Kanpur: ठगी की रकम ठिकाने लगाई, 25 बैंक अफसरों को नोटिस, पुलिस ने मांगा जवाब- फ्रीज खातों से कैसे निकले लाखों?
Kanpur News: पुलिस ने साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगाने में मदद करने वाले 25 बैंक अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। पुलिस के निर्देश के बावजूद फ्रीज खातों से 10 दिनों तक अवैध निकासी जारी रही, जिसमें बैंक स्टाफ की भूमिका संदिग्ध है।
विस्तार
कानपुर में साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट की रकम ठिकाने लगाने के मामले में 25 बैंक अधिकारियों और स्टाफ को नोटिस जारी किया गया है। उनसे कई सवाल पूछे गए हैं, जिनमें खातों को फ्रीज के निर्देश होने के बाद भी रकम कैसे निकली, बिना बैंक आए खाताधारक के रुपये दूसरे खातों में कैसे ट्रांसफर हुए जैसे सवाल शामिल हैं। सोमवार को बर्रा पुलिस अन्य बैंक कर्मियों व संदिग्धों को भी नोटिस देगी।
बर्रा पुलिस ने साइबर ठगों, डिजिटल अरेस्ट के आरोपी, हवाला और सट्टेबाजों की रकम को ठिकाने लगाने में सहयोग करने और म्यूल अकाउंट खुलवाने में आठ लोगों को जेल भेजा है। इनमें एक्सिस बैंक कन्नौज शाखा के ऑपरेशनल हेड धर्मेंद्र सिंह, डिप्टी मैनेजर अमित सिंह, स्वरूपनगर स्थित सीएसबी बैंक ब्रांच मैनेजर अमित कुमार, यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस के रिलेशनशिप मैनेजर आशीष कुमार, वरुण विहार के सोनू शर्मा, सतीश पांडेय, तनिष गुप्ता और गोविंदनगर के साहिल विश्वकर्मा शामिल हैं।
महिला अधिकारी समेत चार नहीं मिल रहे हैं
पुलिस जांच में कई सरकारी व निजी बैंक के स्टाफ का नाम भी सामने आया है। यह कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, कन्नौज, आगरा आदि जिलों की बैंकों के हैं। अब तक मिले साक्ष्यों में 13 बैंक कर्मियों के नाम सामने आ गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। शहर की महिला अधिकारी समेत चार मिल नहीं रहे हैं। पुलिस को बैंक से उनके छुट्टी पर चले जाने की जानकारी मिली है।
संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराने का निर्देश दिया
बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी फर्में बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के मामले में पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराने का निर्देश दिया था। पुलिस के निर्देश के बावजूद रुपये निकाले जाते रहे। यह प्रक्रिया सात से 10 दिन तक जारी रही।
25 स्टाफ को नोटिस भेजकर जवाब मांगा
तीन संदिग्धों के खातों से 18 लाख, 5.50 लाख और 11 लाख रुपये निकाले गए। इन खातों को फ्रीज कराने के लिए कहा गया था। ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में बैंक अधिकारियों और बैंक स्टाफ की भूमिका देखी जा रही है। विभिन्न बैंक के 25 स्टाफ को नोटिस भेजकर जवाब देने के लिए कहा गया है, इसमें बैंक मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, कैशियर शामिल हैं।
बैंकों के स्टाफ की भूमिका की हो रही जांच
यूपी ग्रामीण बैंक, जेएंडके बैंक, सीएसबी बैंक, यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, एक्सिस बैंक, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक, यूको बैंक, सिटी यूनियन बैंक आदि के स्टाफ की भूमिका की जांच कराई जा रही है।
साइबर ठगों की रकम को ट्रांसफर कराने और म्यूल खाते खुलवाने में सहयोग करने में कई बैंक कर्मियों का नाम सामने आया है। उनको नोटिस भेज जवाब मांगा गया है। -दीपेंद्रनाथ चौधरी, डीसीपी साउथ
