Hardoi Double Suicide: जीजा-साली ने ट्रेन से कटकर दी जान, क्षत-विक्षत पड़े थे शव…तिल और कपड़ों से हुई पहचान
Hardoi News: हरदोई में एक जीजा और उसकी साली ने प्रेम प्रसंग के चलते ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। पुलिस सीसीटीवी और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।
विस्तार
हरदोई जिले में लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर देहात कोतवाली क्षेत्र में प्रेमीयुगल ने ट्रेन के आगे खड़े होकर खुदकुशी कर ली। मृतक और मृतका आपस में जीजा-साली हैं। सोशल मीडिया पर शव की तस्वीर देख दोनों की पहचान परिजनों ने मोर्चरी पहुंचकर की। घटना बुधवार आधीरात के बाद लगभग सवा दो बजे खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने सीओ और कोतवाल के साथ घटनास्थल का जायजा लिया।
बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा निवासी रितेश कुमार सिंह (28) हरियाणा के बहादुरगढ़ में रेक्सीन सोल बनाने वाली फैक्टरी में काम करते थे। छोटे भाई साकेत के मुताबिक, रितेश ने शादी करने से मना कर दिया था तो परिजनों ने उनकी शादी तीन जुलाई 2024 को मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के सुमेरपुर निवासी शिवी सिंह से कर दी थी। इसके बाद रितेश का भी सुमेरपुर आना जाना रहता था। दावा किया कि पिछले छह-सात माह से रीतेश घर नहीं आए थे।
परिजनों को संदेह था कि रीतेश ही मुस्कान को कहीं ले गया
बीती 13 जनवरी की सुबह साकेत की साली मुस्कान (23) घर से मल्लावां बाजार जाने की बात कहकर निकली थी। परिजनों को बताया था कि उसे दवा लेनी है। वापस घर न पहुंचने पर मुस्कान के परिजनों को शंका हुई तो साकेत से बात की गई। मुस्कान के परिजनों को संदेह था कि रीतेश ही मुस्कान को कहीं ले गया है। साकेत ने रीतेश को पूरी बात बताई और बहादुरगढ़ से गांव आने को कहा। रीतेश ने बृहस्पतिवार सुबह गांव आ जाने की बात कही।
ट्रेन के आगे खड़े होकर खुदकुशी की
इसी बीच रीतेश बुधवार रात लगभग 12 बजे शहर के मोहल्ला सुभाषनगर में रहने वाली अपनी बुआ बिट्टी सिंह के घर पहुंचा। वहां बैग और मोबाइल रखकर जरूरी काम से लखनऊ जाने की बात कहकर निकल गया। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह सोशल मीडिया पर रीतेश और मुस्कान के शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की जानकारी हुई। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि अब तक की जांच में मामला प्रेम प्रसंग का ही निकला है। युवक और युवती आपस में करीबी रिश्तेदार हैं। ट्रेन के आगे खड़े होकर दोनों ने खुदकुशी की है। अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
बायें कान के पीछे तिल और कपड़ों से हुई पहचान
ट्रेन से कट जाने के कारण प्रेमी युगल के कई टुकड़े हो गए थे। मोर्चरी पहुंचे रीतेश के भाई साकेत ने बाएं कान के पीछे तिल होने और कपड़े देखकर शव की पहचान की। इसी तरह मुस्कान की मां नीतू सिंह ने भी कपड़ों और शरीर के कुछ चिंहों से शव की पहचान की।
ट्रैक पर शवों के कारण 45 मिनट खड़ी रही बाघ एक्सप्रेस
लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर खदरा रेलवे फाटक के पास खंभा नंबर 1173 के सामने युवक युवती ने ट्रेन के आगे खड़े होकर खुदकुशी की थी। दोनों शवों के टुकड़े अप लाइन (दिल्ली की तरफ जाने वाला ट्रैक) पर पड़े थे। इसी दौरान हावड़ा से काठगोदाम जाने वाली बाघ एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। ट्रेन के लोको पायलट ने शव देखकर ट्रेन रोक दी। इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घने कोहरे के कारण शव हटाने में भी काफी वक्त लग गया। इन सब कारणों से बाघ एक्सप्रेस लगभग 45 मिनट खड़ी रही।
...तो सुभाषनगर से रीतेश को लेने गई थी मुस्कान
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि रीतेश की बुआ बिट्टी देवी के घर के आसपास कई मकानों में सीसीटीवी लगे हैं। इन कैमरों की फुटेज खंगालने पर यह भी पता चला कि मुस्कान सुभाषनगर में रीतेश की बुआ के मकान के आसपास बुधवार की रात थी। एक मकान के पास वह खड़ी नजर आ रही है। माना जा रहा है कि वह रीतेश को लेने गई थी। वहां से दोनों साथ में ही निकले और फिर जाकर खुदकुशी कर ली।
साकेत को दे देना मेरा फोन और बैग
रीतेश रात में जब बुआ के घर गया तो वहां कुछ पल ही रुका। इस दौरान उसने अपनी बुआ बिट्टी से कहा कि बैग और मोबाइल फोन बृहस्पतिवार की सुबह साकेत को दे देना। बिट्टी को लगा कि रीतेश को किसी जरूरी काम से जाना होगा और मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है। इसलिए यह सब छोड़कर जा रहा है। दरअसल, बुधवार को रीतेश को साकेत ने दोबार फोन किया था। एक बार उसकी बात हो गई थी तब रीतेश ने बृहस्पतिवार को आने की बात कही थी। शाम को फोन मिलाने पर फोन स्विच ऑफ था।
मुस्कान के लिए तलाशा जा रहा था लड़का
मुस्कान के फूफा सर्वेश सिंह के मुताबिक, मुस्कान की शादी के लिए लड़का तलाश किया जा रहा था। जल्द से जल्द मुस्कान की शादी करने की योजना बनाई जा रही थी। अगर वह रितेश से शादी करना चाहती थी तो उसको बताना चाहिए था। दोनों परिवार के लोग बैठकर कोई बेहतर विकल्प तलाश करते।
