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Kanpur: साइबर ठगों ने बैंक कर्मी बन उड़ाए 4.07 लाख रुपये, रिपोर्ट दर्ज
Sun, 09 Aug 2026 08:44 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 09 Aug 2026 08:44 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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गोविंदनगर निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव को फेसबुक के माध्यम से पीएनबी बैंक एप की शिकायत करना भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने बैंक कर्मी बन कर उनके मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल कर मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद खाते से चार लाख सात हजार रुपये निकाल लिए। 12 दिन बाद खाते से रकम कटने का मैसेज आया तो पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल और बैंक जाकर शिकायत दर्ज कराई।
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विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक में बचत खाता है। बैंक की पीएनबी वन एप काम नहीं कर रही थी। फेसबुक पर एप की शिकायत करने का मैसेज दिखा। लिंक पर क्लिक करने के बाद एक व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मी बताया। एक एपीके फाइल डाउन लोड कराई। इसके बाद मोबाइल हैक कर खाते से रुपये उड़ा दिए। बैंक पहुंचे तो पश्चिम बंगाल के एक खाते में रुपये ट्रांसफर होने की बात पता चली। इसपर साइबर सेल में शिकायत की। गोविंदनगर इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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एफडी पर लोन ले लिया, बैंक ने पूछा भी नहीं
विजय ने बताया कि उनके बैंक खाते में 4.03 लाख रुपये थे। हालांकि खाते में स्वाइप सिस्टम एक्टिव है। इसके तहत 50 हजार से अधिक रकम फिक्सड डिपोजिट में ट्रांसफर हो जाती है जिसका प्रति महीने ब्याज मिलता है। ठगों ने पहले 50 हजार रुपये निकाले। इसके बाद बाकी की एफडी के एवज में लोन ले लिया। हालांकि, बैंक ने इस दौरान कोई फोन तक नहीं किया। यही नहीं एटीएम से चार हजार रुपये अतिरिक्त भी निकाल लिए। अब उन्हें लोन की किस्त भी भरनी पड़ रही है।
विजय ने बताया कि उनके बैंक खाते में 4.03 लाख रुपये थे। हालांकि खाते में स्वाइप सिस्टम एक्टिव है। इसके तहत 50 हजार से अधिक रकम फिक्सड डिपोजिट में ट्रांसफर हो जाती है जिसका प्रति महीने ब्याज मिलता है। ठगों ने पहले 50 हजार रुपये निकाले। इसके बाद बाकी की एफडी के एवज में लोन ले लिया। हालांकि, बैंक ने इस दौरान कोई फोन तक नहीं किया। यही नहीं एटीएम से चार हजार रुपये अतिरिक्त भी निकाल लिए। अब उन्हें लोन की किस्त भी भरनी पड़ रही है।