Kanpur Cyber Fraud: योजना का झांसा देकर खुलवाया बैंक खाता, ठगी की रकम आने पर नोटिस, CP के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज
Kanpur News: कानपुर में साइबर ठगों द्वारा सरकारी योजना और प्रतिमाह दो हजार रुपये का लालच देकर बैंक खाते खुलवाने और उनमें ठगी की रकम का लेनदेन करने का मामला सामने आया है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के निर्देश पर रायपुरवा और कल्याणपुर थानों में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में साइबर ठगों ने सरकारी योजना का झांसा देकर एक युवक के तीन बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम के अवैध लेनदेन के लिए किया। साइबर सेल का नोटिस मिलने पर युवक को धोखाधड़ी का पता चला। युवक की मां रोशन जहां ने गुरुवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से शिकायत की। बताया कि उन्नाव निवासी रिश्तेदार ने बेटे काशान को लालच दिया था।
कहा था उसे घर बैठे दो हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे। इसके लिए इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक और यूको बैंक में काशान के नाम पर खाते खुलवाए थे। साइबर सेल का नोटिस आने पर रुपये के अवैध लेनदेन का पता चला। तीनों खाते बंद करा दिए हैं। पुलिस आयुक्त का कहना है कि अवैध लेनदेन की अवधि और राशि का पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही रायपुरवा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार को शादी डॉट कॉम के माध्यम से युवक ने खुद को आरएएफ कर्मी बताकर एक युवती के तीन बैंकों में खाते खुलवाए थे। इन खातों से भी साइबर ठगी की रकम का अवैध लेनदेन किया गया था। उक्त मामले में भी कमिश्नर ने कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जांच के दौरान युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी सूरज उससे अक्सर कहता था कि तुम तो पागल हो सब पर जल्दी विश्वास कर लेती हो। क्या पता था कि वह उसके विश्वास को इस तरह तोड़ देगा।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल पर मिलने वाले किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, जो योजना के तहत पैसे या फॉर्म भरने का दावा करते हों।
- व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें : फोन या चैट पर कभी भी अपना आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड न बताएं।
- आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें: किसी भी योजना की जानकारी केवल सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ही जांचे।
- रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर लेनदेन न करें: अधिकांश सरकारी योजनाएं आवेदन के लिए सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर मामूली या निःशुल्क प्रक्रिया रखती हैं, कोई भी अधिकारी फोन पर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता।