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UP: 'दर्शन अच्छे हुए, अब सभी लोग लौट रहे हैं', फोन पर ये बात बोली थीं मीना; किसे पता था वही होगी आखिरी बातचीत
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 18 May 2026 04:06 PM IST
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सार
हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर छिरका चौराहे के पास रविवार दोपहर एक वैगनआर कार सामने से ओवरटेक कर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। हादसे में बागेश्वर धाम से लौट रहे कार सवार चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि एक घायल है।
hamirpur accident
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
रविवार का दिन शहर के कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द दे गया। बागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में कानपुर-सागर हाईवे पर ट्रक से टकराई तो एक पल में तीन घर उजड़ गए।
जिन लोगों ने सुबह फोन पर कहा था बस अब घर पहुंच रहे हैं… उनकी दोपहर में हादसे में मौत होने की खबर ने झकझोर कर रख दिया। परिजन का कहना है कि उन्हें क्या पता था कि यह बात उनकी आखिरी बातचीत होगी। हादसे के बाद इलाकों में मातम पसरा गया। हर गली से सिर्फ चीखें और सिसकियां सुनाई दे रही थीं।
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जिन लोगों ने सुबह फोन पर कहा था बस अब घर पहुंच रहे हैं… उनकी दोपहर में हादसे में मौत होने की खबर ने झकझोर कर रख दिया। परिजन का कहना है कि उन्हें क्या पता था कि यह बात उनकी आखिरी बातचीत होगी। हादसे के बाद इलाकों में मातम पसरा गया। हर गली से सिर्फ चीखें और सिसकियां सुनाई दे रही थीं।
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नवाबगंज में सिग्नेचर सिटी के सामने जागेश्वर मंदिर के पास ख्योरा निवासी रमेश चंद्र दुबे की पत्नी मीना दुबे (52) गीता नगर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री थीं। रमेश एक डेयरी में काम करते हैं। उन्होंने रुंधे गले बताया कि शनिवार दोपहर 2:30 बजे पड़ोस में रहने वाली रेखा, उनके पति नरेंद्र कुमार और अन्य लोगों के साथ बागेश्वर धाम गई थीं।
'दर्शन अच्छे से हो गए हैं...'
वहां से लौटते समय रविवार सुबह पत्नी से फोन पर बात भी हुई थी। उन्होंने कहा था कि दर्शन अच्छे से हो गए हैं और अब सभी लोग कानपुर लौट रहे हैं। रमेश को क्या पता था कि यह उनकी पत्नी की आखिरी आवाज होगी।
वहां से लौटते समय रविवार सुबह पत्नी से फोन पर बात भी हुई थी। उन्होंने कहा था कि दर्शन अच्छे से हो गए हैं और अब सभी लोग कानपुर लौट रहे हैं। रमेश को क्या पता था कि यह उनकी पत्नी की आखिरी आवाज होगी।
'मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है...'
दोपहर में मौदहा पुलिस ने हादसे में मीना की मौत की जानकारी दी। रमेश ने किसी तरह खुद को संभाला लेकिन बेटे शिवम और बेटी शिल्पी को यह खबर नहीं दी। उन्हें सिर्फ इतना कहा कि मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है। तुरंत मौदहा के लिए भेजा ताकि बच्चे रास्ते में टूट न जाएं।
दोपहर में मौदहा पुलिस ने हादसे में मीना की मौत की जानकारी दी। रमेश ने किसी तरह खुद को संभाला लेकिन बेटे शिवम और बेटी शिल्पी को यह खबर नहीं दी। उन्हें सिर्फ इतना कहा कि मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है। तुरंत मौदहा के लिए भेजा ताकि बच्चे रास्ते में टूट न जाएं।
मीना इससे पहले पांच बार बागेश्वर धाम जा चुकी थीं। मोहल्ले की महिलाओं का कहना था कि वह हमेशा सबकी मदद करती थीं। फोन पर पत्नी की यही आवाज रमेश के कानों में अब भी गूंज रही है।
रेखा गंभीर रूप से घायल
इसी हादसे में पड़ोस में रहने वाले नरेंद्र कुमार (55) की भी मौत हो गई। नरेंद्र पेंटर थे, जबकि उनकी पत्नी रेखा लोगों के घरों में साफ-सफाई कर परिवार चलाती थीं। हादसे में रेखा गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इसी हादसे में पड़ोस में रहने वाले नरेंद्र कुमार (55) की भी मौत हो गई। नरेंद्र पेंटर थे, जबकि उनकी पत्नी रेखा लोगों के घरों में साफ-सफाई कर परिवार चलाती थीं। हादसे में रेखा गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घर में सबसे छोटी बेटी तान्या गुमसुम बैठी रही। उसने रुंधे गले बताया कि दोपहर में बड़ी बहन तन्नू के पास पुलिस का फोन आया था। घर के सभी लोग तुरंत घटनास्थल के लिए निकल गए।
पिछले दस वर्षों से रात्रि चौकीदार थे राजकपूर
वहीं, मकराबर्टगंज के नयापुरवा बस्ती निवासी राजकपूर (57) भी इस हादसे का शिकार हो गए। वह नगर निगम के जोन छह मरियमपुर में पिछले दस वर्षों से रात्रि चौकीदार थे। परिवार में पत्नी बब्ली, बेटे अविनाश और शुभम हैं, जबकि बेटी पदमा की शादी हो चुकी है।
वहीं, मकराबर्टगंज के नयापुरवा बस्ती निवासी राजकपूर (57) भी इस हादसे का शिकार हो गए। वह नगर निगम के जोन छह मरियमपुर में पिछले दस वर्षों से रात्रि चौकीदार थे। परिवार में पत्नी बब्ली, बेटे अविनाश और शुभम हैं, जबकि बेटी पदमा की शादी हो चुकी है।
परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह राजकपूर से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि दर्शन हो गए हैं और वह घर लौट रहे हैं। शाम को क्षेत्रीय पार्षद सौरभ देव ने हादसे की खबर दी तो घर में कोहराम मच गया।
पत्नी बदहवास होकर बार-बार यही कहती रहीं कि अभी सुबह ही तो बात हुई थी। नयापुरवा में लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई बिलखते परिवार को संभालने की कोशिश करता रहा लेकिन जिन घरों के चिराग बुझ गए। वहां अब सिर्फ सन्नाटा और यादें बची हैं।
बागेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार ट्रक से भिड़ी, चार की मौत
हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर छिरका चौराहे के पास रविवार दोपहर एक वैगनआर कार सामने से ओवरटेक कर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। हादसे में बागेश्वर धाम से लौट रहे कार सवार चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में तीन कानपुर निवासी राजकपूर (57) , मीना (54), नरेंद्र कुमार (55) और एक लखनऊ निवासी चालक है। एक महिला रेखा को गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है।
हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर छिरका चौराहे के पास रविवार दोपहर एक वैगनआर कार सामने से ओवरटेक कर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। हादसे में बागेश्वर धाम से लौट रहे कार सवार चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में तीन कानपुर निवासी राजकपूर (57) , मीना (54), नरेंद्र कुमार (55) और एक लखनऊ निवासी चालक है। एक महिला रेखा को गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है।