Unnao: ‘शिक्षकों की कमी और खराब भोजन’, नाराज छात्रों का प्रदर्शन, वाहनों की लगी लंबी कतारें, पुलिस बल तैनात
Unnao News: हसनगंज-न्योतनी नगर पंचायत स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने खराब भोजन, पेयजल समस्या, शिक्षकों की कमी और प्रधानाचार्य के गलत व्यवहार से नाराज होकर मोहान चौराहे पर जाम लगा दिया। छात्र हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए और समाज कल्याण विभाग के मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उन्नाव जिले में हसनगंज न्योतनी नगर पंचायत में संचालित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने खराब भोजन पेयजल व्यवस्था सही न होने प्रधानाचार्य के गलत व्यवहार और शिक्षकों की कमी के चलते मोहान चौराहे पर जाम लगा दिया। समाज कल्याण के अधिकारी दो सीओ, एडीएम, एसडीएम, छात्रों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के सैकड़ों छात्र बुधवार सुबह छह बजे हाथों में तख्तियां लेकर मोहान चौराहे पहुंचे और जाम लगा दिया। छात्रों में सचिन चौधरी,अभिनेष, अर्जुन, फतेह खान, अविचल, आयुष अनूप नितिन, आर्यन ओम, अनुराग, गौरव वर्मा, संजीवन, चंद्र कांत अंकित आदि छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल में खाना गुणवत्तापूर्ण नहीं मिलता है, पेयजल की व्यवस्था भी सही नहीं है।
सैकड़ों की संख्या में छात्र पहुंचने से यातायात बाधित
छात्रों के प्रति प्रधानाचार्य वंदना का व्यवहार भी अच्छा नहीं है। साथ ही, शिक्षकों की कमी से पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर छात्र धरने पर बैठे हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्र पहुंचने से यातायात बाधित हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर कोतवाल शरद कुमार, सीओ तेज बहादुर सिंह, अजगैन, सोहरामऊ और पुरवा पुलिस सीओ अरविंद चौरसिया, एडीएम सहित एसडीएम के साथ पहुंची।
छात्र समाज कल्याण विभाग के मंत्री को बुलाने पर अड़े
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी पहुंचे हैं, वह छात्रों से बात कर रहे हैं। पुलिस और समाज कल्याण के अधिकारियों ने समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास भी किया, लेकिन छात्र मांग पूरी न होने तक धरने पर बैठने की बात पर अड़े हैं। छात्रों का कहना है कि भोजन और पेयजल व्यवस्था काफी समय से गड़बड़ चल रही है। कई बार प्रधानाचार्य से कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्र समाज कल्याण विभाग के मंत्री को बुलाने पर अड़े हैं।