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IAS रिंकू का भावुक पोस्ट: भ्रष्टाचार को खुलेआम संरक्षण, ऐसे माहौल में ईमानदारी से काम करना युद्ध लड़ने जैसा

Thu, 30 Jul 2026 10:16 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: Shikha Pandey Updated Thu, 30 Jul 2026 10:16 PM IST
सार

Jalaun News: सोशल मीडिया पर आईएएस रिंकू सिंह राही ने भावुक पोस्ट में सुरक्षा, सुशासन और कैडर परिवर्तन का जिक्र किया।

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IAS Rinku emotional post: Open patronage of corruption; working in such environment is like fighting a war
आईएएस रिंकू सिंह राही - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएएस रिंकू सिंह राही ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट साझा कर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक व्यवस्था और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि भ्रष्टाचार को जिस तरह खुलेआम संरक्षण मिल रहा है, उससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और ऐसे माहौल में आईएएस पर बनकर ईमानदारी से काम करना किसी युद्ध लड़ने से कम नहीं है।
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पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मौजूदा हालात देखकर जीवन के लिए भय होना स्वाभाविक है। उन्होंने व्यवस्था की तुलना एक ऐसी गहरे दलदल से की, जहां शक्तिशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना था कि यदि व्यवस्था साफ होती तो उससे पार पाया जा सकता था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। रिंकू सिंह राही ने लिखा कि यदि किसी अधिकारी में देशभक्ति और सुशासन की भावना हो तो आईएएस बनना किसी विश्व युद्ध के मैदान में सैनिक बनने जैसा है।
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यहां लड़ाई केवल बाहरी चुनौतियों से नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर मौजूद प्रभावशाली लोगों से भी लड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सुशासन (बेसिक गवर्नेंस) लागू करने से पहले ही उसके लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि लगातार अनुरोध के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

 

अपनी पोस्ट में उन्होंने कैडर परिवर्तन के लिए किए गए अनुरोध का भी उल्लेख किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी प्रदेश में ऐसा जिला या तहसील जरूर होगी, जहां भ्रष्टाचार की चुनौती तो हो, लेकिन उसे खुला संरक्षण न मिलता हो। साथ ही उन्होंने बैकडेट में पत्र जारी करने और डिस्पैच रजिस्टर में उसे बाद में दर्ज किए जाने का भी जिक्र करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए। अंत में उन्होंने लिखा कि लगातार ऐसे अनुभवों के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए शायद अब विपश्यना जैसा कोई कोर्स करना पड़े।
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