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रिश्तों का कत्ल: महिला प्रेमी संग रहने के लिए पत्नी ने किसान की कराई थी हत्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:34 PM IST
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पुलिस ने किया घटना का खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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अरहर के खेत में 14 जनवरी को मिले किसान के रक्तरंजित शव का रविवार को पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने किसान की हत्या में शामिल पत्नी समेत तीन को जेल भेजा है। दो आरोपी भागे हुए हैं। पत्नी ने 60 हजार रुपये में सुपारी अपनी महिला प्रेमी के माध्यम से ई-रिक्शा चालक को दी थी। इसमें एडवांस के तौर पर आठ हजार रुपये दिए गए थे। दो हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
असोथर थाना क्षेत्र के टीकर गांव निवासी रामसुमेर सिंगरौर उर्फ प्यारे किसान थे। वह 13 जनवरी की रात नलकूप पर सोने गए थे। नलकूप से करीब 100 मीटर दूर अरहर के खेत में उनका शव मिला था। पुलिस लाइन में रविवार को एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि किसान की हत्या में टीकर गांव के रामस्वरूप सिंगरौर की पुत्री मालती देवी उर्फ बुद्धी, किसान की पत्नी रेनू देवी, थरियांव थाने के बहरामपुर निवासी राजू सोनकर को रविवार सुबह गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की पूछताछ में मालती देवी ने कबूला कि करीब डेढ़ साल से उसके रेनू से प्रेम संबंध थे। वह दोनों एक-दूसरे के साथ रहना चाहती थीं। मालती की पूर्व में तीन शादियां हुईं। तीनों पतियों से अलग मालती नौ वर्षीय पुत्र के साथ गांव में रहती है। मालती का अधिकांश समय रेनू के साथ गुजरता था।
इसकी जानकारी रामसुमेर और परिजन को हो गई थी। मालती को घर आने और पत्नी रेनू से मिलने पर रामसुमेर रोकटोक करने लगा था। एक दिन उसने मालती को डांटकर घर से भगा दिया था। दोनों का मिलना-जुलना छूट गया। इस पर मालती ने रेनू को कीपैड फोन दिया। मोबाइल का सिमकार्ड मालती ने अपनी आईडी पर ही जारी कराया था। फोन पर रेनू और मालती के एक दूसरे से लंबी बातें करनी लगीं। इसी बीच दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। साथ ही रामसुमेर की हत्या की योजना बनाई।
मालती ने अपने पुराने परिचित थरियांव थाने के बहरामपुर निवासी ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी को रामसुमेर की हत्या की सुपारी दी। रेनू से मालती ने आठ हजार रुपये लेकर जितेंद्र दिए। बाकी 52 हजार रुपये बाद में देना तय हुआ। मालती की घटना की रात जितेंद्र से बातचीत हुई। जितेंद्र ने फोन पर टीकर पहुंचने की जानकारी दी। खेत पर पहले से ही जितेंद्र, बहरामपुर के साथी राजू सोनकर, रामप्रकाश उर्फ महू के साथ घात लगाए बैठा था। किसान अरहर के खेत से होकर नलकूप जा रहा था।
तभी उसे सभी ने मिलकर पकड़ लिया। इसके बाद रस्सी से किसान की गला घोंटकर हत्या कर गला रेत दिया। हत्या के बाद पुलिस ने रेनू, मालती और रामप्रकाश को गिरफ्तार किया। आरोपी जितेंद्र और राजू सोनकर भागे हुए हैं। पुलिस ने मालती और रेनू के दो कीपैड मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी, खून के धब्बे रामप्रकाश के कपड़े बरामद किए हैं।
हत्या में प्रयुक्त चाकू, किसान का मोबाइल नहीं मिला
घटना के बाद से किसान के गायब मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त चाकू का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी जितेंद्र और राजू की तलाश की जा रही है। उन लोगों के पास किसान मोबाइल और प्रयुक्त चाकू होने की संभावना है।
जितेंद्र को प्लाॅट भी देने का था वादा
मालती और जितेंद्र के बीच काफी पुरानी मित्रता है। मालती अक्सर जितेंद्र को खर्च के लिए रुपये देती थी। वह रुपये साथियों पर खर्च करता था। इसकी बहरामपुर गांव में आम चर्चा है। रुपये रेनू से लेकर मालती देती थी। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपियों को वारदात से पांच-छह दिन पूर्व भी टीकर गांव में देखा गया था। जितेंद्र के साथ हत्या में शामिल साथी भी थे। रुपयों के साथ मालती ने रेनू से एक प्लॉट भी जितेंद्र को दिलाने का वादा किया था।
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असोथर थाना क्षेत्र के टीकर गांव निवासी रामसुमेर सिंगरौर उर्फ प्यारे किसान थे। वह 13 जनवरी की रात नलकूप पर सोने गए थे। नलकूप से करीब 100 मीटर दूर अरहर के खेत में उनका शव मिला था। पुलिस लाइन में रविवार को एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि किसान की हत्या में टीकर गांव के रामस्वरूप सिंगरौर की पुत्री मालती देवी उर्फ बुद्धी, किसान की पत्नी रेनू देवी, थरियांव थाने के बहरामपुर निवासी राजू सोनकर को रविवार सुबह गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस की पूछताछ में मालती देवी ने कबूला कि करीब डेढ़ साल से उसके रेनू से प्रेम संबंध थे। वह दोनों एक-दूसरे के साथ रहना चाहती थीं। मालती की पूर्व में तीन शादियां हुईं। तीनों पतियों से अलग मालती नौ वर्षीय पुत्र के साथ गांव में रहती है। मालती का अधिकांश समय रेनू के साथ गुजरता था।
इसकी जानकारी रामसुमेर और परिजन को हो गई थी। मालती को घर आने और पत्नी रेनू से मिलने पर रामसुमेर रोकटोक करने लगा था। एक दिन उसने मालती को डांटकर घर से भगा दिया था। दोनों का मिलना-जुलना छूट गया। इस पर मालती ने रेनू को कीपैड फोन दिया। मोबाइल का सिमकार्ड मालती ने अपनी आईडी पर ही जारी कराया था। फोन पर रेनू और मालती के एक दूसरे से लंबी बातें करनी लगीं। इसी बीच दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। साथ ही रामसुमेर की हत्या की योजना बनाई।
मालती ने अपने पुराने परिचित थरियांव थाने के बहरामपुर निवासी ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी को रामसुमेर की हत्या की सुपारी दी। रेनू से मालती ने आठ हजार रुपये लेकर जितेंद्र दिए। बाकी 52 हजार रुपये बाद में देना तय हुआ। मालती की घटना की रात जितेंद्र से बातचीत हुई। जितेंद्र ने फोन पर टीकर पहुंचने की जानकारी दी। खेत पर पहले से ही जितेंद्र, बहरामपुर के साथी राजू सोनकर, रामप्रकाश उर्फ महू के साथ घात लगाए बैठा था। किसान अरहर के खेत से होकर नलकूप जा रहा था।
तभी उसे सभी ने मिलकर पकड़ लिया। इसके बाद रस्सी से किसान की गला घोंटकर हत्या कर गला रेत दिया। हत्या के बाद पुलिस ने रेनू, मालती और रामप्रकाश को गिरफ्तार किया। आरोपी जितेंद्र और राजू सोनकर भागे हुए हैं। पुलिस ने मालती और रेनू के दो कीपैड मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी, खून के धब्बे रामप्रकाश के कपड़े बरामद किए हैं।
हत्या में प्रयुक्त चाकू, किसान का मोबाइल नहीं मिला
घटना के बाद से किसान के गायब मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त चाकू का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी जितेंद्र और राजू की तलाश की जा रही है। उन लोगों के पास किसान मोबाइल और प्रयुक्त चाकू होने की संभावना है।
जितेंद्र को प्लाॅट भी देने का था वादा
मालती और जितेंद्र के बीच काफी पुरानी मित्रता है। मालती अक्सर जितेंद्र को खर्च के लिए रुपये देती थी। वह रुपये साथियों पर खर्च करता था। इसकी बहरामपुर गांव में आम चर्चा है। रुपये रेनू से लेकर मालती देती थी। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपियों को वारदात से पांच-छह दिन पूर्व भी टीकर गांव में देखा गया था। जितेंद्र के साथ हत्या में शामिल साथी भी थे। रुपयों के साथ मालती ने रेनू से एक प्लॉट भी जितेंद्र को दिलाने का वादा किया था।
