एपीफैनी जमीन घोटाला: टुकड़ों में बेची 1000 करोड़ की जमीन, जानसन चलाता था गिरोह, कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
Kanpur Epiphany Compound Scam: कर्नलगंज स्थित एपीफैनी कंपाउंड की 1000 करोड़ रुपये मूल्य की नजूल भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने और कब्जाने के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड रेव जानसन टी जाॅन को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया सहित 12 लोग पहले ही चार्जशीट का सामना कर रहे हैं।
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कानपुर में चुन्नीगंज स्थित एपीफैनी कंपाउंड जमीन पर कब्जा और फर्जीवाड़ा कर बेचने के आरोप में कर्नलगंज पुलिस ने लखनऊ डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (एलडीटीए) के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं पदेन चेयरमैन रेव जानसन टी जाॅन को गिरफ्तार किया है। उसे इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी था। पुलिस ने उसे लखनऊ से पकड़ा है। मामले में सपा सरकार में मंत्री रहे शिव कुमार बेरिया समेत 12 पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
वर्ष 2024 में लेखपाल विपिन कुमार की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें हाथरस निवासी रेव जानसन टी जाॅन, चर्च ऑफ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन के अधिकृत ट्रस्टी अनिल कुमार, अर्पित मिश्र, दीपक कुमार और दुर्योधन कुमार समेत अन्य को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि इन लोगों ने कूट रचित दस्तावेजों से ट्रस्ट की जमीन बेची है। आरोप था कि अर्पित मिश्रा ने जनवरी 2021 को तलाक महल निवासी मो. सलीम उर्फ बिरयानी को 450 वर्ग गज जमीन लीज डीड पर दी थी।
कंपाउंड की जमीन लोगों को रजिस्ट्री व डीड की थी
जांच में सामने आया कि मास्टर माइंड रेव जानसन टी जाॅन ने ही एपीफैनी कंपाउंड की 16 हजार वर्ग गज की जमीन का करोड़ों में रुपये में आजमगढ़ सकतपुर निवासी सैफ अहमद, रामनारायण बाजार तारघर रोड निवासी इरशाद हुसैन, चमनगंज निवासी दानिश खलीली व अधिवक्ता अनूप जायसवाल को अनुबंध किया था। इसके बाद इन चारों ने कंपाउंड की जमीन सलीम बिरियानी, मो. रईस, अर्पित मिश्र समेत लोगों को रजिस्ट्री व डीड की थी।
न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया
पुलिस ने मामले में मो. सलीम उर्फ बिरयानी को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में पूर्व मंंत्री शिवकुमार बेरिया समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। मामले में पुलिस पूर्व मंत्री बेरिया समेत 12 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कर्नलगंज थाना प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि आरोपी रेव जानसन टी जाॅन को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
चलाता था गिरोह, दिल्ली व उत्तराखंड में भी दर्ज हैं मामले
पुलिस की मानें तो जानसन गिरोह बनाकर जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-फरोख्त कराता था। उसके गिरोह में अनिल डेविड, पाल जेना, डीके सिंह व अखिलेश सिंह आदि शामिल हैं। यह गिरोह कीमती जमीनों के फर्जी कागजात बनवाकर उन्हें बेचने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी जानसन के खिलाफ कानपुर के अलावा आगरा और उत्तराखंड के जिलों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इनमें कानपुर में धोखाधड़ी के तीन, आगरा में एक, नैनीताल में दो और एक मामला दिल्ली में दर्ज है।
टुकड़ों में बेची गई 1000 करोड़ की जमीन
इन मामलों में जानसन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं और वह जेल भी भेजा जा चुका है। कर्नलगंज थानाक्षेत्र स्थित चुन्नीगंज में एपीफैनी कंपाउंड की 15 वर्गमीटर नजूल भूमि है। भू-अभिलेखों में यह संपत्ति दर्ज है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत तकरीबन 1000 करोड़ रुपये आंकी गई है। भूमाफिया, रसूखदार और प्रभावशाली लोगों ने सांठगांठ करके इसमें 100 वर्गमीटर से 450 वर्गमीटर तक प्लॉट काट-काटकर बेचने शुरू कर दिए थे।
पूछताछ में बताए गए थे 12 नाम
मामले में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी का गठन किया और इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। एपीफैनी कंपाउंड की भूमि कब्जाने के आरोप में पूर्व में सलीम बिरयानी को भी गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को 12 नामों के साथ ही 10 बैंक खातों की जानकारी दी थी। पुलिस के अनुसार उस समय जो 12 नाम पूछताछ में बताए गए थे, उसमें कई सफेदपोश शामिल थे। करोड़ों रुपये की इस जमीन के कब्जे और टुकड़ों में बिक्री के लिए सलीम बिरयानी को ही आगे किया गया था।