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Kanpur: 998 करोड़ के एलिवेटेड रोड पर छिड़ा 'श्रेय' का संग्राम; मंत्री नितिन गडकरी की पोस्ट ने शुरू कराई रेस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 26 Feb 2026 01:32 PM IST
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सार

Kanpur News: कानपुर में रामादेवी-गोल चौराहा एलिवेटेड रोड के लिए 998 करोड़ मंजूर होने पर नेताओं में श्रेय लेने की होड़ मच गई है। परियोजना से शहर के जाम में फंसी रफ्तार को नई उड़ान मिलेगी।

Kanpur battle for credit erupts over 998 crore elevated road Minister Nitin Gadkari post sparks the race
रमेश अवस्थी, सतीश महाना, देवेंद्र सिंह भोले और अभिजीत सांगा - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कानपुर में रामादेवी से गोल चौराहे तक जीटी रोड पर एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए 998.30 करोड़ रुपये स्वीकृत होने की जानकारी सोशल मीडिया पर आते ही नेताओं में श्रेय लेने की होड़ मच गई है। सांसद रमेश अवस्थी के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और अकबरपुर क्षेत्र से सांसद देवेंद्र सिंह भोले की ओर से भी बयान जारी कर परियोजना के लिए खुद पैरवी करने की बात कही गई है। गडकरी की ओर से एक्स पर दी गई जानकारी के बाद नेताओं के समर्थकों में सोशल मीडिया पर माहौल बनाने की बाढ़ सी आ गई है।

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सांसद अवस्थी ने बताया कि सांसद बनने के बाद उन्होंने 12 दिसंबर 2024 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण का अनुरोध किया था। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने  बताया कि इस परियोजना को लेकर वह कई बार केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री से मिल चुके हैं। देर शाम सांसद भोले की ओर से भी इस परियोजना को लेकर बयान जारी कर कहा गया कि एलिवेटेड रोड के बन जाने से शहर को जाम से स्थायी रूप से मुक्ति मिलेगी। रात 11 बजे बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा की ओर से भी अपने फेसबुक पेज पर बदनामपुर नहीं कानपुर नाम से एक पोस्टर जारी किया।

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तकनीकी टीम के साथ रूट का परीक्षण कर प्रस्ताव भेजा था
इसमें रामादेवी से गोल चौराहा तक एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत किए गए बजट का स्वागत किया गया है। डीपीआर में अधिकारियों को सुझावों पर 20 बार संशोधन हुआ। दो महीने पहले फाइनल डीपीआर सबमिट की गई। उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन आयुक्त पीके महंती के कार्यकाल के दौरान लखनऊ के क्षेत्रीय अधिकारी अश्विनी कुमार ने अपनी तकनीकी टीम के साथ रूट का परीक्षण कर प्रस्ताव भेजा था। लागत अधिक होने के कारण वित्तीय स्वीकृत नहीं मिली। बाद में जीटी रोड को छह लेन करने की योजना का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन गोल चौराहे से मेट्रो गुजरने की वजह फिर रुक गया। अब जाकर प्रस्ताव गोल चौराहे से रामादेवी किया गया, जो आगे बढ़ रहा है।

एक घंटे की दूरी 20 मिनट में
शहर की दो बड़ी और बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं एलिवेटेड ट्रैक और अब एलिवेटेड रोड के लिए बजट की स्वीकृति मिलने के बाद लोगों में जाम से छुटकारा मिलने की उम्मीद जग गई है। सेंट्रल स्टेशन और एयरपोर्ट पहुंचने में एक से दो घंटे लग जाते थे। निर्माण के बाद 20 से 30 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। परियोजना से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो फ्लाइट संचालन का भी सरकार पर दबाव बनेगा। शहर के कपड़ा, सराफा, लोहा सहित घनी आबादी में स्थित थोक बाजारों से घंटाघर होते हुए सीधे एलिवेटेड रोड पर फर्राटा भरते हुए सीधे लखनऊ, प्रयागराज और इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचा जा सकेगा। जीटी रोड पर भी यातायात का दबाव कम होगा।

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