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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur UINs for 1478 weapons missing arms licenses to be cancelled  Data digitization remains incomplete

UP: 1478 असलहों के UIN गायब, अब रद्द होंगे शस्त्र लाइसेंस, छह साल बाद भी  डाटा डिजिटलाइजेशन अधूरा, पढ़ें डिटेल

Fri, 03 Jul 2026 10:27 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 03 Jul 2026 10:27 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में यूआईएन दर्ज न कराने वाले 1478 हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डिजिटल पहचान न होने के कारण इन हथियारों का रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पा रहा है।

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Kanpur UINs for 1478 weapons missing arms licenses to be cancelled  Data digitization remains incomplete
शस्त्र लाइसेंस - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी होने का फर्जीवाड़ा खुलने के बाद से अपराधियों और संदिग्ध लोगों के हथियारों पर शिकंजा कसने के लिए शुरू किया गया शस्त्र सत्यापन अभियान छह साल बाद भी अधूरा है। जिले में 1478 लाइसेंसी असलहे ऐसे हैं, जिनका यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) अब तक पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है।

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यानि इनकी कोई पहचान नहीं हो पा रही है।  ऐसे हथियारों का रिकॉर्ड अपडेट न कराने वाले लाइसेंसधारियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के लिए पत्राचार शुरू कर दिया गया है। जिले में अब तक 40,680 शस्त्र लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 39,202 हथियारों को ही गृह मंत्रालय के नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) पोर्टल पर यूआईएन आवंटित किया जा सका है।

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हजारों हथियारों का रिकॉर्ड पूरा नहीं हो सका
हालांकि, 1478 हथियार अब भी डिजिटल पहचान से वंचित हैं। केंद्र सरकार ने 30 जून 2020 से सभी लाइसेंसी हथियारों के लिए यूआईएन अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद बिना यूआईएन वाले हथियारों को वैधानिक मान्यता नहीं है। इसके बावजूद हजारों हथियारों का रिकॉर्ड अब तक पूरा नहीं हो सका है।

दूसरे जिलों और राज्यों में स्थानांतरित हो गए लोग
एडीएम सिटी आलोक गुप्ता ने बताया कि इसमें कई लाइसेंसधारकों की मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनके परिजन ने उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई।  कई लोग दूसरे जिलों और राज्यों में स्थानांतरित हो गए। कुछ मामलों में पुराने अभिलेख अधूरे मिले। इसी वजह से इन हथियारों का डाटा डिजिटलाइजेशन अटका हुआ है।

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डिजिटल ट्रैकिंग और सत्यापन मुश्किल हो जाता है
पिछले तीन वर्षों में 489 हथियार उत्तराधिकार के आधार पर नए लाइसेंसधारकों के नाम स्थानांतरित किए गए हैं, जबकि बाकी मामलों की जांच अभी भी जारी है। ऐसे में बिना यूआईएन वाले हथियार का इस्तेमाल होता है, तो उसकी डिजिटल ट्रैकिंग और सत्यापन मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि केंद्र और राज्य सरकार सभी हथियारों के पूर्ण डाटा डिजिटलाइजेशन पर जोर दे रही हैं।

नोटिस का नहीं मिला जवाब
जिला प्रशासन ने यूआईएन विहीन हथियारों के लाइसेंसधारकों को नोटिस भेजा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब निर्धारित समय के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं कराने वालों का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पोर्टल पर सभी असलहों की जानकारी फीड है। उसकी जांच में पता चला कि 1478 का यूआईएन ही नहीं है। इनका सत्यापन भी कराया गया लेकिन कोई अपडेट नहीं हुआ। अब इनके लाइसेंस निरस्त करने की फाइल जिलाधिकारी के पास भेजी गई है जल्द लाइसेंस निरस्त होंगे।  -आलोक गुप्ता, एडीएम सिटी

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