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UP: पत्नी -बच्चे और साले-सालियों के नाम फिक्स की मोटी रकम, रिश्तेदारों के लिए खरीदे घर; 800 करोड़ की कर चोरी
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 15 Mar 2026 05:33 PM IST
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सार
आयकर विभाग की टीम ने ग्रेनाइट कारोबारी सीरजध्वज और ग्रेनाइट व मेडिकल कारोबारी भाजपा नेता दिलीप सिंह के यहां लगातार शनिवार को भी जांच जारी रही।
कार्रवाई करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
बांदा में आयकर विभाग ने यूपी व एमपी के ग्रेनाइट खनन, मेडिकल और रियल एस्टेट व्यवसायों से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर चार दिनों तक छापा और जांच की कार्रवाई चली। जिसके बाद कर चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन कारोबारियों ने अपने व्यापार में 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है, जबकि वे मात्र 100 करोड़ रुपये का ही कर अदा कर रहे थे। वहीं अपनी पत्नी-बच्चे और साले-सालियों के नाम से मोटी रकम फिक्स की है।
आयकर विभाग की टीम ने ग्रेनाइट कारोबारी सीरजध्वज और ग्रेनाइट व मेडिकल कारोबारी भाजपा नेता दिलीप सिंह के यहां लगातार शनिवार को भी जांच जारी रही। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले जिनसे संकेत मिलता है कि 100 से अधिक रिश्तेदारों के नाम पर संचालित फर्मों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया जा रहा था। वहीं साले और सालियों के नाम पर मोटी रकम फिक्स की गई थी।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन कारोबारियों ने अपने व्यापार में 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है, जबकि वे मात्र 100 करोड़ रुपये का ही कर अदा कर रहे थे। वहीं अपनी पत्नी-बच्चे और साले-सालियों के नाम से मोटी रकम फिक्स की है।
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आयकर विभाग की टीम ने ग्रेनाइट कारोबारी सीरजध्वज और ग्रेनाइट व मेडिकल कारोबारी भाजपा नेता दिलीप सिंह के यहां लगातार शनिवार को भी जांच जारी रही। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले जिनसे संकेत मिलता है कि 100 से अधिक रिश्तेदारों के नाम पर संचालित फर्मों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया जा रहा था। वहीं साले और सालियों के नाम पर मोटी रकम फिक्स की गई थी।
धमकी और असहयोग किया
जांच के दौरान आयकर टीम को रिश्वत देने की कोशिश की गई और मना करने पर धमकी भी दी गई। हालांकि, टीम ने इन धमकियों को नजरअंदाज करते हुए अपना काम जारी रखा। अधिकारियों ने बताया कि कारोबारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे जांच प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। आशंका है कि जांच महीनों तक चल सकती है और फाइलों की पड़ताल के बाद और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। वहीं छापे के दौरान घरों में तहखाने जैसे स्थान भी मिले हैं। जिनकी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान आयकर टीम को रिश्वत देने की कोशिश की गई और मना करने पर धमकी भी दी गई। हालांकि, टीम ने इन धमकियों को नजरअंदाज करते हुए अपना काम जारी रखा। अधिकारियों ने बताया कि कारोबारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे जांच प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। आशंका है कि जांच महीनों तक चल सकती है और फाइलों की पड़ताल के बाद और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। वहीं छापे के दौरान घरों में तहखाने जैसे स्थान भी मिले हैं। जिनकी जांच की जा रही है।
जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए
संपत्ति के दस्तावेज
रिश्तेदारों के नाम पर लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज, राजस्थान जैसे शहरों में करोड़ों रुपये की कीमत के 40 से अधिक मकानों के बैनामे पाए गये।
संपत्ति के दस्तावेज
रिश्तेदारों के नाम पर लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज, राजस्थान जैसे शहरों में करोड़ों रुपये की कीमत के 40 से अधिक मकानों के बैनामे पाए गये।
बैंक जमा
पत्नी, बच्चों और साले-सालियों के नाम पर बैंकों में 100 करोड़ रुपये का फिक्स डिपॉजिट पाया गया है। नकदी: मकानों के तहखानों में बोरों में भरकर रखी गई 500 और 200 रुपये की लगभग 50 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।
पत्नी, बच्चों और साले-सालियों के नाम पर बैंकों में 100 करोड़ रुपये का फिक्स डिपॉजिट पाया गया है। नकदी: मकानों के तहखानों में बोरों में भरकर रखी गई 500 और 200 रुपये की लगभग 50 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।
बहुमूल्य आभूषण
लाकर से सोने और हीरे के गहने भी बरामद हुए हैं, जिनके लिए कारोबारी पक्की रसीदें प्रस्तुत नहीं की जा सकीं।
लाकर से सोने और हीरे के गहने भी बरामद हुए हैं, जिनके लिए कारोबारी पक्की रसीदें प्रस्तुत नहीं की जा सकीं।