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Hardoi News: प्रश्नों को देख अभ्यर्थियों का चकराया सिर
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फोटो-01- जीजीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थीयों के प्रवेश पत्र चेक करते शिक्षक। संवाद
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हरदोई। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में प्रवक्ता पद की परीक्षा रविवार को नौ केंद्रों पर हुई, परीक्षा में 3,822 के सापेक्ष 1,779 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। करीब 53 फीसदी से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा से किनारा कर लिया। प्रश्नपत्र देखकर अभ्यर्थियों का सिर चकरा गया, सभी ने प्रश्नपत्र को काफी कठिन बताया।
शहर के नौ परीक्षा केंद्रों पर रविवार को परीक्षा हुई। परीक्षा केंद्रों पर जांच के उपरांत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्र पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैद रहे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और मजिस्ट्रेटों की निगरानी में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
यह रहे अनुपस्थित
-आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में 384 की तुलना में 169, सीएसएनपीजी कॉलेज में 384 की तुलना में 191, आरआर इंटर कॉलेज में 480 के सापेक्ष 223, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 384 के सापेक्ष 172, राजकीय इंटर कॉलेज में 480 के सापेक्ष 253, श्री वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में 480 के सापेक्ष 224, महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 480 के सापेक्ष 208, गंगा देवी इंटर कॉलेज में 384 की तुलना में 185 और आर्य कन्या महाविद्यालय में 366 की तुलना में 154 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
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समसामयिक मुद्दों से जुड़े प्रश्नों ने परेशान किया
प्रश्न पत्र काफी कठिन था, प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य से काफी ऊंचा था। लीग से हटकर पूछे गए सवालों को देखकर एक बार तो माथा चकरा गया। खासकर विषय-विशेष और समसामयिक मुद्दों से जुड़े प्रश्नों ने काफी परेशान किया। -कल्पना, बरेली
मुख्य विषय से जुड़े सवाल काफी हद तक सीधे और पाठ्यक्रम के अनुसार ही थे, जीएस वाले भाग ने अच्छा-खासा परेशान किया। उत्तर प्रदेश विशेष से जुड़े कुछ सवाल काफी गहरे पूछे गए थे जिसने मेरिट पर असर पड़ सकता है। -गुड़िया, कानपुर
इतिहास और भूगोल से जुड़े कुछ सवालों में काफी वक्त लगा। इस बार का पेपर काफी घुमावदार और गहराई से पूछा गया था। टाइम मैनेजमेंट करने में काफी पसीना बहाना पड़ा। -कल्पना, लखनऊ
उपस्थिति कम होने और पेपर का स्तर कठिन होने के कारण मेरिट उम्मीद से कम जा सकती है। प्रश्न पत्र कठिन था। इसके बावजूद अच्छे अंक आने की उम्मीद है। -हरीलाल यादव, अयोध्या
शहर के नौ परीक्षा केंद्रों पर रविवार को परीक्षा हुई। परीक्षा केंद्रों पर जांच के उपरांत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्र पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैद रहे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और मजिस्ट्रेटों की निगरानी में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
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यह रहे अनुपस्थित
-आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में 384 की तुलना में 169, सीएसएनपीजी कॉलेज में 384 की तुलना में 191, आरआर इंटर कॉलेज में 480 के सापेक्ष 223, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 384 के सापेक्ष 172, राजकीय इंटर कॉलेज में 480 के सापेक्ष 253, श्री वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में 480 के सापेक्ष 224, महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 480 के सापेक्ष 208, गंगा देवी इंटर कॉलेज में 384 की तुलना में 185 और आर्य कन्या महाविद्यालय में 366 की तुलना में 154 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
समसामयिक मुद्दों से जुड़े प्रश्नों ने परेशान किया
प्रश्न पत्र काफी कठिन था, प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य से काफी ऊंचा था। लीग से हटकर पूछे गए सवालों को देखकर एक बार तो माथा चकरा गया। खासकर विषय-विशेष और समसामयिक मुद्दों से जुड़े प्रश्नों ने काफी परेशान किया। -कल्पना, बरेली
मुख्य विषय से जुड़े सवाल काफी हद तक सीधे और पाठ्यक्रम के अनुसार ही थे, जीएस वाले भाग ने अच्छा-खासा परेशान किया। उत्तर प्रदेश विशेष से जुड़े कुछ सवाल काफी गहरे पूछे गए थे जिसने मेरिट पर असर पड़ सकता है। -गुड़िया, कानपुर
इतिहास और भूगोल से जुड़े कुछ सवालों में काफी वक्त लगा। इस बार का पेपर काफी घुमावदार और गहराई से पूछा गया था। टाइम मैनेजमेंट करने में काफी पसीना बहाना पड़ा। -कल्पना, लखनऊ
उपस्थिति कम होने और पेपर का स्तर कठिन होने के कारण मेरिट उम्मीद से कम जा सकती है। प्रश्न पत्र कठिन था। इसके बावजूद अच्छे अंक आने की उम्मीद है। -हरीलाल यादव, अयोध्या

फोटो-01- जीजीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थीयों के प्रवेश पत्र चेक करते शिक्षक। संवाद

फोटो-01- जीजीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थीयों के प्रवेश पत्र चेक करते शिक्षक। संवाद

फोटो-01- जीजीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थीयों के प्रवेश पत्र चेक करते शिक्षक। संवाद

फोटो-01- जीजीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थीयों के प्रवेश पत्र चेक करते शिक्षक। संवाद