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Kanpur: फर्जी फर्म बनाकर 75 लाख की कर चोरी में दो एफआईआर कल्याणपुर थाने में दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:12 PM IST
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कल्याणपुर थाना
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य कर विभाग की जांच में फर्जी फर्म बनाकर कुल 75 लाख की कर चोरी के दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में जांच के दौरान जिस पते को सुपाड़ी कारोबार वाली फर्म का घोषित व्यापार स्थल बताया गया था वहां कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं मिली। फर्म के नाम का कोई बोर्ड भी नहीं लगा मिला। इस मामले में 22 लाख की कर चोरी की गई। विभागीय अधिकारी ने कल्याणपुर थाने में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराईं हैं। इसी थाने में दर्ज दूसरी रिपोर्ट में 53 लाख की कर चोरी का आरोप है।
राज्य कर विभाग के उपायुक्त अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की ओर से दर्ज रिपोर्ट के अनुसार बर्रा में एक प्लाॅट के पते पर किरशाना ट्रेडर्स फर्म पंजीकृत है। इसमें सुपाड़ी का कारोबार होने का दावा किया जाता था। फर्म के संचालक गोपालगंज निवासी रंजीत सिंह कुशवाहा द्वारा खरीद-बिक्री के विवरण को अपलोड किया जाता था। फर्म का लेन-देन संदिग्ध होने के अंदेशे में जांच कराई गई तो वह एक मंजिला रिहायशी मकान पाया गया। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने पूछताछ में खुद को मकान मालिक बताया। उसने कहा कि करीब दो साल पहले रंजीत सिंह कुशवाहा नाम के व्यक्ति ने आगे का कमरा किराये पर लिया था जिसे वह एक महीने के भीतर ही छोड़कर चला गया।
आरोपी के फोन नंबर की जांच में सामने आया कि रंजीत ने बिना किसी व्यापार के फर्जी बिक्री प्रपत्र जारी किए। उसकी फर्म किरशाना ट्रेडर्स पूरी तरह से फर्जी निकली। विभागीय जांच के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जीएसटी पंजीकरण हासिल कर करीब 22.50 लाख रुपये की कर चोरी से सरकार को चूना लगाया।
वहीं, एक अन्य मामले में राज्य कर विभाग के अधिकारी प्रभात कुमार चौधरी 53 लाख रुपये की कर चोरी करने के आरोपी पर कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि काकादेव पुरानी बस्ती निवासी अतुल सरवरिया ने अतुल ट्रेडर्स के नाम से बर्रा-आठ के पते जीएसटी पंजीकरण कराया था। घोषित व्यापार स्थल की जांच में भवन स्वामिनी और उनके पति ने बताया कि उस स्थान पर संबंधित फर्म का कोई संचालन नहीं मिला। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस किरायानामा को आरोपी ने दस्तावेज में लगाया है वह फर्जी है। फर्म से जुड़े मोबाइल नंबर बंद मिले। थाना प्रभारी कल्याणपुर संतोष सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य कर विभाग के उपायुक्त अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की ओर से दर्ज रिपोर्ट के अनुसार बर्रा में एक प्लाॅट के पते पर किरशाना ट्रेडर्स फर्म पंजीकृत है। इसमें सुपाड़ी का कारोबार होने का दावा किया जाता था। फर्म के संचालक गोपालगंज निवासी रंजीत सिंह कुशवाहा द्वारा खरीद-बिक्री के विवरण को अपलोड किया जाता था। फर्म का लेन-देन संदिग्ध होने के अंदेशे में जांच कराई गई तो वह एक मंजिला रिहायशी मकान पाया गया। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने पूछताछ में खुद को मकान मालिक बताया। उसने कहा कि करीब दो साल पहले रंजीत सिंह कुशवाहा नाम के व्यक्ति ने आगे का कमरा किराये पर लिया था जिसे वह एक महीने के भीतर ही छोड़कर चला गया।
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आरोपी के फोन नंबर की जांच में सामने आया कि रंजीत ने बिना किसी व्यापार के फर्जी बिक्री प्रपत्र जारी किए। उसकी फर्म किरशाना ट्रेडर्स पूरी तरह से फर्जी निकली। विभागीय जांच के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जीएसटी पंजीकरण हासिल कर करीब 22.50 लाख रुपये की कर चोरी से सरकार को चूना लगाया।
वहीं, एक अन्य मामले में राज्य कर विभाग के अधिकारी प्रभात कुमार चौधरी 53 लाख रुपये की कर चोरी करने के आरोपी पर कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि काकादेव पुरानी बस्ती निवासी अतुल सरवरिया ने अतुल ट्रेडर्स के नाम से बर्रा-आठ के पते जीएसटी पंजीकरण कराया था। घोषित व्यापार स्थल की जांच में भवन स्वामिनी और उनके पति ने बताया कि उस स्थान पर संबंधित फर्म का कोई संचालन नहीं मिला। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस किरायानामा को आरोपी ने दस्तावेज में लगाया है वह फर्जी है। फर्म से जुड़े मोबाइल नंबर बंद मिले। थाना प्रभारी कल्याणपुर संतोष सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।