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Kanpur News: तीन बार 33 हजार लाइन ब्रेकडाउन, 500 गांवों की बत्ती गुल
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सौरिख। नगर एवं सकरावा बिजली घर को जोड़ने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन एक सप्ताह में तीन बार ब्रेकडाउन होने से क्षेत्र के 500 गांवों की आपूर्ति प्रभावित हो गई। बार-बार फाल्ट आने से घंटों तक सप्लाई बाधित रहती है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छिबरामऊ से सौरिख को जोड़ने वाली यह लाइन वर्ष 1958 में तैयार की गई थी। उस समय सौरिख बिजली घर की क्षमता मात्र डेढ़ एमवीए थी। वर्तमान में यहां 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर और सकरावा बिजली घर पर पांच एमवीए का एक ट्रांसफार्मर संचालित है। इसके बावजूद पुरानी लाइन को अब तक बदला नहीं गया है। ऐसे में ओवरलोड और तेज हवा चलते ही लाइन में फाल्ट हो जाता है। एक बार ब्रेकडाउन होने के बाद सप्लाई बहाल करने में 8 से 10 घंटे तक का समय लग जाता है। इससे गर्मी के मौसम में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को कई बार जनप्रतिनिधियों के सामने उठाया गया पर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। एसडीओ अनिल राम ने बताया कि तीन-चार दिनों के भीतर लाइन को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई प्रीपेड व्यवस्था में समय पर रिचार्ज न कराने पर कनेक्शन कट जाएगा और सप्लाई बहाल कराने के लिए उपभोक्ताओं को अग्रिम राशि जमा करनी होगी।
स्मार्ट मीटर बने नई परेशानी
क्षेत्र में लगाए गए स्मार्ट मीटर भी उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। मार्च 2026 से प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति खुद ही बंद हो जाती है। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज के लिए बिजली घर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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छिबरामऊ से सौरिख को जोड़ने वाली यह लाइन वर्ष 1958 में तैयार की गई थी। उस समय सौरिख बिजली घर की क्षमता मात्र डेढ़ एमवीए थी। वर्तमान में यहां 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर और सकरावा बिजली घर पर पांच एमवीए का एक ट्रांसफार्मर संचालित है। इसके बावजूद पुरानी लाइन को अब तक बदला नहीं गया है। ऐसे में ओवरलोड और तेज हवा चलते ही लाइन में फाल्ट हो जाता है। एक बार ब्रेकडाउन होने के बाद सप्लाई बहाल करने में 8 से 10 घंटे तक का समय लग जाता है। इससे गर्मी के मौसम में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को कई बार जनप्रतिनिधियों के सामने उठाया गया पर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। एसडीओ अनिल राम ने बताया कि तीन-चार दिनों के भीतर लाइन को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई प्रीपेड व्यवस्था में समय पर रिचार्ज न कराने पर कनेक्शन कट जाएगा और सप्लाई बहाल कराने के लिए उपभोक्ताओं को अग्रिम राशि जमा करनी होगी।
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स्मार्ट मीटर बने नई परेशानी
क्षेत्र में लगाए गए स्मार्ट मीटर भी उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। मार्च 2026 से प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति खुद ही बंद हो जाती है। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज के लिए बिजली घर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।