Kanpur: डिपो में बस चालक की हालत बिगड़ी, नहीं पहुंची एंबुलेंस, छिन गईं सांसें
Kanpur News: संजीव नगर बस डिपो में शनिवार दोपहर इलेक्ट्रिक बस चालक की मौत हो गई। मृतक घर से बिल्कुल ठीक निकले थे, लेकिन डिपो पहुंचने के महज 20 मिनट बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर आई।
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चकेरी में इस बार 108 एंबुलेंस की लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि अहिरवां निवासी ई-बस चालक की बस डिपो में अचानक तबीयत बिगड़ गई। सूचना के बावजूद करीब 20 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। कर्मचारियों को मजबूरन उन्हें ई-बस से कांशीराम अस्पताल ले जाना पड़ा जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अहिरवां निवासी विपिन कुमार (38) ई-बस के चालक थे। परिवार में पत्नी पिंकी, बेटा मुकुल है। वह चार भाइयों रामबाबू, राजू, धर्मेंद्र में सबसे छोटे थे। बड़े भाई राजू ने बताया की विपिन शनिवार दोपहर करीब तीन बजे संजीवनगर बस डिपो गए थे। 3:20 बजे डिपो के अंदर एंट्री की। बताया कि तकरीबन 20 मिनट बाद ही डिपो के एक कर्मचारी ने उन्हें फोन कर बताया कि विपिन की अचानक हालत बिगड़ गई है। इस पर वह लोग डिपो के लिए निकले। डिपो के कर्मचारी धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया।
पूरी डिटेल लेने के बाद भी 20 मिनट बाद तक एंबुलेंस नहीं पहुंचे। इस पर ई-बस से विपिन को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बड़े भाई राजू ने बताया कि वह लोग पहुंचे तो विपिन मृत मिला। आरोप है कि अगर समय से एंबुलेंस आ जाती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। चकेरी इंस्पेक्टर अजय मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी मिल चुकी एंबुलेंस की लापरवाही
मालूम हो कि इससे पहले समय से एंबुलेंस न मिलने के कारण महाराजपुर के नजफगढ़ में जहरीला पदार्थ खाई चांदनी, उसकी बेटी पायल और ब्यूटी की तड़पकर मौत हो गई थी। इसी तरह महाराजपुर में लू के थपेड़ों के चलते बाइक से गश खाकर गिरे नरवल के मंधना निवासी मजदूर सुनील को 45 मिनट तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर मौत हो गई थी।
