कुशाग्र की मां के छलके आंसू: बोलीं- इस सजा से हमारा घाव नहीं भरा, दोषियों को मौत की सजा होनी चाहिए, ये भी कहा
Kanpur News: रायपुरवा के कुशाग्र हत्याकांड में कोर्ट ने पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले के बाद कुशाग्र की मां ने भावुक होते हुए कहा कि रचिता ने उनके विश्वास और गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते की हत्या की है। वे दोषियों के लिए फांसी की मांग कर रही थीं।
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मैंने उस पर अपने बेटे की तरह भरोसा किया था, लेकिन उसने मेरे उसी विश्वास का गला घोंट दिया। रचिता वत्स ने सिर्फ मेरे मासूम कुशाग्र की हत्या नहीं की, बल्कि पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा का भी कत्ल कर दिया है। यह रुंधे हुए गले से उस मां के शब्द हैं, जिसका इकलौता बेटा ढाई साल पहले फिरौती के लालच में मार दिया गया था।
गुरुवार को कोर्ट द्वारा तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद कुशाग्र की मां का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे दरिंदों के लिए फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं था। कहा इस सजा से हमारा घाव नहीं भरा। दोषियों को मौत की सजा होनी चाहिए। रचिता ने हमारे विश्वास का गला घोंटा है।
विश्वास की बलि चढ़ा मासूम कुशाग्र
30 अक्टूबर 2023 की वह काली रात कनोडिया परिवार कभी नहीं भूल सकता। ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, जिसे परिवार अपना सदस्य मानता था। वहीं, कुशाग्र की मौत की पटकथा की मुख्य सूत्रधार निकली। महज 30 लाख रुपये की फिरौती के लिए उसने अपने प्रेमी प्रभात और साथी शिवा के साथ मिलकर कुशाग्र का गला घोंट दिया।
कोर्ट में फांसी की गूंज, पर मिली उम्रकैद
मां ने रोते हुए कहा कि जिस टीचर के हाथ में कुशाग्र का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, उन्हीं हाथों ने उसकी सांसें छीन लीं। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान कुशाग्र के पक्ष के अधिवक्ताओं और अभियोजन पक्ष ने एक सुर में इसे जघन्यतम अपराध बताते हुए फांसी की मांग की थी। दोषियों के वकीलों ने उनके गरीब होने और कोई पुराना आपराधिक इतिहास न होने का तर्क देकर रहम की भीख मांगी।
साक्ष्यों ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि अपार्टमेंट के चौकीदार जिसने फिरौती पत्र फेंकने आए युवक की स्कूटी पहचानी और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज इस केस के सबसे मजबूत स्तंभ रहे। 14 गवाहों की गवाही और कॉल डिटेल रिपोर्ट ने रचिता और उसके साथियों के गुनाह को पूरी तरह साबित कर दिया।
