Kanpur: पेड़ों से रास्ते बंद, 50 मीटर के रास्ते के लिए दो किमी का लगाना पड़ रहा चक्कर
कानपुर में शनिवार शाम आई आंधी-पानी का असर रविवार को सड़कों पर देखने को मिला। तेज हवाओं में उखड़े पेड़ और टूटे बिजली के खंभे अब भी कई स्थानों पर पड़े रहे। इस कारण प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित रहा। लोगों को 50 मीटर का रास्ता करीब दो से तीन किमी का चक्कर लगाकर पूरा करना पड़ा।
शास्त्रीनगर ढाल पर पेड़ गिरने से काकादेव जाने वाला रास्ता रविवार को पूरी तरह बंद रहा। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को करीब तीन किलोमीटर घूमकर डबल पुलिया के रास्ते जाना पड़ा। इसी तरह नवीननगर काकादेव क्षेत्र में बिजली के खंभे गिरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े। फजलगंज, गोविंदनगर, शास्त्रीनगर और सीसामऊ समेत कई इलाकों में पेड़ और खंभे गिरने से सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। साइकिल मार्केट, बेनाझाबर, हैलट, पनकी, दादानगर, बाबूपुरवा, हंसपुरम, नौबस्ता, बर्रा विश्व बैंक, गुजैनी, रतनलालनगर और दबौली जैसे क्षेत्रों में भी हालात बिगड़े रहे।
कई जगहों पर सड़कों के बीचों-बीच खंभे और पेड़ पड़े होने से वाहन चालकों को मजबूरी में रास्ता बदलना पड़ा। शारदानगर में नीरक्षीर चौराहे से काकादेव जाने वाली सड़क पर पेड़ गिरने के कारण लंबा जाम लगा रहा। लोगों को गली पार करने के लिए भी एक से दो किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर पेड़ और खंभे हटाए जाते तो इतनी दिक्कत नहीं होती। तूफान गुजरने के एक दिन बाद भी शहर का जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है।