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Kanpur Dehat: पाइप फैक्टरी के चालक की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत, परिजनों ने शव रख किया हंगामा
Mon, 17 Aug 2026 08:16 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 17 Aug 2026 08:16 PM IST
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जय सिंह की फाइल फोटो व फैक्टरी में मौजूद परिजनों को समझाते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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औद्योगिक क्षेत्र रनियां के गंगाप्रसादपुरवा गांव में लोहे के पाइप बनाने वाली फैक्टरी में डीसीएम चालक की मौत हो गई। परिजन ने देर से घटना की जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया। शव को फैक्टरी परिसर में रख हंगामा कर मुआवजे की मांग की। खबर लिखे जाने तक परिजन व फैक्टरी प्रबंधन में समझौता नहीं हुआ था।
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रनियां थाना क्षेत्र के उमरन गांव के मजरा शिवनाथ पुरवा निवासी जय सिंह (55) रनियांं की एक लोहे के पाइप बनाने वाली फैक्टरी में करीब दो वर्ष से डीसीएम चालक थे। भतीजे दीपू यादव ने बताया कि सोमवार को वह फैक्टरी आए थे। इसके बाद वह डीसीएम लेकर रनियां में दूसरी यूनिट में माल खाली करने गए थे। वहां से करीब 2.30 पर वापस फैक्टरी आए थे। इसके बाद तबीयत खराब होने के कारण वह सिक्योरिटी कक्ष में बैठ गए। इसके बाद वहीं पर गिर पड़े। जानकारी पर फैक्टरी प्रबंधन के लोग उन्हें निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कह फैक्टरी से निकले।
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घटना की जानकारी पर परिजन फैक्टरी पहुंचे तो एक फैक्टरी कर्मी ने फोन से चाचा को मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कही। इसके बाद जब परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। दीपू ने बताया कि दोबारा फोन करने के बात बताया कि माती फायर स्टेशन के सामने है। फिर परिजन वहां पर पहुंचे तो कोई नहीं मिला। तीसरी बार फोन किया तो फैक्टरी कर्मी ने कहा मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। दोबारा परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो एक एंबुलेंस में चाचा जय सिंह का शव रखा था जबकि फैक्टरी प्रबंधन का कोई नहीं मिला।
इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजन शव को लेकर फैक्टरी परिसर पहुंचे। परिवार के लोगों ने फैक्टरी प्रबंधन के लोगों पर देर से घटना की जानकारी देने और शव छोड़ कर चले जाने का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। पत्नी गीता देवी, बेटा आकाश, राज, बेटी दीक्षा बिलखते रहे। हंगामे की जानकारी पर रनियां थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम पुलिस बल के साथ पहुंचे। परिजन मुआवजा दिलाने और कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे। मामला बढ़ने पर एडीएम प्रशासन अमित कुमार, सीओ संजय सिंह, तहसीलदार पवन कुमार भी पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने रात आठ बजे तक परिवार के लोगों को समझाया लेकिन वह लोग नहीं माने। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने बताया कि परिवार के लोगों से वार्ता चल रही है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।