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Unnao: साधु की हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, फायरिंग में एसओजी टीम का सिपाही भी घायल
Mon, 15 Jun 2026 11:10 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:10 PM IST
सार
Unnao News: साधु की हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। आरोपी पर एक लाख का इनाम घोषित था।
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मुठभेड़ की घटना की जानकारी देते एसपी जय प्रकाश सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
घूरेटोला मोहल्ले में हुई साधु की हत्या का एक लाख का इनामी मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। आरोपी की ओर से की गई फायरिंग में एसओजी टीम का एक सिपाही कोहनी के पास गोली लगने से घायल हो गया। बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने से एक उपनिरीक्षक बाल-बाल बच गए। गोली जैकेट के पार नहीं हो पाई। एसपी ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पहुंचकर जांच की। मुठभेड़ के सात घंटे बाद पुलिस ने दूसरे इनामी हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम में सीने में दो गोलियां लगने से मौत की पुष्टि हुई है।
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला घूरे टोला निवासी साधु मिलन सिंह उर्फ मिलन दास (50) की नौ जून को सभासद के अहाते में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने पांच नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें तीन आरोपी जेल भेजे जा चुके थे। मुख्य आरोपी पुरबिया टोला निवासी इजराइल उर्फ इसराइल और दरगाह शरीफ मोहल्ला निवासी शानू भागे हुए थे। दोनों पर पुलिस ने एक-एक लाख का इनाम घोषित किया था।
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एसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि रविवार की रात 3:40 बजे बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी की सर्विस रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली कि साधु मिलनदास की हत्या का मुख्य आरोपी इसराइल किसी साथी के इंतजार में बांगरमऊ कोतवाली के ताजपुर अंडरपास के पास खड़ा है। एसओजी और कोतवाली पुलिस ने वहां पहुंच घेराबंदी की। हत्यारोपी से आत्मसमर्पण के लिए कहा तो उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। एक गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। दूसरी गोली एसओजी के आरक्षी विकास भदौरिया के बाएं हाथ की कोहनी में लगी। पुलिस की ओर से चलाई गोली इसराइल के सीने और माथे पर लगी। स्वास्थ्य केंद्र लाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घायल सिपाही का इलाज चल रहा है।
मौके से पुलिस को चाकू, तमंचा, कारतूस के दो खोखे मिले हैं। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी की मौत के बाद पुलिस दूसरे हत्यारोपी शानू की तलाश कर ही थी। पुलिस को पता चला कि वह एक्सप्रेसवे के गंजमुरादाबाद अंडरपास के पास खड़ा है। पुलिस और एसओजी टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इजराइल के शव का एक्सरे कराने के बाद पैनल में शामिल जिला अस्पताल के डॉ. तौसीफ रिजवी और नवाबगंज सीएचसी के डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद अचलगंज एसओ ने शव को बांगरमऊ पहुंचाया।
एसपी ने बताया कि इस मामले में पहले ही अजय गौतम उर्फ लल्ली, यामीन, मोहम्मद शफी और अली मोहम्मद उर्फ मम्मद को जेल भेजा जा चुका है। पांचवां इनामी आरोपी भी जेल भेजा दिया गया है। इस दौरान एएसपी अखिलेश सिंह, सीओ संतोष सिंह, एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव, कोतवाल अखिलेश पांडेय टीम के साथ मौजूद रहे।
मुख्य आरोपी और साथी का था पहला अपराध
मुठभेड़ में मारा गया इनामी इजराइल उर्फ इसराइल मूल रूप से बांगरमऊ कोतवाली के केसरीपुरवा गांव का था। वह 10 साल से पुरबिया टोला में घर बनाकर रह रहा था। वह मजदूरी करता था और नशे का लती था। साधु की हत्या में मुख्य आरोपी होने से घटना के बाद पत्नी सायदा, पांच बच्चों के साथ घर पर ताला बंद कर कहीं चली गई थी। इजराइल भाइयों से अलग रहता था। पुलिस मुठभेड़ में पति की मौत की सूचना पर सायदा घर पहुंची। पोस्टमार्टम हाउस में भी परिवार के केवल तीन सदस्य पहुंचे। इसराइल आठ भाइयों में पांचवें नंबर का था। उसके भाइयों की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है। मुठभेड़ में मारे गए इजराइल और साथी शानू का इस घटना से पहले का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास पुलिस के पास नहीं है।
मुठभेड़ में मारा गया इनामी इजराइल उर्फ इसराइल मूल रूप से बांगरमऊ कोतवाली के केसरीपुरवा गांव का था। वह 10 साल से पुरबिया टोला में घर बनाकर रह रहा था। वह मजदूरी करता था और नशे का लती था। साधु की हत्या में मुख्य आरोपी होने से घटना के बाद पत्नी सायदा, पांच बच्चों के साथ घर पर ताला बंद कर कहीं चली गई थी। इजराइल भाइयों से अलग रहता था। पुलिस मुठभेड़ में पति की मौत की सूचना पर सायदा घर पहुंची। पोस्टमार्टम हाउस में भी परिवार के केवल तीन सदस्य पहुंचे। इसराइल आठ भाइयों में पांचवें नंबर का था। उसके भाइयों की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है। मुठभेड़ में मारे गए इजराइल और साथी शानू का इस घटना से पहले का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास पुलिस के पास नहीं है।
सांसद और विधायक ने पुलिस की कार्रवाई को सराहा
सांसद साक्षी महाराज ने पुलिस मुठभेड़ में साधु के हत्यारोपी को ढेर करने की कार्रवाई को सराहा। उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो। उधर, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार ने साधु के मुख्य हत्यारोपी इजराइल को मुठभेड़ में ढेर करने पर पुलिस की तारीफ की। कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। प्रदेश में कानून का राज है।
सांसद साक्षी महाराज ने पुलिस मुठभेड़ में साधु के हत्यारोपी को ढेर करने की कार्रवाई को सराहा। उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो। उधर, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार ने साधु के मुख्य हत्यारोपी इजराइल को मुठभेड़ में ढेर करने पर पुलिस की तारीफ की। कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। प्रदेश में कानून का राज है।
मुठभेड़ में ये पुलिस कर्मी रहे शामिल
एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी की सर्विस रोड पर हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस कर्मियों में निरीक्षक राकेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक अंसार हुसैन रिजवी, उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह, उप निरीक्षक सुरेंद्र यादव, मुख्य आरक्षी त्रिवेणी प्रताप सिंह, प्रभाकांत यादव, आरक्षी आदित्य कुमार, चालक अमित पवार, मुकेश मौर्य, मनोज पालावत के साथ एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव, उपनिरीक्षक मंसूर अहमद, मुख्य आरक्षी रोहित शर्मा, आरक्षी विकास भदौरिया, गौरव चौधरी, राहुल, यशवीर और चालक हरेश शामिल रहे।
एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी की सर्विस रोड पर हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस कर्मियों में निरीक्षक राकेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक अंसार हुसैन रिजवी, उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह, उप निरीक्षक सुरेंद्र यादव, मुख्य आरक्षी त्रिवेणी प्रताप सिंह, प्रभाकांत यादव, आरक्षी आदित्य कुमार, चालक अमित पवार, मुकेश मौर्य, मनोज पालावत के साथ एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव, उपनिरीक्षक मंसूर अहमद, मुख्य आरक्षी रोहित शर्मा, आरक्षी विकास भदौरिया, गौरव चौधरी, राहुल, यशवीर और चालक हरेश शामिल रहे।