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खनन घोटाला: सीबीआई ने डीएफओ समेत छह लोगों से की पूछताछ, सपा एमएलसी के बड़े भाई को भी किया तलब

Thu, 05 Dec 2019 10:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 05 Dec 2019 10:37 PM IST
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mining scam: CBI questioned six people including DFO
धड़ल्ले से नदी की धारा को मोड़ कर होता अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर में खनन घोटाले की 11 दिन से जांच कर रही सीबीआई के रडार पर अब वन विभाग है। गुरुवार को कानपुर देहात के डीएफओ समेत वन विभाग के कई अधिकारियों व कर्मियों को सीबीआई ने तलब कर कई घंटों तक पूछताछ की। इन कर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए। वहीं सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के बड़े भाई मौरंग कारोबारी दिनेश मिश्रा को भी दोबारा तलब कर पूछताछ की गई। सीबीआई की जांच के दायरे में कई बड़े अधिकारी हैं।
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मुख्यालय स्थित मौदहा बांध निर्माण खंड के निरीक्षण भवन में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने गुरुवार शाम कानपुर देहात के डीएफओ ललित किशोर गिरि, वन विभाग के एसडीओ संजय शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार, स्टेनो जगन्नाथ व कंपाइल बाबू राम सिंह को तलब कर मौरंग खनन के पट्टों की जारी एनओसी और अन्य दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। इन सभी से करीब ढाई घंटे पूछताछ हुई।
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जेसीबी से किया जा रहा अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद सीबीआई ने सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के भाई दिनेश मिश्रा को दोबारा तलब कर पूछताछ की। याचिकाकर्ता एवं समाजसेवी विजय द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2010 में सरीला क्षेत्र के बेंदा, जिटकरी, घुरौली सहित अन्य मौरंग खनन क्षेत्र में पर्यावरण संबंधी एनओसी वन विभाग ने जारी की थी। मौरंग खनन के पट्टों की एनओसी जारी करने की संस्तुति और रिपोर्ट के सभी अभिलेखों को खंगालते सीबीआई के हाथ में अवैध खनन के पुख्ता साक्ष्य लग गए हैं।

दस एकड़ का मौरंग के पट्टे की आड़ में जंगल में खनन का खेल चलाया गया। लेकिन वन विभाग ने इस पर कोई विरोध नहीं किया। पट्टों की एनओसी जारी करने से पहले कमेटी बनाकर सर्वे भी नहीं कराया। वन विभाग की पर्यावरण संबंधी वर्ष 2010 से 2012 तक 43 मौरंग खनन के पट्टों के लिए जारी एनओसी और अभिलेखों की जांच में वन विभाग के तत्कालीन डीएफओ, रेंजर, वन दरोगा और अन्य तमाम कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

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अवैध मौरंग खनन
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में विरमा नदी में शिवनी मौरंग खदान से किए गए खनन की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। गुरुवार को खदान संचालक दुष्यंत सिंह सीबीआई के समक्ष बयान दर्ज कराने आए।  

तीन दिनों से लापता वन कर्मी हुआ पेश
वन विभाग में तैनात डिस्पैच लिपिक को सीबीआई ने चार दिन पहले कैंप कार्यालय तलब किया था, लेकिन वह डर के कारण नहीं आया था। गुरुवार को वह हिम्मत जुटाते हुए सीबीआई के कैंप कार्यालय पहुंचा। जहां सीबीआई ने उसके बयान लिए। बताते हैं कि यह लिपिक वर्ष 2010 के बाद डिस्पैच का काम देख रहा है। इससे पहले डिस्पैच लिपिक हबीब बाबू से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी हैं।

सीबीआई के डर से दूसरे राज्य में करेंगे कारोबार
याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी ने बताया कि खनन घोटाले में सीबीआई की एफआईआर में फंसे कई मौरंग कारोबारी जिले से लापता हो गए हैं। इनके मोबाइल भी बंद हैं। कई मौरंग कारोबारी सीबीआई की जांच के डर से पड़ोसी मध्यप्रदेश में मौरंग खनन का कारोबार करने की तैयारी में हैं।
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