दोस्तों ने छोड़ी दुनिया
Hamirpur News: खंडेह गांव में तालाब में डूबने से कक्षा छह के तीन छात्रों की मौत हो गई। तीनों दोस्त स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन कलार तालाब में गहरे गड्ढों के कारण उनकी जान चली गई।
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विस्तार
हमीरपुर जिले के खंडेह गांव में सोमवार को हुए हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। तालाब में डूबे प्रबल, आदित्य और भोला उर्फ सुमित की दोस्ती मौत के बाद भी अलग नहीं हुई। जो तीनों बच्चे रोज साथ पढ़ते, साथ खेलते और गांव में साथ दिखाई देते थे, पोस्टमार्टम के बाद उनके शव भी एक ही वाहन से गांव के लिए रवाना हुए।
यह दृश्य देख पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें भर आईं। तीनों बच्चे गांव के विजय देव विद्यालय में कक्षा छह के छात्र थे। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल जाना हो, खेलना हो या गांव में कहीं जाना हो, तीनों अक्सर साथ ही रहते थे। सोमवार को भी वे अन्य बच्चों के साथ घर से निकले थे।
जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा
किसी को अंदाजा नहीं था कि यह साथ उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हादसे के बाद मौदहा सीएचसी में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। आदित्य की मां पूजा बेटे की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गईं। अस्पताल में मौजूद महिलाएं और परिजन उन्हें संभालते रहे।
तीनों के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे
सीओ राजकुमार पांडेय ने आदित्य के परिजनों से बात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया।
पोस्टमार्टम हाउस पर खंडेह गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। दो मृतकों के पिता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जबकि प्रबल के पिता घनश्याम यादव की हालत बिगड़ने पर उनके भाई निशांत और चाचा शुभम यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
अब अंतिम यात्रा भी साथ होगी
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव एक ही वाहन से गांव भेजे गए। शव देर रात तक गांव पहुंचने की उम्मीद है। मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि तीनों बच्चे जिंदगी भर साथ रहे और अब अंतिम यात्रा भी साथ होगी।
चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता
एसडीएम करणवीर सिंह ने बताया कि तीनों मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि तालाब और आसपास की स्थिति की जानकारी भी ली जा रही है।
दादी के सहारे था भोला, बाजार में बेचता था सब्जी
भोला उर्फ सुमित के माता-पिता कानपुर के पास ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह गांव में दादी यशोदा के साथ रहता था। पिता सीताराम कुशवाहा ने बताया कि भोला पढ़ाई में अच्छा था और स्वभाव से सीधा था। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति में वह दादी के साथ खेत में लगी सब्जी गांव की सोमवार बाजार में बेचने में भी मदद करता था।
मां ने कहा था, तालाब में नहाने मत जाना
आदित्य, भोला की मौसी का बेटा था। दोनों के घर आमने-सामने हैं। दोनों साथ पढ़ते और साथ खेलते थे। सोमवार को आदित्य अपनी मां पूजा से भोला के साथ मंदिर में खेलने जाने की बात कहकर निकला था। मां ने उसे जल्दी लौटने और तालाब में न नहाने की हिदायत दी थी। कुछ घंटे बाद उसी तालाब से उसके डूबने की खबर आई।
दरोगा बनना चाहता था प्रबल
प्रबल के पिता घनश्याम यादव खेती करते हैं। परिवार के पास करीब दो बीघा जमीन बताई गई है। बड़े भाई निशांत ने बताया कि प्रबल पढ़ाई में अच्छा था और बड़ा होकर दरोगा बनना चाहता था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता की हालत बिगड़ गई।
जिस बाजार में सब्जी बेचता था, वहीं पास हुआ हादसा
रामजानकी मंदिर के पास सोमवार को गांव की बाजार लगती है। भोला दादी के साथ इसी बाजार में खेत की सब्जी बेचने में मदद करता था। इसी मंदिर के पास स्थित कलार तालाब में डूबने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद बाजार और गांव दोनों जगह सन्नाटा पसर गया।
ग्राम पंचायत का है कलार तालाब
ग्रामीणों के अनुसार रामजानकी मंदिर के पास स्थित कलार तालाब ग्राम पंचायत का है। तालाब में गहरे गड्ढे बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तालाब के पास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम न होने पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।
ये है पूरा मामला
मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खंडेह गांव में सोमवा को तालाब में नहाने गए प्रबल (11), आदित्य (8) और सुमित उर्फ भोला (10) की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तालाब में मिट्टी खनन से बने गहरे गड्ढों में बच्चों के डूबने से हादसा हुआ। एक साथ तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा है।
गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे
जानकारी के अनुसार गर्मी और उमस से परेशान होकर तीनों बच्चे सोमवार सुबह करीब 10 बजे घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित रामजानकी मंदिर के पीछे बने तालाब में नहाने गए थे। नहाते समय अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े।
एक घंटे तक तालाब में अभियान चलाया
ग्रामीणों ने तालाब में छलांग लगाकर बच्चों को बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक तीनों बच्चे तालाब में मिट्टी खनन से बने गहरे गड्ढे में समा गए। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक तालाब में तलाश अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया।
गांव में शोक की लहर दौड़ गई
इसके बाद ग्रामीण बच्चों को बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौदहा लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही मौदहा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।