UP: मां, मेरा कुसूर इतना कि मैं बेटी हूं, प्लेटफॉर्म पर चादर में लिपटी मिली नवजात; हैलट NICU में चल रहा इलाज
Kanpur News: कानपुर सेंट्रल पर एक महिला अपनी नवजात बच्ची को लाल चादर में लपेटकर छोड़ गई। आरपीएफ और रेलवे स्टाफ की तत्परता से बच्ची को हैलट अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ वह अब खतरे से बाहर है।
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मां, मेरा कुसूर सिर्फ इतना ही था न... कि भगवान ने मुझे बेटी बनाकर पैदा किया...। मैं भी मां की ममता के आंचल में पलना चाहती थी। अच्छी परवरिश के साथ बड़ी होकर माता और पिता का नाम रोशन करना चाहती थी... लेकिन मां आपने मुझे नौ माह तक अपने गर्भ में रखने के बाद जन्म देकर आखिर मरने के लिए क्यों छोड़ दिया...।
शायद ऐसी ही भावनाएं उस नवजात बच्ची की होंगी, जिसे बुधवार को सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर एक महिला छोड़ गई। लावारिस बच्ची के रोने की आवाज सुनकर रेलवे स्टॉफ ने तुरंत डॉक्टर को बुलाकर जांच कराई। उसकी सांसें चल रहीं थीं। आरपीएफ को सूचना देकर बच्ची को हैलट के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया।
चादर में नवजात बच्ची जमीन पर पड़ी मिली
बच्ची की हालत अब स्थिर है। वेंडरों ने बताया कि एक महिला उसे लाल चादर में लपेट कर यहां फेंक गई थी। रेलवे के सीएमआई विनय अम्भी ने बताया कि बुधवार सुबह वह गश्त पर थे। तभी प्लेटफाॅर्म नंबर 2/3 पर पहुंचे तो चादर में नवजात बच्ची जमीन पर पड़ी मिली। यात्रियों से पूछताछ की गई, तो कोई नहीं बता सका।
बच्ची को कौन फेंक गया?
हैलट में डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची प्री-मेच्योर है और देखने से लग रहा है कि जन्म लेने के तुरंत बाद ही कोई उसे स्टेशन पर छोड़ गया। पुलिस को आशंका है कि बच्ची के किसी निजी अस्पताल में जन्म लेने के तुरंत बाद ही कोई उसे सेंट्रल स्टेशन पर फेंक गया। जांच कराई जाएगी कि बच्ची को कौन फेंक गया।
