UP: यूपीसीए की 'ढुलमुल' रुख ने छीना ग्रीनपार्क का हक, अब यूपी टी-20 लीग इकाना में होगी, मंडलायुक्त का ये दावा
Kanpur Sports News: किराया विवाद और बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते यूपी टी-20 लीग की मेजबानी ग्रीनपार्क स्टेडियम से छिनकर लखनऊ के इकाना स्टेडियम को मिल गई है। यूपीसीए की तैयारियों में देरी और खेल विभाग के साथ समन्वय न बन पाने से कानपुर इस बड़े आयोजन से वंचित रह गया।
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यूपीसीए के ढुलमुल रवैये से ग्रीनपार्क स्टेडियम से यूपी टी-20 लीग छिन गई है। किराया विवाद और अन्य खामियों को बताकर टी-20 लीग को लखनऊ के इकाना स्टेडियम को सौंप दिया गया है। बीते साल किराया विवाद होने पर सीएम के हस्तक्षेप के बाद तय हुआ था कि खेल विभाग को बकाया पांच करोड़ का भुगतान धीरे-धीरे हो जाएगा।
ग्रीनपार्क में यूपी टी-20 के प्रति मैच के लिए ढाई लाख ही फीस ली जाएगी। यह फीस पहले 25 लाख थी। इसके बावजूद लीग को इन्हीं कारणों का हवाला देकर छीन लिया गया। हालांकि इस संबंध में यूपीसीए ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। खेल सचिव और मंडलायुक्त का कहना है कि यह फैसला सिर्फ यूपीसीए का है।
ग्रीनपार्क लीग से हाथ धो बैठा
किराये से जुड़े मुद्दे का बाद में भी समाधान निकाला जा सकता था। मई में बड़े उत्साह के साथ यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन की मेजबानी शहर को दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन यूपीसीए के दो माह बाद भी तैयारियां शुरू न करने से ग्रीनपार्क लीग से हाथ धो बैठा।
ग्रीनपार्क लीग से हाथ धो बैठा
खेल विभाग ने बकाया राशि के भुगतान को लेकर दो बार पत्र भेजे लेकिन जुलाई शुरू होने तक भी यूपीसीए की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। दोनों पक्षों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आई। अगर यूपीसीए के अधिकारी किराया मामले को बीते साल की तरह प्रमुखता से लेते तो, इस बार भी कोई न कोई समाधान निकल सकता था।
आधारभूत सुविधाओं की कमी है समस्या
ग्रीनपार्क की सबसे बड़ी समस्या उसकी आधारभूत सुविधाओं की कमी है। 2024 में भारत-बांग्लादेश टेस्ट के दौरान खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण करीब ढाई दिन का खेल प्रभावित हुआ था लेकिन इसके बावजूद न खेल विभाग और न ही यूपीसीए ने ड्रेनेज सुधारने के लिए गंभीर पहल की।
यूपीसीए की इच्छा से लिया गया है फैसला
अगस्त में प्रस्तावित लीग के दौरान बारिश होने पर मैच प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। कानपुर के मंडलायुक्त का कहना है कि ग्रीनपार्क के नवीनीकरण की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसमें समय लगेगा। लीग को इकाना ले जाने का औचित्य नहीं था और यह फैसला यूपीसीए की इच्छा से लिया गया है। किराये से जुड़े मुद्दे पर बाद में भी समाधान निकाला जा सकता था।
ग्रीनपार्क के नवीनीकरण की जिम्मेदारी मंडलायुक्त को सौंपी गई है। डीपीआर तैयार होने में करीब तीन महीने और निर्माण कार्य नवंबर तक शुरू होने की संभावना है। लीग के आयोजन के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध था और उसे इकाना स्थानांतरित करने का निर्णय पूरी तरह यूपीसीए का है। किराया कम करने का प्रस्ताव भविष्य की लीग के लिए था न कि पुराने बकाये को माफ करने के लिए। ग्रीनपार्क से लीग हटाने का निर्णय समझ से परे है। -सुहास एलवाई, खेल सचिव
अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए ये व्यवस्थाएं की जानी हैं दुरुस्त
स्टेडियम की फ्लड लाइट भी अंतरराष्ट्रीय प्रसारण मानकों पर खरी नहीं उतरती। मौजूदा व्यवस्था में मैदान पर करीब 1700 लक्स और बाउंड्री पर 1300 लक्स रोशनी उपलब्ध है जबकि उच्च गुणवत्ता वाले प्रसारण के लिए क्रमशः 2200 और 1700 लक्स की आवश्यकता होती है। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट में ग्रीनपार्क की दर्शक क्षमता घटकर लगभग 14 हजार रह गई है।
स्टेडियम का किराया 85 लाख रुपये बनता है
हालांकि यह क्षमता यूपी टी-20 लीग के लिए पर्याप्त है। यूपीसीए के एक अधिकारी का कहना है कि लीग पूरी तरह व्यावसायिक आयोजन है। मौजूदा सीजन के लिए स्टेडियम का किराया 85 लाख रुपये बनता है, जबकि खेल विभाग पांच करोड़ के पुराने बकाये के भुगतान की मांग कर रहा है। फ्रेंचाइजी के प्रति वित्तीय जवाबदेही को देखते हुए अतिरिक्त भुगतान संभव नहीं है और इस मुद्दे पर बाद में भी चर्चा की जा सकती थी।