सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Kidney Racket MBA Student Pleads with Police Do not Tell My Mother I have Made Huge Mistake

फीस के लिए छात्र ने बेची किडनी: प्रेमिका के सामने फूट-फूटकर रोया, पुलिस से बोला- मां को मत बताना, गलती हो गई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: विकास कुमार Updated Thu, 02 Apr 2026 09:00 PM IST
विज्ञापन
सार

पुलिस की पूछताछ के दौरान आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड से बात कराई, जो बिहार के बेगूसराय जिले की रहने वाली है। गर्लफ्रेंड बुधवार दोपहर कानपुर पहुंची और पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे आयुष से मिलवाया गया। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू बह निकले। वह फूट-फूटकर रोने लगा और बार-बार कहता रहा, 'मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।' 

Kanpur Kidney Racket MBA Student Pleads with Police Do not Tell My Mother I have Made Huge Mistake
एमबीए छात्र आयुष कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

रुपयों के लालच में अपनी किडनी बेचने वाला बिहार का एमबीए छात्र आयुष कुमार इन दिनों हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। उसकी हालत जो भी देखता है उसका दिल टूट जाता है। पुलिस जब उसे उसके परिजनों को सूचित करने की बात करती है तो आयुष पुलिसवालों के पैर पकड़कर रोने लगता है। वह बार-बार कहता है, 'सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैंने नौकरी करने की बात कहकर घर से कानपुर आने का बहाना बनाया था।'

Trending Videos

'मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई'
पुलिस की पूछताछ के दौरान आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड से बात कराई, जो बिहार के बेगूसराय जिले की रहने वाली है। गर्लफ्रेंड बुधवार दोपहर कानपुर पहुंची और पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे आयुष से मिलवाया गया। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू बह निकले। वह फूट-फूटकर रोने लगा और बार-बार कहता रहा, 'मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।' गर्लफ्रेंड ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरा, आंसू पोंछे और दिलासा देते हुए कहा कि सब ठीक हो जाएगा। दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं- देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में। आयुष चौथे सेमेस्टर में है जबकि उसकी गर्लफ्रेंड दूसरे सेमेस्टर में पढ़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

6 लाख में हुआ था किडनी का सौदा
आयुष ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई की फीस जमा न कर पाने के कारण वह दो महीने से बेहद परेशान था। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है। पिता का देहांत हो चुका है। घर की जमीन गिरवी रखी हुई है, जिसके चलते लोन भी नहीं मिल रहा था। साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर उसने मुले अकाउंट भी खुलवाया, लेकिन वहां से भी 20 हजार रुपये नहीं मिले। ऐसे में जब एजेंट शिवम अग्रवाल से मुलाकात हुई तो वह उसके झांसे में आ गया। आयुष का कहना है कि 6 लाख रुपये में किडनी बेचने का सौदा हुआ था। आधा पैसा नकद और बाकी ऑपरेशन के बाद देने का वादा किया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद सिर्फ साढ़े तीन लाख रुपये ही उसके खाते में डाले गए। बाकी पैसे अब भी नहीं मिले हैं।

दो गाड़ियों में आई थी आठ डॉक्टरों की टीम
आयुष ने पुलिस को पूरे गैंग का ब्योरा दिया। सबसे पहले अली नाम के व्यक्ति ने उसे डॉ. अनुराग उर्फ अमित से जोड़ा। फिर डॉ. वैभव और डॉ. अफजल से मिलवाया गया। डॉ. अफजल ने उसकी सारी मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट नोएडा के डॉ. रोहित को भेजी गई। डॉ. रोहित की सलाह पर ही कानपुर के आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन कराने का फैसला हुआ। आयुष ने बताया कि ऑपरेशन के लिए दो गाड़ियों में आठ डॉक्टरों की टीम आई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को पता चला कि एक गाड़ी लखनऊ और दूसरी गाजियाबाद की ओर गई।

डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस
पुलिस ने अब तक इस किडनी गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चार फरार डॉक्टरों- डॉ. अफजल, डॉ. वैभव, डॉ. अनुराग उर्फ अमित और डॉ. रोहित उर्फ राहुल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। डॉ. अफजल मेरठ के अल्फा अस्पताल का संचालक है, जहां 100 से ज्यादा अवैध किडनी ट्रांसप्लांट कराए जाने का शक है। पुलिस की एक टीम मेरठ पहुंच चुकी है और अल्फा अस्पताल का लेखा-जोखा लिया जा रहा है। आहूजा, प्रिया और मेड लाइफ अस्पतालों के डीवीआर भी कब्जे में ले लिए गए हैं।

गर्लफ्रेंड ने पूछा- क्यों बेची किडनी
गर्लफ्रेंड ने आयुष से नाराजगी जताते हुए पूछा कि आखिर उसने किडनी क्यों बेची? आयुष ने जवाब दिया कि फीस के लिए पैसे जमा नहीं हो रहे थे। गर्लफ्रेंड ने डॉक्टरों से आयुष की सेहत के बारे में जानकारी ली और बताया कि आयुष की मां बेहद परेशान हैं। उन्होंने भी आने की इच्छा जताई थी। आयुष का छोटा भाई ऋषभ प्राइवेट जॉब करता है और घर संभाल रहा है।

रिसीवर भी हैलट में भर्ती
रिसीवर पारुल तोमर (मेरठ निवासी) को भी हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका भाई दिव्यांक पूरे दिन आईसीयू के बाहर बैठा रहा लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया। पारुल के पति विकास तोमर बुधवार को कानपुर नहीं पहुंचे।

आयुष की पुलिस से गुहार, सर मेरे पैसे दिलावा दो
पुलिस का कहना है कि आयुष अब बातचीत करने लायक है और उसकी निगरानी मेडिकल टीम कर रही है। आयुष ने पुलिस से गिड़गिड़ाकर गुहार लगाई कि बाकी बचे पैसे दिलवा दीजिए। वह बार-बार कह रहा है कि पढ़ाई न छूट जाए, इस डर से उसने यह कदम उठाया था।

कई शहरों में पुलिस टीम सक्रिय
कानपुर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। साउथ अफ्रीका की महिला अरेबिका के किडनी ट्रांसप्लांट मामले की भी अलग से जांच हो रही है। पुलिस की टीम लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में सक्रिय है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed