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UP: गठबंधन ने संविधान बदलने का नैरेटिव कैसे समझाया, भूपेंद्र चौधरी बोले- हार की वजह तलाशने BJP करेगी समीक्षा

Sun, 16 Jun 2024 04:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 16 Jun 2024 04:50 AM IST
सार

Kanpur News: प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में इस बात पर भी मंथन करने की योजना बनाई गई है कि इंडी गठबंधन आखिर किस तरह से संविधान बदलने के नैरेटिव को मतदाताओं को समझा पाने में सफल रहा है। भाजपा इस नैरेटिव को बदल पाने में किस तरह से असफल रही।

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How did the alliance explain narrative of changing the constitution, Bhupendra Chaudhary said BJP will review
भूपेंद्र चौधरी - फोटो : socia; media

विस्तार

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के वोट बैंक में आई कमी और अनुमान से ज्यादा सीटों पर मिली हार की वजह तलाशने के लिए पार्टी लोकसभा क्षेत्रवार समीक्षा करेगी। इसके लिए सभी लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।

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ये सभी क्षेत्रों में प्रवास करेंगे, साथ ही हार और पिछड़ने के कारणों की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार करेंगे। संविधान बदलने के नैरेटिव को गठबंधन मतदाताओं को कैसे समझा ले गया, चुनाव में भिरतघात तो नहीं हुआ इसकी भी विस्तृत रिपोर्ट बनेगी।

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शनिवार को शहर आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने इस संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की टीम बनाई गई है, जो लोकसभा क्षेत्रवार समीक्षा करेगी। कानपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता अमरपाल मौर्य को लगाया गया है।

भाजपा समझ नहीं पा रही गणित
कन्नौज में हर्षवर्धन आर्य प्रवास करेंगे। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अलावा उन्नाव और हरदोई से जुड़ी लोकसभा सीटों की बात करें, तो यहां पर जिस तरह से पार्टी की हार और पिछले दो बार से मिले वोट प्रतिशत में गिरावट आई है, उसका गणित भाजपा समझ नहीं पा रही है।

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सीटों की समीक्षा भी की जाएगी
इसी तरह प्रदेश की 44 हारी हुई सीटों के अलावा जीत हुई सीटों की समीक्षा भी की जाएगी। कहा जा रहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोकसभा उसके बाद विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा की जाएगी। इसके लिए क्षेत्र, प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय इकाई के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

संविधान बदलने के नैरेटिव को कैसे समझाया
एक दिन पहले लखनऊ में हुई प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में इस बात पर भी मंथन करने की योजना बनाई गई है कि इंडी गठबंधन आखिर किस तरह से संविधान बदलने के नैरेटिव को मतदाताओं को समझा पाने में सफल रहा है।

जनता को भ्रमित करने का काम किया है
भाजपा इस नैरेटिव को बदल पाने में किस तरह से असफल रही। इस संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि भाजपा की 400 सीटें आ गईं, तो संविधान बदल जाएगा। इसको लेकर इंडी गठबंधन ने जनता को भ्रमित करने का काम किया है।

विधायकों की भूमिका भी परखेगी पार्टी
प्रदेश स्तरीय बैठक में यह भी तय हुआ है कि लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के लिए उस क्षेत्र के विधायकों की भूमिका की समीक्षा भी की जाएगी। इसके लिए पार्टी स्तर से रिपोर्ट तो बनेगी ही। उस क्षेत्र के लोकसभा प्रत्याशियों से भी पार्टी यह समझेगी कि किस विधायक की कैसी भूमिका रही है।

एक झटके में कैसे कम हुआ इतना वोट
साथ ही विधानसभा क्षेत्रों में पिछले दो चुनावों के बाद एक झटके में इतना वोट कैसे कम हुआ, इसके पीछे विधायकों की कार्य प्रणाली कैसी रही यह जानने के लिए पार्टी खुफिया स्तर से भी रिपोर्ट तैयार कराएगी। कहा जा रहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उसी आधार पर विधायकों की भूमिका तय होगी।

भितरघात, शिकायतों की गंभीरता से जांच
लोकसभा चुनाव में भितरघात और शिकायतों को लेकर भी पार्टी काफी गंभीर है। कुछ प्रत्याशियों की ओर से खुले तौर पर शिकायतें की गई हैं, तो बहुत से प्रत्याशियों ने पार्टी के फोरम पर जाकर शिकायत पहुंचाई हैं। सभी शिकायतों की जांच के लिए भी पार्टी अलग टीम बना रही है। कहा जा रहा है कि यदि पार्टी के अंदर से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है तो इसे विश्वासघात मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर में अमरपाल, कन्नौज में हर्षवर्धन आर्य को जिम्मेदारी
पार्टी की हार जीत को लेकर की जाने वाली समीक्षा में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ प्रमुख सीटों के लिए पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें कानपुर में अमरपाल मौर्या, हर्षवर्धन आर्य कन्नौज, संतविलास शिवहरे फूलपुर, कौशांबी, सलेमपुर, मानवेंद्र सिंह रामपुर, सुरेश राणा अकबरपुर, जालौन, समीर सिंह आगरा, फतेहपुर, प्रकाश पाल पीलीभीत बरेली की जिम्मेदारी दी गई है।

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