जनगणना ड्यूटी: अधिकारियों की चौखट पर शिक्षकों की भीड़; साहब बोले- 20 तक काम खत्म करो, फिर करना शादी की तैयारी
Orai News: जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों और शिक्षिकाओं की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में शिक्षक रोजाना अधिकारियों के कार्यालय पहुंचकर अपनी ड्यूटी कटवाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन शासनादेश के चलते किसी को भी राहत नहीं मिल रही।
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जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों के बीच हड़कंप और बेचैनी का माहौल है। भीषण गर्मी के बीच मिली इस नई जिम्मेदारी से बचने के लिए शिक्षक और शिक्षिकाएं हर जतन कर रहे हैं। रोजाना बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी व्यथा लेकर अधिकारियों के कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन 'ऊपर' के आदेशों का हवाला देकर उन्हें बैरंग वापस लौटाया जा रहा है। अधिकारियों ने दोटूक कह दिया है कि शासन के निर्देश सर्वोपरि हैं, ड्यूटी तो करनी ही होगी।
साहब मुस्कुराए और बोले: 20 के बाद निपटा लेना शादी
अधिकारियों के दफ्तर में शुक्रवार को एक शिक्षिका अजीब गुहार लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि 29 जून को उनके बेटे की शादी है, घर में तैयारियों का अंबार लगा है, ऐसे में वह फील्ड ड्यूटी कैसे कर पाएंगी। शिक्षिका की बात सुनकर अधिकारी पहले तो थोड़ा मुस्कुराए, फिर तपाक से बोले 20 जून तक जनगणना का कार्य हर हाल में समाप्त हो जाएगा, आपके पास शादी की तैयारियों के लिए उसके बाद पर्याप्त समय बचेगा। फिलहाल ड्यूटी ज्वाइन कीजिए।
छोटे बच्चे और भीषण लू का भी नहीं हुआ असर
वहीं, एक अन्य अध्यापिका ने अपने दो साल के मासूम बच्चे और आसमान से बरसती आग (भीषण गर्मी) का हवाला दिया। उन्होंने अधिकारियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि छोटे बच्चे को घर छोड़कर चिलचिलाती धूप में घर-घर जाकर सर्वे करना बेहद मुश्किल है। हालांकि, विभाग ने उनकी इस मजबूरी को भी अनसुना कर दिया।
3600 शिक्षकों के कंधे पर 20 जून तक की जिम्मेदारी
जिले के 1489 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात करीब पांच हजार शिक्षकों (सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र और अनुदेशक) में से 3600 शिक्षकों को जनगणना के मोर्चे पर तैनात किया गया है।
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अभियान की अवधि: 22 मई से 20 जून तक।
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कार्यभार: प्रत्येक शिक्षक को अपने आवंटित क्षेत्र के 80 से 100 घरों का सर्वे कर डेटा फीड करना होगा।
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कड़ी निगरानी: शासन स्तर से इस कार्य की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे स्थानीय अधिकारियों पर भी दबाव है।
बहानों की बाढ़, पर प्रशासन सख्त
जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए शिक्षक नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। कोई गंभीर बीमारी के मेडिकल सर्टिफिकेट लगा रहा है, तो कोई पारिवारिक कार्यक्रमों और दूर दराज की यात्राओं का हवाला दे रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल अति-गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर किसी की भी ड्यूटी निरस्त नहीं की जाएगी।