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Hamirpur: एनएच-34 पर लापरवाही का जाम, टूट गया खाकी पहनने का सपना, मां बोली- साहब, मुझे बेटी का भविष्य चाहिए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 10 Jun 2026 01:47 PM IST
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सार

Hamirpur News: कानपुर से हमीरपुर पुलिस भर्ती परीक्षा देने आई एक छात्रा का पेपर नेशनल हाईवे-34 पर लगे जाम के कारण छूट गया। सुबह आठ बजे की समय सीमा के बाद 10 बजे केंद्र पहुंचने पर प्रशासन ने प्रवेश देने से मना कर दिया, जिससे मायूस होकर मां-बेटी वापस लौट गईं।

Hamirpur Traffic jam caused by negligence on NH 34 dream of wearing the police uniform shattered
जानकारी देती छात्रा और उसकी मां - फोटो : amar ujala
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विस्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान हमीरपुर से एक बेहद भावुक और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। नेशनल हाईवे-34 पर लगे भीषण जाम ने कानपुर से परीक्षा देने आई एक होनहार छात्रा का भविष्य दांव पर लगा दिया। सुबह आठ बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य था, लेकिन छात्रा जाम में ऐसी फंसी कि 10 बजे के बाद केंद्र पहुंच सकी। इसके कारण उसे प्रवेश नहीं दिया गया।


जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी मां अनुराधा के साथ कानपुर से हमीरपुर मुख्यालय स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रथम पाली की परीक्षा देने आई थी। सब कुछ योजना के मुताबिक था, लेकिन नेशनल हाईवे-34 पर लगे लंबे जाम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गाड़ियां रेंगती रहीं और घड़ी की सुइयां आगे बढ़ती गईं।

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10 बजे पहुंची छात्रा, मिन्नतें भी रहीं नाकाम
नियमों के मुताबिक परीक्षा केंद्र में प्रवेश की समय सीमा सुबह आठ बजे समाप्त हो चुकी थी। जब मां-बेटी थक-हारकर 10 बजे के बाद केंद्र पर पहुंचीं, तो केंद्र प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए गेट खोलने और प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद बेबस मां-बेटी ने राहत पाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर भी लगाए, लेकिन कोई मदद नहीं मिल सकी।

मां बोली- मुझे मेरी बेटी का भविष्य चाहिए
परीक्षा केंद्र के बाहर का नजारा बेहद भावुक कर देने वाला था। वर्षों की मेहनत पर पानी फिरता देख मां अनुराधा के आंसू छलक पड़े। रोते हुए मां ने सिर्फ एक ही गुहार लगाई कि मुझे और कुछ नहीं, बस मेरी बेटी का भविष्य चाहिए। हालांकि, नियमों की बंदिशों के आगे किसी की न चली और आखिरकार मां-बेटी को बेहद मायूस होकर वापस कानपुर लौटना पड़ा।

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