‘अंजाम-ए-इश्क’: जिस पेड़ के नीचे बुने सपने, उसी की डाल पर खत्म हुई कहानी, मंजर देख सिहर उठा गांव, महोबा सुसाइड
Mahoba Love Story End News: सबुआ गांव में एक प्रेमी जोड़े ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। वे अक्सर उसी पेड़ के नीचे बैठकर मुलाकात करते थे, जिसके बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं थी।
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महोबा जिले में सबुआ गांव के उपेंद्र और चरखारी की युवती के बीच प्रेम का बीज कब पनपा इसकी जानकारी तो परिजन नहीं दे सके। जिस पेड़ के नीचे बैठकर युवक ने अपनी प्रेम कहानी की शुरुआत की उसी पेड़ की डाल से दोनों के शव लटके देख परिजन का कलेजा दहल गया।
परिजन को एक बार तो यकीन नहीं हुआ कि उनके कलेजे के टुकड़े अब इस दुनिया से जा चुके हैं। घटना से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सबुआ गांव निवासी उपेंद्र के पिता सुंदरलाल किसान है। उपेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई पुष्पेंद्र विवाहित है और वह बाहर रहते हैं, जबकि मंझला बेटा अशोक घर पर रहता है।
आरा मशीन में काम करके रोजी-रोटी कमा रहा था
परिवार के करीबियों ने बताया कि उपेंद्र गांव में ही रहता था और आरा मशीन में काम करके रोजी-रोटी कमा रहा था। युवती चरखारी की रहने वाली थी। चरखारी सबुआ से करीब आठ किमी दूर है। उसके दो भाई हैं और एक बहन की शादी हो चुकी है। युवती कक्षा पांच तक पढ़ी थी।
किसी को कुछ नहीं बताया था
युवती के चाचा अनिल ने बताया कि वह शाम करीब सात बजे से बिना बताए घर से गायब थी। वहीं उपेंद्र भी रात करीब आठ बजे अपनी बाइक घर में खड़ी करने के बाद बिना बताए चला गया था। रात में दोनों के परिजन ने उनकी खोजबीन की, लेकिन सुराग नहीं लगा। घटना के दोस्तों ने बताया कि उसने अपनी प्रेम कहानी के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया था।
पेड़ के नीचे गुजारता था अधिकांश समय
इतना जरूर है कि वह आए दिन उसी पेड़ के नीचे बैठकर काफी देर तक बातचीत करता रहता था। अधिकांश समय वह पेड़ के नीचे गुजारता था। पूछने पर वह जवाब नहीं देता था। उसी आम के पेड़ के नीचे दोनों आखिरी बार मिले और उनकी प्रेम की कहानी का यहीं अंत हो गया।
दोस्त बोले- समस्या बताता उपेंद्र तो निकल आता हल
परिजन ने बताया कि बेटी के प्रेम-प्रसंग के बारे में जरा भी पता नहीं चला। अगर बेटी ने घर से कदम निकाल ही लिए थे, तो खुदकुशी करने की क्या जरूरत थी। वह युवक के साथ जाकर कहीं घर ही बसा लेती। उपेंद्र के दोस्तों को भी इस बात की कसक थी कि उसने अपनी समस्या के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। वरना कोई न कोई हल जरूर निकल आता। जान देने की जरूरत नहीं थी।
पढ़ें पूरा मामला
कोतवाली चरखारी के सबुआ गांव में शादी के लिए परिजन के राजी न होने पर आहत प्रेमी युगल ने फंदा लगाकर जान दे दी। बृहस्पतिवार की सुबह दोनों के शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर दुपट्टे के फंदे से लटकते मिले। पुलिस को घटनास्थल से युवक का मोबाइल, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक की बोतल मिली है।
शादी नहीं कर पा रहे थे दोनों
सबुआ निवासी उपेंद्र विश्वकर्मा (24) आरा मशीन में काम करता था। उसका कस्बा चरखारी निवासी आरती कुशवाहा (20) से करीब दो वर्ष से प्रेम-प्रसंग था। दोनों गैर बिरादरी के होने के चलते शादी नहीं कर पा रहे थे। परिजन के तैयार न होने पर बुधवार की रात करीब आठ बजे दोनों घर से निकले थे।
युवक ने प्रेमिका की मांग भरी
बृहस्पतिवार की सुबह ग्रामीण जब खेत से गुजरे तो दोनों के शव देख पुलिस को सूचना दी। युवती की मांग भरी होने पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले युवक ने प्रेमिका की मांग भरी। दोनों ने आत्महत्या से पहले एक-दूसरे को हमसफर चुना और बाद में मौत को गले लगा लिया।
रिश्ते का जिक्र घर पर नहीं किया
सूचना पर सीओ दीपक दुबे, कोतवाली प्रभारी बीरेंद्र प्रताप सिंह व फाॅरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच जांच की। आरती के चाचा अनिल ने बताया कि युवती ने कभी अपने रिश्ते का जिक्र घर पर नहीं किया था। मां राजाबाई ने बताया कि बेटी शाम को घर से निकल गई थी। उन्होंने रात में इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
शादी के लिए नहीं राजी थे परिजन
उन्होंने किसी युवक से रिश्ते की जानकारी होने से इन्कार किया। युवती के पिता मातादीन का चार साल पहले कैंसर से निधन हो गया था। वहीं चर्चा है कि कुछ दिन पहले दोनों के परिजन को प्रेम-प्रसंग की जानकारी हुई थी, लेकिन गैर बिरादरी के होने के चलते परिजन रिश्ते के लिए राजी नहीं हुए थे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम-प्रसंग का प्रतीत हो रहा है।