हुनरमंद हाथ, एनपीएस का साथ: अमर उजाला और PFRDA का विशेष कार्यक्रम 19 मार्च को, दिखाएगा सुरक्षित भविष्य की राह
Kanpur News: अमर उजाला और पीएफआरडीए मिलकर 19 मार्च को कानपुर में "हुनरमंद हाथ, एनपीएस का साथ" कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य छोटे उद्यमियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के जरिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
विस्तार
देश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से अमर उजाला बोनस और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) मिलकर 19 मार्च को विशेष कार्यक्रम हुनरमंद हाथ, एनपीएस का साथ का आयोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम जीटी रोड स्थित प्रिस्टीन होटल में सुबह 10:30 बजे से दोपहर दो बजे तक आयोजित होगा।
इस अवसर पर वित्तीय विशेषज्ञ और पीएफआरडीए के मुख्य महाप्रबंधक आशीष कुमार उपस्थित रहेंगे। वे सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के महत्व और लाभ के बारे में जानकारी देंगे। वे बताएंगे कि एनपीएस क्यों जरूरी है, जल्दी निवेश से कैसे लाभ मिलता है और यह योजना भविष्य को सुरक्षित कैसे बनाती है। कार्यक्रम में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, नैनो इकाइयों से जुड़े उद्यमी और बड़ी संख्या में स्वरोजगार से जुड़े लोग शामिल होंगे।
छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए एनपीएस क्यों जरूरी
देश में लाखों लोग छोटे व्यापार, सेवा गतिविधियों और स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका चलाते हैं। इनमें से अधिकांश लोग किसी संगठित पेंशन योजना का हिस्सा नहीं होते। व्यापार और स्वरोजगार की आय अक्सर बाजार की परिस्थितियों और आर्थिक उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है, जिससे भविष्य के लिए नियमित बचत करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। परिणामस्वरूप वृद्धावस्था में आर्थिक असुरक्षा, स्वास्थ्य खर्च और परिवार की आवश्यकताओं का दबाव बढ़ जाता है।
परिवारों के लिए भविष्य का मजबूत सहारा
ऐसे में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली छोटे व्यापारियों, कारीगरों, दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, गृहणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प प्रदान करती है। इसमें कम रकम से होने वाला निवेश भी लंबी अवधि में चक्रवृद्धि लाभ के कारण बड़ा कोष और स्थायी पेंशन में बदल जाता है। वर्तमान समय में परिवार छोटे हो रहे हैं और खर्च बढ़ रहे हैं, इसलिए हर व्यक्ति को वृद्धावस्था की तैयारी स्वयं करनी पड़ती है। छोटे कारोबार और स्वरोजगार की अनिश्चित आमदनी को देखते हुए एनपीएस जीवनभर की स्थायी और भरोसेमंद आय का विकल्प बन जाती है, जिससे असंगठित क्षेत्र के लाखों परिवारों के लिए यह भविष्य का मजबूत सहारा बनती है।
एनपीएस को जीवन का सहारा कैसे बनाएं
एनपीएस दीर्घकालिक योजना है, जिसमें नियमित बचत के माध्यम से छोटी-छोटी रकम समय के साथ बड़ा कोष बनाती है। जैसे हुनरमंद हाथों से किया गया छोटा काम धीरे-धीरे बड़ा व्यवसाय बन जाता है, वैसे ही एनपीएस में किया गया छोटा निवेश भविष्य में बड़ी राशि और आजीवन पेंशन का आधार बन सकता है।
एनपीएस की खासियत
- बाजार आधारित बेहतर रिटर्न
- अनुशासित निवेश
- लंबी अवधि में तेज कंपाउंडिंग
- रिटायरमेंट पर एकमुश्त बड़ी राशि
- जीवनभर नियमित पेंशन
एनपीएस में निवेश के फायदे
- यह योजना रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित और लंबी अवधि का विकल्प है।
- इसमें इक्विटी और डेट में दोनों में निवेश का संतुलन मिलता है।
- कम लागत के कारण लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है।
- नियमित निवेश से रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
- निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार एसेट एलोकेशन चुन सकता है।
- रिटायरमेंट पर एक हिस्सा एकमुश्त और बाकी पेंशन के रूप में मिलता है।
- यह योजना रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करने में मदद करती है।
- सरकारी योजना होने के कारण निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है।