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Kanpur News: पंचायतें बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ेंगी
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कन्नौज। बंदरों के विचरण और हमले की घटनाओं के चलते शासन के निर्देश पर विशेष योजना लागू की गई है। इसके क्रियान्वयन के लिए स्थानीय निकाय नोडल विभाग बनेगा। वन विभाग, पशुपालन विभाग भी इसमें शामिल होंगे। बंदर पकड़ने के लिए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है।
बंदरों की घुड़की किसी को भी भयभीत कर सकती है। पूर्व में कई घटनाएं होने के बाद अब शासन ने बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निकाय व ग्राम पंचायतों को सौंपी है। इसके लिए वन विभाग से पूर्वानुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी। शासन से निर्देश जारी होने के बाद बंदरों काे पकड़ने के लिए कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। कार्ययोजना बनाकर बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे बंदरों का आतंक काफी हद तक कम हो जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश का कहना है कि कार्ययोजना बनाई जा रही है। संबंधित ग्राम पंचायतों को जानकारी दे दी गई है। शीघ्र ही बंदर पकड़वाकर सुरक्षित स्थानों पर छुड़वाए जाएंगे।
जनेरी में नौ लोगों को किया था घायल
केस- 1:
पांच फरवरी 2026 को तिर्वा क्षेत्र के जनेरी गांव में बंदरों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। इस हमले में नौ ग्रामीण घायल हो गए थे, घटना के बाद गांव में बंदरों को लेकर दहशत फैल गई थी। महिलाओं व बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया था।
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पड़ोस की छत पर कूद गई थी महिला
केस-2:
13 दिसंबर 2025 को छिबरामऊ में छत पर कपड़े सुखाने गई महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए भयभीत होकर महिला पड़ोसी की छत पर कूद गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
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बंदरों की घुड़की किसी को भी भयभीत कर सकती है। पूर्व में कई घटनाएं होने के बाद अब शासन ने बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निकाय व ग्राम पंचायतों को सौंपी है। इसके लिए वन विभाग से पूर्वानुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी। शासन से निर्देश जारी होने के बाद बंदरों काे पकड़ने के लिए कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। कार्ययोजना बनाकर बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे बंदरों का आतंक काफी हद तक कम हो जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश का कहना है कि कार्ययोजना बनाई जा रही है। संबंधित ग्राम पंचायतों को जानकारी दे दी गई है। शीघ्र ही बंदर पकड़वाकर सुरक्षित स्थानों पर छुड़वाए जाएंगे।
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जनेरी में नौ लोगों को किया था घायल
केस- 1:
पांच फरवरी 2026 को तिर्वा क्षेत्र के जनेरी गांव में बंदरों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। इस हमले में नौ ग्रामीण घायल हो गए थे, घटना के बाद गांव में बंदरों को लेकर दहशत फैल गई थी। महिलाओं व बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया था।
पड़ोस की छत पर कूद गई थी महिला
केस-2:
13 दिसंबर 2025 को छिबरामऊ में छत पर कपड़े सुखाने गई महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए भयभीत होकर महिला पड़ोसी की छत पर कूद गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।