Kanpur: नजूल की जमीन पर कब्जा करने का मामला, महापौर के बेटे समेत 14 पर रिपोर्ट, एसीएम तीन ने जारी किया नोटिस
Kanpur News: प्रशासनिक जांच में सिविल लाइंस की कीमती नजूल जमीन पर महापौर के बेटे समेत अन्य के अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। अब अदालत के जरिए इन सभी को बेदखल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विस्तार
कानपुर के सिविल लाइंस में सरकारी नजूल की जमीन पर कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक जांच में महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत 14 लोगों द्वारा करीब पांच हजार वर्गमीटर भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। कब्जा हटाने के लिए तहसील प्रशासन ने (पीपीई एक्ट) के तहत एसीएम-तीन की कोर्ट में वाद दायर किया है।
नोटिस जारी हो चुके हैं और जल्द ही सुनवाई शुरू होगी। नगर निगम के बागी पार्षद पवन गुप्ता समेत अन्य ने एक माह पूर्व जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को लिखित शिकायत देकर सिविल लाइंस स्थित नजूल भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर, एसीएम सप्तम और तहसीलदार सदर की संयुक्त टीम गठित की गई।
कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके
मौके पर जांच में सामने आया कि पुलिस कमिश्नर आवास के ठीक पीछे, ब्लॉक नंबर-एक, प्लॉट नंबर-पांच व छह पर दर्ज लगभग 30 हजार वर्गमीटर नजूल भूमि में से करीब पांच हजार वर्गमीटर पर कब्जा किया गया है। जांच टीम को मौके पर पक्के निर्माण, निजी पार्किंग, स्ट्रीट लाइटें, झोपड़ीनुमा ढांचे, चट्टा और ओपन जिम तक संचालित मिला। जब कब्जाधारियों से स्वामित्व या आवंटन संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
पीपीई एक्ट में मुकदमा दर्ज किया
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में महापौर के बेटे बंटी पांडेय समेत अन्य नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की। इससे पहले नगर निगम की जांच में भी अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी थी। लेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा की आख्या के आधार पर पीपीई एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब एसीएम-तीन की अदालत में सुनवाई होगी। दोष सिद्ध होने पर सभी आरोपितों को सरकारी जमीन से बेदखल करने के आदेश जारी होने के साथ करवाई होगी।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ वाद
अमित पांडेय उर्फ बंटी, निजामुद्दीन, राम नारायण, मोहित, पप्पू, जुग्गीलाल, केदारनाथ यादव, शीला, रामकली, मन्नीलाल, अशोक, आशू, मुन्नी कश्यप, सुनीता, रज्जन, प्रेम प्रकाश और रमेश के खिलाफ वाद दायर किया गया है।
