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Hardoi: चोरी की 22 बाइकाें और तीन स्कूटी के साथ तीन शातिरों को पकड़ा, ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 08 Jun 2026 07:44 PM IST
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सार
एक ही जंगल में दो अलग-अलग जगहों पर चोरी के वाहन छिपाए थे। कासिमपुर थाने की पुलिस चार जिलों के 90 सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपियों तक पहुंची।
बरामद बाइक व गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुलिस ने लखनऊ समेत आसपास के कई जिलों में बाइक और स्कूटी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन अंतरजनपदीय शातिरों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने कासिमपुर थाना क्षेत्र के एक जंगल में दो स्थानों से 22 बाइक और तीन स्कूटी बरामद की हैं। हरदोई, उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ के तकरीबन 90 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही सर्विलांस की मदद से पुलिस को सफलता मिली है।
पिछले कुछ महीनों में बाइक और स्कूटी चोरी की घटनाओं का खुलासा करने की कवायद पुलिस कर रही है। इसी क्रम में कासिमपुर थाने की पुलिस ने बरगदियाखेड़ा निवासी शकील, झौनीखेड़ा निवासी वीरू और कहचारी निवासी अरबी हसन को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर घुस्पहा के जंगल में चोरी की बाइकें और स्कूटी बरामद की गई हैं। आरोपियों ने बताया है कि यह वाहन लखनऊ, उन्नाव, संडीला समेत अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए। इनके पास से दो मास्टर चाबी, तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।
सीओ ने बताया कि इनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। तीनों आरोपियों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया। आरोपियों में शकील के खिलाफ लखनऊ के थाना क्षेत्रों में तीन, वीरू के हरदोई के कासिमपुर में तीन और अरबी हसन के खिलाफ कासिमपुर में दो और उन्नाव के औरास थाने में एक मामला दर्ज है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इन सभी को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
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पिछले कुछ महीनों में बाइक और स्कूटी चोरी की घटनाओं का खुलासा करने की कवायद पुलिस कर रही है। इसी क्रम में कासिमपुर थाने की पुलिस ने बरगदियाखेड़ा निवासी शकील, झौनीखेड़ा निवासी वीरू और कहचारी निवासी अरबी हसन को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर घुस्पहा के जंगल में चोरी की बाइकें और स्कूटी बरामद की गई हैं। आरोपियों ने बताया है कि यह वाहन लखनऊ, उन्नाव, संडीला समेत अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए। इनके पास से दो मास्टर चाबी, तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।
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सीओ ने बताया कि इनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। तीनों आरोपियों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया। आरोपियों में शकील के खिलाफ लखनऊ के थाना क्षेत्रों में तीन, वीरू के हरदोई के कासिमपुर में तीन और अरबी हसन के खिलाफ कासिमपुर में दो और उन्नाव के औरास थाने में एक मामला दर्ज है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इन सभी को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
सात घटनास्थलों पर इस्तेमाल होते मिले तीन नंबर
दरअसल बाइक चोरी की सात अलग-अलग घटनाओं के फुटेज देखे गए थे। इन फुटेज में दो आरोपी समान रूप से हरदोई, उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ के फुटेज में भी नजर आ गए थे। पुलिस ने घटनास्थलों पर सक्रिय मोबाइल नंबरों का ब्योरा खंगाला। तीन मोबाइल नंबर हर घटनास्थल पर सक्रिय मिले।
दरअसल बाइक चोरी की सात अलग-अलग घटनाओं के फुटेज देखे गए थे। इन फुटेज में दो आरोपी समान रूप से हरदोई, उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ के फुटेज में भी नजर आ गए थे। पुलिस ने घटनास्थलों पर सक्रिय मोबाइल नंबरों का ब्योरा खंगाला। तीन मोबाइल नंबर हर घटनास्थल पर सक्रिय मिले।
पांच से सात हजार में बेचते थे बाइक
पुलिस से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि अरबी हसन, वीरू और शकील खाने-पीने के साथ ही बाइकों पर घूमने के शौकीन हैं। चोरी के बाद यह लोग बाइक से कई दिनों तक घूमते थे। इस दौरान बाइक की नंबर प्लेट या तो हटा देते थे या फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। बाद में यह डेढ़ लाख रुपये कीमत तक की बाइक पांच से सात हजार रुपये में बेच देते थे। बरामद बाइकों में से चार के चेसिस नंबर भी शातिरों ने मिटा रखे हैं। घटनाओं को अंजाम देने के लिए यह लोग लखनऊ और उन्नाव जैसी जगहों पर किराये पर कमरा लेकर रहते थे। इसके बाद रेकी करते थे। एक डेढ़ साल पुरानी बाइक को निशाना बनाते थे। ऐसी बाइकों का लॉक काफी घिस जाता है और मास्टर चाबी से आसानी से खुल जाता है।
पुलिस से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि अरबी हसन, वीरू और शकील खाने-पीने के साथ ही बाइकों पर घूमने के शौकीन हैं। चोरी के बाद यह लोग बाइक से कई दिनों तक घूमते थे। इस दौरान बाइक की नंबर प्लेट या तो हटा देते थे या फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। बाद में यह डेढ़ लाख रुपये कीमत तक की बाइक पांच से सात हजार रुपये में बेच देते थे। बरामद बाइकों में से चार के चेसिस नंबर भी शातिरों ने मिटा रखे हैं। घटनाओं को अंजाम देने के लिए यह लोग लखनऊ और उन्नाव जैसी जगहों पर किराये पर कमरा लेकर रहते थे। इसके बाद रेकी करते थे। एक डेढ़ साल पुरानी बाइक को निशाना बनाते थे। ऐसी बाइकों का लॉक काफी घिस जाता है और मास्टर चाबी से आसानी से खुल जाता है।