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नीट-यूजी : बायो के विस्तृत और फिजिक्स के कठिन सवालों से चकराए छात्र

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 02:08 AM IST
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NEET-UG: Students Baffled by Detailed Biology Questions and Difficult Physics Problems
सिविल लाइंस ​स्थित जीएनके काॅलेज में नीट की परीक्षा देकर बाहर आते परिक्षार्थी। - फोटो : संवाद
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कानपुर। शहर के 43 केंद्रों पर रविवार को हुई नीट-यूजी 2026 में बायोलॉजी के विस्तृत और फिजिक्स के कठिन सवालों ने छात्रों का सर चकरा दिया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित परीक्षा कड़ी निगरानी और सख्त व्यवस्थाओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से हुई। परीक्षा से पहले छात्रों को केंद्रों में प्रवेश के समय भी परीक्षा देनी पड़ी। भीषण गर्मी के बीच कई केंद्रों में छात्रों को पानी की बोतल ले जाने से रोक दिया गया। इसके अलावा लॉकेट, बाली या अन्य मेटल की वस्तुओं को उतरवाया गया।
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शहर में 21,843 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। दोपहर दो बजे से होनी वाली परीक्षा के लिए केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की भीड़ नजर आई। सभी को 1:30 बजे तक केंद्रों में प्रवेश दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से बायोमीट्रिक जांच के साथ सभी की कड़ी तलाशी ली गई। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रखा गया।
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परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर मध्यम स्तर का रहा। फिजिक्स ने सबसे अधिक तनाव बढ़ाया। इसमें समय लेने वाले न्यूमेरिकल सवाल और कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्न शामिल थे। विशेष रूप से कैपेसिटर, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और मॉडर्न फिजिक्स के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया। केमिस्ट्री संतुलित रही और अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी आधारित रहे। बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही, लेकिन प्रश्न विस्तृत और एनसीईआरटी आधारित थे।

ह्यूमन फिजियोलॉजी में हार्मोन और उनके कार्य, जेनेटिक्स में मेंडल के नियम और इकोलॉजी में फूड चेन और बायोडायवर्सिटी से जुड़े प्रश्न शामिल थे। पेपर पैटर्न में इस बार कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। कुल 200 प्रश्नों में से 180 हल करने थे। बायोलॉजी का वेटेज सबसे ज्यादा रहा जिससे मेरिट पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

एक्सपर्ट रोहित गुप्ता का कहना है कि पेपर का स्तर मध्यम रहने के कारण कटऑफ पिछले साल के आसपास ही रह सकती है। हालांकि एमबीबीएस की सीमित सीटों के मुकाबले अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने से प्रतियोगिता कड़ी बनी रहेगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट पाने के लिए इस बार भी अधिक अंक जरूरी होंगे।

पिछले साल की अपेक्षा इस बार पेपर अच्छा रहा। तैयारी के अनुसार सवाल आए। अधिकतर सवाल एनसीईआरटी आधारित थे। - अर्पणा त्रिवेदी


फिजिक्स के सवालों को हल करने में थोड़ी सी परेशानी हुई है। बायो का पेपर काफी लंबा रहा और केमिस्ट्री माॅडरेट थी। --अलका सिंह

बायो में सवाल समझने में टाइम लग रहा था। पेपर काफी विस्तृत और सवाल ट्रिकी रहे। फिजिक्स के कुछ सवालों ने सर घुमा दिया। - सृष्टि यादव
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